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Mahendragarh-Narnaul News: सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करने पर जोर
Sun, 08 Jun 2025 12:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 08 Jun 2025 12:09 AM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के पर्यावरण अध्ययन विभाग ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी), क्षेत्रीय कार्यालय महेंद्रगढ़ के सहयोग से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कार्यक्रम किया।
आयोजन में भूपेंद्रा महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत में पर्यावरण अध्ययन विभाग के प्रो. भूपेंद्र सिंह, कीटअप इंडस्ट्रीज की सह संस्थापक डॉ. पुनीता शर्मा तथा एचएसपीसीबी, महेंद्रगढ़ में सहायक पर्यावरण अभियंता दीपेश काल्हेर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करने पर जोर दिया। डॉ. अनीता सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य वक्ता प्रो. भूपेंद्र सिंह ने प्लास्टिक प्रदूषण की सर्वव्यापकता और इसके मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण पर दुष्प्रभावों पर चर्चा की।
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उन्होंने इसके प्रबंधन के लिए शैक्षणिक और नीति-स्तरीय उपायों की भी जानकारी दी। डॉ. पुनीता शर्मा ने उद्योग जगत की ओर से सतत नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से प्लास्टिक के वैकल्पिक समाधानों को प्रस्तुत किया। इस मौके पर डॉ. अनूप यादव, प्रो. दिनेश गुप्ता, दीपेश काल्हेर आदि मौजूद रहे।
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आयोजन में भूपेंद्रा महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत में पर्यावरण अध्ययन विभाग के प्रो. भूपेंद्र सिंह, कीटअप इंडस्ट्रीज की सह संस्थापक डॉ. पुनीता शर्मा तथा एचएसपीसीबी, महेंद्रगढ़ में सहायक पर्यावरण अभियंता दीपेश काल्हेर विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने सिंगल यूज प्लास्टिक को समाप्त करने पर जोर दिया। डॉ. अनीता सिंह ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य वक्ता प्रो. भूपेंद्र सिंह ने प्लास्टिक प्रदूषण की सर्वव्यापकता और इसके मानव स्वास्थ्य व पर्यावरण पर दुष्प्रभावों पर चर्चा की।
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उन्होंने इसके प्रबंधन के लिए शैक्षणिक और नीति-स्तरीय उपायों की भी जानकारी दी। डॉ. पुनीता शर्मा ने उद्योग जगत की ओर से सतत नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से प्लास्टिक के वैकल्पिक समाधानों को प्रस्तुत किया। इस मौके पर डॉ. अनूप यादव, प्रो. दिनेश गुप्ता, दीपेश काल्हेर आदि मौजूद रहे।