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Mahendragarh-Narnaul News: 4 साल पहले हुई एक्सपायरी डेट, अब तक अग्निशमन यंत्रों में नहीं करवाई रीफिल
Thu, 26 Oct 2023 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 26 Oct 2023 12:19 AM IST
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नारनौल। लघु सचिवालय में अग्निशमन यंत्र तो लगे हुए है, लेकिन उन्हें रिफिल नहीं करवाया जा रहा है। इसकी वजह से अगर कोई आगजनी की घटना हो जाती है तो आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि लघु सचिवालय में लगे अग्निशमन यंत्रों की 4 साल पहले ही एक्सपायरी डेट बीत चुकी है। ऐसा नहीं है कि लघु सचिवालय में एक दो ही अग्निशमन यंत्र लगे हुए है, बल्कि प्रत्येक कार्यालय के पास लगे हुए है। रीफिल नहीं करवाने से मुसीबत के समय बेकार साबित हो सकते हैं। ऐसे में अगर आगजनी की घटना हो जाती है तो दमकल विभाग को ही यहां पहुंच कर आग पर काबू पाना पड़ेगा, लेकिन तब तक आगजनी की घटना से काफी नुकसान हो सकता है।
इसको लेकर जब बुधवार को लघु सचिवालय में लगे अग्निशमन यंत्रों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। निरीक्षण के दौरान ज्यादातर अग्निशमन यंत्रों की 4 साल पहले ही समय अवधि समाप्त हो चुकी है। आग जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए सभी सरकारी विभागों में अग्निशमन यंत्र लगे होने जरूरी हैं। इन अग्निशमन यंत्र को हर साल रिफिल करवाना जरूरी होता है, लेकिन लघु सचिवालय में लगे इन अग्निशमन यंत्रों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इन्हें रिफिल करवाने की तरफ किसी भी जिम्मेदार का ध्यान नहीं है।
जुलाई 2018 से जुलाई 2019 तक मिले वैध
अजीब बात है 4 साल बीतने के बाद अग्निशमन यंत्रों में रिफिल नहीं करवाया गया है। लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त, तहसीलदार, समाज कल्याण विभाग सहित अनेक कार्यालयों के बाहर लगे अग्निशमन यंत्र की जुलाई 2018 से जुलाई 2019 तक वैध मिले है, अब 4 साल बाद भी रिफिल नहीं करवाई गई है। अगर आगजनी की घटना हो जाती है तो ज्यादातर कार्यालयों के रिकॉर्ड नष्ट हो सकते हैं, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी किसी ने अग्निशमन यंत्रों को रीफिल करवाने के लिए आगामी कार्रवाई नहीं की।
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हर कार्यालय के पास एक अग्निशमन यंत्र
लघु सचिवालय में हर कार्यालय के बाहर एक अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। विडंबना यह है लगने के बाद भी किसी ने रिफिल नहीं करवाने की सोची। अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट होने से इन सभी के सही से काम करने की संभावना कम ही है। ऐसे में आग लगने की घटना होने पर दमकल विभाग को ही कड़ी मशक्कत करनी होगी। लघु सचिवालय में अलग-अलग कामों से प्रतिदिन 1000 से 1500 लोग यहां आते हैं। ग्राउंड फ्लोर के अलावा पहली और दूसरी मंजिल पर अधिकारियों के कार्यालय हैं।
लघु सचिवालय सहित अन्य विभागों को अग्निशमन यंत्रों में रीफिल करवाने के लिए नोटिस दिया गया है, ताकि आगजनी की घटना होने पर तुरंत काबू पाया जा सके।
-राजबीर सिंह, फायर अधिकारी, नारनौल।
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इसको लेकर जब बुधवार को लघु सचिवालय में लगे अग्निशमन यंत्रों की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। निरीक्षण के दौरान ज्यादातर अग्निशमन यंत्रों की 4 साल पहले ही समय अवधि समाप्त हो चुकी है। आग जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए सभी सरकारी विभागों में अग्निशमन यंत्र लगे होने जरूरी हैं। इन अग्निशमन यंत्र को हर साल रिफिल करवाना जरूरी होता है, लेकिन लघु सचिवालय में लगे इन अग्निशमन यंत्रों पर नियमों का पालन नहीं हो रहा है। इन्हें रिफिल करवाने की तरफ किसी भी जिम्मेदार का ध्यान नहीं है।
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जुलाई 2018 से जुलाई 2019 तक मिले वैध
अजीब बात है 4 साल बीतने के बाद अग्निशमन यंत्रों में रिफिल नहीं करवाया गया है। लघु सचिवालय में जिला उपायुक्त, तहसीलदार, समाज कल्याण विभाग सहित अनेक कार्यालयों के बाहर लगे अग्निशमन यंत्र की जुलाई 2018 से जुलाई 2019 तक वैध मिले है, अब 4 साल बाद भी रिफिल नहीं करवाई गई है। अगर आगजनी की घटना हो जाती है तो ज्यादातर कार्यालयों के रिकॉर्ड नष्ट हो सकते हैं, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी किसी ने अग्निशमन यंत्रों को रीफिल करवाने के लिए आगामी कार्रवाई नहीं की।
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हर कार्यालय के पास एक अग्निशमन यंत्र
लघु सचिवालय में हर कार्यालय के बाहर एक अग्निशमन यंत्र लगा हुआ है। विडंबना यह है लगने के बाद भी किसी ने रिफिल नहीं करवाने की सोची। अग्निशमन यंत्रों की एक्सपायरी डेट होने से इन सभी के सही से काम करने की संभावना कम ही है। ऐसे में आग लगने की घटना होने पर दमकल विभाग को ही कड़ी मशक्कत करनी होगी। लघु सचिवालय में अलग-अलग कामों से प्रतिदिन 1000 से 1500 लोग यहां आते हैं। ग्राउंड फ्लोर के अलावा पहली और दूसरी मंजिल पर अधिकारियों के कार्यालय हैं।
लघु सचिवालय सहित अन्य विभागों को अग्निशमन यंत्रों में रीफिल करवाने के लिए नोटिस दिया गया है, ताकि आगजनी की घटना होने पर तुरंत काबू पाया जा सके।
-राजबीर सिंह, फायर अधिकारी, नारनौल।