{"_id":"6a932d642af167877507f064","slug":"employees-anger-erupts-over-demands-stalled-for-two-yearsemployees-anger-erupts-over-demands-stalled-for-two-years-narnol-news-c-203-1-mgh1004-129538-2026-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: दो साल से अटकी मांगों पर कर्मचारियों का फूटा गुस्सा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: दो साल से अटकी मांगों पर कर्मचारियों का फूटा गुस्सा
विज्ञापन
कनीना। हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन की बैठक शनिवार को कान्हा सिंह पार्क में हुई। बैठक में कर्मचारियों की करीब दो वर्षों से लंबित मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई। कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि तीन दिन में प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय नहीं दिया गया तो यूनियन धरना-प्रदर्शन करेगी।
ब्रांच प्रधान नरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की कई जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। संगठन ने मंडल कार्यालय अटेली के कार्यकारी अभियंता से मिलने के लिए कई बार मौखिक और 10 अगस्त को लिखित रूप से समय मांगा लेकिन करीब 20 दिन बीतने के बाद भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि नियमित और पार्ट-टाइम कर्मचारियों के जूते, डांगरी और रेनकोट के भुगतान की रसीदें कई महीनों से लंबित हैं। एचकेआरएन कर्मचारियों को भी दो साल से साबुन नहीं मिला है। उनके जूते, डांगरी और रेनकोट से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हुई हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने विभिन्न साइटों पर प्लास, पेचकस, रबड़ के दस्ताने, प्लास्टिक मैट और टूल-किट जैसे जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की। कुछ साइटों पर बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं हैं।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एलओसी आने पर ठेकेदारों के भुगतान को प्राथमिकता मिलती है, जबकि कर्मचारियों के बकाया भुगतान रोक दिए जाते हैं। उन्होंने लंबित भुगतान जल्द करने की मांग की। बैठक में नवीन खैराना, सूबे सिंह, सचिन रंगा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
ब्रांच प्रधान नरेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की कई जायज मांगें लंबे समय से लंबित हैं। संगठन ने मंडल कार्यालय अटेली के कार्यकारी अभियंता से मिलने के लिए कई बार मौखिक और 10 अगस्त को लिखित रूप से समय मांगा लेकिन करीब 20 दिन बीतने के बाद भी कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन
यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि नियमित और पार्ट-टाइम कर्मचारियों के जूते, डांगरी और रेनकोट के भुगतान की रसीदें कई महीनों से लंबित हैं। एचकेआरएन कर्मचारियों को भी दो साल से साबुन नहीं मिला है। उनके जूते, डांगरी और रेनकोट से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी नहीं हुई हैं।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने विभिन्न साइटों पर प्लास, पेचकस, रबड़ के दस्ताने, प्लास्टिक मैट और टूल-किट जैसे जरूरी सामान उपलब्ध कराने की मांग की। कुछ साइटों पर बैठने के लिए कुर्सियां तक नहीं हैं।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि एलओसी आने पर ठेकेदारों के भुगतान को प्राथमिकता मिलती है, जबकि कर्मचारियों के बकाया भुगतान रोक दिए जाते हैं। उन्होंने लंबित भुगतान जल्द करने की मांग की। बैठक में नवीन खैराना, सूबे सिंह, सचिन रंगा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।