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Mahendragarh-Narnaul News: डिजिटल माध्यमों के महत्व बताए
Mon, 10 Feb 2025 12:30 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 10 Feb 2025 12:30 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय की विधि पीठ की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सहयोग से विधि विभाग के विद्यार्थियों के लिए रील और लघु वीडियो बनाने पर केंद्रित प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस आयोजन का उद्देश्य सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना था। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विभाग की पहल की सराहना की। कुलपति ने निशुल्क कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने में डिजिटल माध्यमों के महत्व बताए। प्रतियोगिता का विषय कनेक्टिंग विद द काॅज था। इसमें विभिन्न सामाजिक-कानूनी मुद्दों को सम्मिलित किया गया।
डीएलएसए सचिव सीजेएम शैलजा गुप्ता, विधि विभाग के विभागाध्यक्ष और अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप सिंह ने विद्यार्थियों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. प्रदीप सिंह ने कानूनी जागरूकता और निशुल्क कानूनी जागरूकता से जुड़े कानून के पेशे को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल रचनात्मकता का उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक डीएलएसए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और उसके बाद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रविष्टियां भेजेगा। राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
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इस आयोजन का उद्देश्य सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देना था। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने विभाग की पहल की सराहना की। कुलपति ने निशुल्क कानूनी जागरूकता को बढ़ावा देने में डिजिटल माध्यमों के महत्व बताए। प्रतियोगिता का विषय कनेक्टिंग विद द काॅज था। इसमें विभिन्न सामाजिक-कानूनी मुद्दों को सम्मिलित किया गया।
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डीएलएसए सचिव सीजेएम शैलजा गुप्ता, विधि विभाग के विभागाध्यक्ष और अधिष्ठाता डॉ. प्रदीप सिंह ने विद्यार्थियों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. प्रदीप सिंह ने कानूनी जागरूकता और निशुल्क कानूनी जागरूकता से जुड़े कानून के पेशे को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल रचनात्मकता का उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। प्रत्येक डीएलएसए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और उसके बाद राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रविष्टियां भेजेगा। राष्ट्रीय स्तर के विजेताओं को पुरस्कार राशि और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।
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