{"_id":"6871510ff470617390007bb6","slug":"ending-child-marriage-is-a-collective-responsibility-narnol-news-c-196-1-nnl1004-126987-2025-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: बाल विवाह समाप्त करना सामूहिक जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: बाल विवाह समाप्त करना सामूहिक जिम्मेदारी
Fri, 11 Jul 2025 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Fri, 11 Jul 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
फोटो 3बाल विवाह अधिनियम को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते एडीसी सुशील कुमार।स्रोत डीआईपीआरओ
नारनौल। अतिरिक्त उपायुक्त सुशील कुमार ने कहा कि जिला महेंद्रगढ़ में सरकार और प्रशासन की सजगता से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई लगभग समाप्ति पर है।
एडीसी शुक्रवार को बाल विवाह रोकने के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बाल विवाह को समाप्त करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जहां भी बाल विवाह की सूचना मिले तो उस पर स्वत संज्ञान लेकर बाल विवाह को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। इसमें पुलिस और बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि बाल विवाह से बचाए गए बच्चों की देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करना, उनके सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना भी इसी कमेटी का कार्य है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त गांव पहल के तहत ऐसे गांवों और ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त प्रमाण पत्र प्रदान करके उन्हें प्रोत्साहित करें। इस बैठक में सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डीएसपी भारत भूषण, जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव, डीडीपीओ हरिप्रकाश बंसल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
एडीसी शुक्रवार को बाल विवाह रोकने के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बाल विवाह को समाप्त करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जहां भी बाल विवाह की सूचना मिले तो उस पर स्वत संज्ञान लेकर बाल विवाह को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। इसमें पुलिस और बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि बाल विवाह से बचाए गए बच्चों की देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास सुनिश्चित करना, उनके सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना भी इसी कमेटी का कार्य है।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त गांव पहल के तहत ऐसे गांवों और ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त प्रमाण पत्र प्रदान करके उन्हें प्रोत्साहित करें। इस बैठक में सीएमओ डॉ. अशोक कुमार, डीएसपी भारत भूषण, जिला कार्यक्रम अधिकारी संगीता यादव, डीडीपीओ हरिप्रकाश बंसल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन