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Mahendragarh-Narnaul News: युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, शुद्ध आचरण और स्वदेशी विचारों को अपनाने पर दिया बल
Sat, 21 Jun 2025 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 21 Jun 2025 11:43 PM IST
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फोटो संख्या:71- राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में आयोजित आर्य समाज के वार्षिक उत्सव में म
कनीना। राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में शनिवार को आर्य समाज के दो दिवसीय खंडस्तरीय वार्षिकोत्सव की शुरुआत वैदिक मंत्रों के साथ की गई। कार्यक्रम में वैदिक संस्कृति, राष्ट्र सेवा और सामाजिक उत्थान के विचारों का व्यापक प्रसार हुआ।
आर्य जगत के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. मोहन मनीषी कनीना, स्वामी आत्मानंद वैदिक गुरुकुल के आचार्य सोमदेव आर्य, सुप्रसिद्ध भजनोपदेशिका अंजली आर्या (घरौड़ा), यश देव शास्त्री ने प्रेरित किया।
वार्षिकोत्सव के पहले दिन आयोजित विचार संगोष्ठी में ईसाई, इस्लामी, वामपंथी और आर्य समाज की विचारधाराओं की तुलनात्मक विवेचना प्रस्तुत की गई। कवि डॉ. मोहन मनीषी ने ऋषि दयानंद सरस्वती के बहुआयामी कार्यों पर कहा कि उन्होंने न केवल वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी ऐतिहासिक योगदान दिया।
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उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण के जीवन चरित्र को शुद्ध रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। 1879 में रेवाड़ी में प्रथम गोशाला की स्थापना की और गुरुकुल पद्धति को पुनर्जीवित किया। कार्यक्रम में डॉ. पवित्र राव ने स्त्री शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी समाज तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसकी नारी शक्ति शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होती।
उन्होंने कहा कि ऋषि दयानंद ने जिस युग में नारी शिक्षा की बात की थी, वह आज भी प्रासंगिक है। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, शुद्ध आचरण और स्वदेशी विचारों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया से ऊपर उठकर स्वाध्याय, संयम और सेवा को जीवन का आधार बनाएं। हमारे पास दुनिया को देने के लिए वेदों का ज्ञान, योग की शक्ति और संस्कारों का खजाना है, इसे भूलना हमारी सबसे बड़ी भूल होगी।
वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन भजन, प्रवचन और यज्ञ सहित विभिन्न वैदिक सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होगा।आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रो. सचिन शर्मा ने किया। इस दौरान बंशीधर कलवाड़ी, सतीश आर्य रसूलपुर, बुधराम आर्य, रामेश्वर दयाल शास्त्री, मोहर सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश आर्य, बलवान आर्य, विनोद कुमार शास्त्री, वेद प्रकाश आर्य, इंद्रलाल शर्मा, यश देव आर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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आर्य जगत के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. मोहन मनीषी कनीना, स्वामी आत्मानंद वैदिक गुरुकुल के आचार्य सोमदेव आर्य, सुप्रसिद्ध भजनोपदेशिका अंजली आर्या (घरौड़ा), यश देव शास्त्री ने प्रेरित किया।
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वार्षिकोत्सव के पहले दिन आयोजित विचार संगोष्ठी में ईसाई, इस्लामी, वामपंथी और आर्य समाज की विचारधाराओं की तुलनात्मक विवेचना प्रस्तुत की गई। कवि डॉ. मोहन मनीषी ने ऋषि दयानंद सरस्वती के बहुआयामी कार्यों पर कहा कि उन्होंने न केवल वेदों की ओर लौटने का आह्वान किया, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी ऐतिहासिक योगदान दिया।
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उन्होंने भगवान राम और भगवान कृष्ण के जीवन चरित्र को शुद्ध रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया। 1879 में रेवाड़ी में प्रथम गोशाला की स्थापना की और गुरुकुल पद्धति को पुनर्जीवित किया। कार्यक्रम में डॉ. पवित्र राव ने स्त्री शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी समाज तब तक पूर्ण रूप से विकसित नहीं हो सकता, जब तक उसकी नारी शक्ति शिक्षित और आत्मनिर्भर नहीं होती।
उन्होंने कहा कि ऋषि दयानंद ने जिस युग में नारी शिक्षा की बात की थी, वह आज भी प्रासंगिक है। वक्ताओं ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, शुद्ध आचरण और स्वदेशी विचारों को अपनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया से ऊपर उठकर स्वाध्याय, संयम और सेवा को जीवन का आधार बनाएं। हमारे पास दुनिया को देने के लिए वेदों का ज्ञान, योग की शक्ति और संस्कारों का खजाना है, इसे भूलना हमारी सबसे बड़ी भूल होगी।
वार्षिकोत्सव के दूसरे दिन भजन, प्रवचन और यज्ञ सहित विभिन्न वैदिक सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होगा।आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रम में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की है। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रो. सचिन शर्मा ने किया। इस दौरान बंशीधर कलवाड़ी, सतीश आर्य रसूलपुर, बुधराम आर्य, रामेश्वर दयाल शास्त्री, मोहर सिंह आर्य, कृष्ण प्रकाश आर्य, बलवान आर्य, विनोद कुमार शास्त्री, वेद प्रकाश आर्य, इंद्रलाल शर्मा, यश देव आर्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

फोटो संख्या:71- राजकीय कन्या उच्च विद्यालय कनीना में आयोजित आर्य समाज के वार्षिक उत्सव में म