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शोध: सूर्य की चाल के अनुरूप एकत्र होगी ऊर्जा... ई-वाहन होंगे चार्ज; महज नौ लाख की लागत से तैयार होगा स्टेशन

Sat, 13 Jan 2024 10:11 AM IST
शाहरुख खान मनोज राजपूत, अमर उजाला, महेंद्रगढ़
मनोज राजपूत, अमर उजाला, महेंद्रगढ़ Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 13 Jan 2024 10:11 AM IST
सार

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षक के तैयार किए गए वाहनों के लिए सौर ऊर्जा चार्जिंग स्टेशन के डिजाइन को पेटेंट मिल गया है। महज 9 लाख रुपये की लागत से इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन तैयार हो सकेगा। 15 किलोवाट की उत्पादन क्षमता होगी। इसमें सूर्य की चाल के अनुरूप ऊर्जा एकत्र होगी।

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Energy will be collected according to movement of Sun E-vehicles will be charged Mahendragarh research
डॉ़ मुनीष मानस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षक डॉ. मुनीष मानस ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सोलर चार्जिंग का ऐसा डिजाइन तैयार किया है जो आने वाले समय में ईवी की दुनिया में नया अध्याय लिख सकता है। शोध के अंतर्गत, सूर्य की चाल के अनुरूप ऊर्जा एकत्र की जाएगी, जिससे वाहनों को चार्ज किया जा सकेगा। 
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सबसे खास पहलू इसकी कीमत है। महज नौ लाख रुपये की लागत से 15 किलोवाट का चार्जिंग स्टेशन तैयार किया जा सकता है। इस शोध कार्य के लिए डॉ. मुनीष मानस को उनके सहयोगी रजत यादव व नितिन कुमार के साथ पेटेंट भी प्राप्त हुआ है। कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने बधाई दी।
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ऐसे काम करेगा
विश्वविद्यालय की अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी पीठ के अंतर्गत आने वाले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक आचार्य डॉ. मुनीष मानस ने बताया कि उनकी खोज में फ्लोटिंग सोलर फोटोवोलेटिक शीट तैयार की गई है।
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यह शीट सूर्य की किरणों के अनुरूप अपनी दिशा बदलकर ऊर्जा विकसित कर सकती है। सूरज से मिलने वाली अधिकतम ऊर्जा सूर्य की सीधी रोशनी पड़ने पर प्राप्त होती है। इसी क्रम में दिन में विभिन्न समय पर यह स्तर बदलता रहता है और उसी के अनुरूप ऊर्जा प्राप्त होती है।

ऊर्जा की उपलब्धता मौसम पर भी निर्भर रहती है, इसलिए ऐसी शीट तैयार की है जो स्वतः निर्धारित प्रोग्रामिंग के अंतर्गत सूरज की रोशनी के अनुरूप अपनी दिशा बदल सके। इस तरह इलेक्ट्रिक व्हिकल्स के लिए आवश्यक ऊर्जा को सूरज की मदद से विकसित व संग्रह कर उपयोग में लाया जा सकेगा।

डॉ. मानस के 4 शोध को मिल चुके हैं पेटेंट

डॉ. मुनीष मानस के चार शोध को पेटेंट मिल हो चुके हैं। साथ ही ऊर्जा से जुड़ी देशभर की प्रसिद्ध विभिन्न संस्थाओं के साथ कार्य भी कर रहे हैं। 18 शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र में प्रकाशित हो चुके हैं।
 
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