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Mahendragarh-Narnaul News: कपास की खेती में बढ़ेगी कमाई, किसानों को सिखाए आधुनिक तरीके
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फोटो संख्या:76- कनीना में किसानों को कपास के खेत की कृषि विभाग के अधिकारी--स्रोत- विभाग
कनीना। कपास की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए कपास क्रांति योजना के तहत कनीना उपमंडल के गांव चेलावास और पोता में किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों कार्यक्रमों में 60 से अधिक किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कपास की अच्छी पैदावार लेने और फसल को कीट व रोगों से बचाने के तरीके बताए।
चेलावास में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अरविंद यादव एटीएम की ओर से किया गया। उन्होंने किसानों को कपास की फसल में लगने वाले विभिन्न रोगों और कीटों की पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फसल में किसी भी बीमारी या कीट का प्रकोप दिखाई देने पर तुरंत उसकी पहचान कर उचित उपाय करना जरूरी है। इससे फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न अनुदान योजनाओं की जानकारी भी दी गई। किसानों को बताया गया कि आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
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विशेषज्ञों ने संतुलित खाद और उर्वरक के इस्तेमाल, समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण तथा फसल की नियमित निगरानी पर जोर दिया। पोता गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मनीष की ओर से किया गया।
इस दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से कपास की खेती से जुड़ी समस्याओं और सवालों पर चर्चा की। कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और आधुनिक तकनीक अपनाकर कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
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चेलावास में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अरविंद यादव एटीएम की ओर से किया गया। उन्होंने किसानों को कपास की फसल में लगने वाले विभिन्न रोगों और कीटों की पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फसल में किसी भी बीमारी या कीट का प्रकोप दिखाई देने पर तुरंत उसकी पहचान कर उचित उपाय करना जरूरी है। इससे फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है।
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प्रशिक्षण के दौरान किसानों को कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से चलाई जा रही विभिन्न अनुदान योजनाओं की जानकारी भी दी गई। किसानों को बताया गया कि आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती की लागत कम करने के साथ उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
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विशेषज्ञों ने संतुलित खाद और उर्वरक के इस्तेमाल, समय पर सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण तथा फसल की नियमित निगरानी पर जोर दिया। पोता गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन डॉ. मनीष की ओर से किया गया।
इस दौरान किसानों ने विशेषज्ञों से कपास की खेती से जुड़ी समस्याओं और सवालों पर चर्चा की। कृषि अधिकारियों ने किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और आधुनिक तकनीक अपनाकर कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।