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स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी के लिए नप के पास एक माह का वक्त
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मोहल्ला जमालपुर में पड़ी गंदगी के ढेर में मुंह मारता लावारिस पशु।
- फोटो : Narnol
अगले साल जनवरी से स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य शुरू होगा। लेकिन, नगर परिषद इसे लेकर अभी गंभीर नजर नहीं आ रहा है। शहर में सफाई व्यवस्था का हाल खराब है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। यदि इसी गति से नप का कार्य चलता रहा तो स्वच्छता रैंकिंग में हाल पिछले साल जैसा होगा।
बता दें कि जनवरी 2020 स्वच्छ सर्वेक्षण होना है। लेकिन, नगर परिषद नारनौल इसे लेकर गंभीर नहीं है। अभी तक स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नप ने कार्य योजना बनाकर लागू नहीं की है। तीन दिन पहले नप ने लोगों की सफाई संबंधी समस्या के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया था। इस रोजाना करीब 25-30 शिकायतें आ रही है। संसाधनों की कमी से जूझ रहे नप रोजाना समस्याओं को नहीं निपटा पा रहा है। ऐसे में मोहल्लों की नियमित सफाई व कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। मोहल्लों में रोजाना कूड़े के का उठान न होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर नियमित रुप से सफाई कर्मी भी नहीं पहुंचते। सार्वजनिक शौचालयों का हाल बुरा है। दूसरी ओर डीसी के निर्देश के बाद भी शहर में व्यापक स्तर पर सफाई संबंधी कार्य शुरू नहीं हुए हैं। बता दें कि पिछले साल शहर की सफाई रैंकिंग में सुधार आने के बजाय गिरावट आई थी। नार्थ जोन के शहरों में 583 वां स्थान था।
ये तैयारियां करनी हैं
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी होना चाहिए। नारनौल नप ने इसे लेकर कदम नहीं उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से इसके लिए पैसे स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन, टेंडर अलॉट करने और देने में समय लगेगा। ऐसे में एक माह में इसे लागू करना नप के लिए आसान नहीं है। शहर के 25 वार्डों में सौ फीसदी कूड़ा कलेक्शन करना है। एक माह इसे लागू करना कठिन होगा।
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कूड़े को अलग-अलग करना
पूरे शहर में नप ने गीला-सूखा कूड़े को अलग-अलग करने का इंतजाम नहीं किया है। नप ने पूरे शहर में तीस बड़े डस्टबिन ही रखवाएं है। ऐसे में अभी दोनों प्रकार के कूड़े एक ही जगह फेंके जा रहे हैं। जबकि, सरकार का प्रयास है कि घर से ही कूड़े को अलग-अलग कर दिया जाए। इसके लिए नप ने कोई पहल अभी तक नहीं की है। इसके लिए आए डस्टबिन कबाड़ रहे हैं।
सुंदरीकरण व सर्वेक्षण के होर्डिंग्स
इसके तहत शहर में सुंदरीकरण करने की योजना है। इसके तहत प्रमुख जगहों पर वाल पेंटिंग करना है। जिससे लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जा सके। अभी तक इस पर कार्य नहीं हुआ है। हालांकि यह भी कार्य जल्दबाजी में होगा। सर्वेक्षण के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए नप की ओर से वाल पेंटिंग और होर्डिंग्स लगाए जाने हैं। लेकिन, इसे लेकर नप ने कोई पहल नहीं की है। इसे भी ऐन वक्त पर नप की ओर से लगाया जाएगा।
शहर की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेेक्षण को लेकर कार्य योजना तैयारी की गई है। रविवार को सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शहर में जल्द ही छोटे डस्टबिन रखवा दिए जाएंगे। लोगों को भी सफाई में सहयोग करना होगा।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नप नारनौल
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बता दें कि जनवरी 2020 स्वच्छ सर्वेक्षण होना है। लेकिन, नगर परिषद नारनौल इसे लेकर गंभीर नहीं है। अभी तक स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नप ने कार्य योजना बनाकर लागू नहीं की है। तीन दिन पहले नप ने लोगों की सफाई संबंधी समस्या के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किया था। इस रोजाना करीब 25-30 शिकायतें आ रही है। संसाधनों की कमी से जूझ रहे नप रोजाना समस्याओं को नहीं निपटा पा रहा है। ऐसे में मोहल्लों की नियमित सफाई व कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। मोहल्लों में रोजाना कूड़े के का उठान न होने पर लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का आरोप है कि कई जगहों पर नियमित रुप से सफाई कर्मी भी नहीं पहुंचते। सार्वजनिक शौचालयों का हाल बुरा है। दूसरी ओर डीसी के निर्देश के बाद भी शहर में व्यापक स्तर पर सफाई संबंधी कार्य शुरू नहीं हुए हैं। बता दें कि पिछले साल शहर की सफाई रैंकिंग में सुधार आने के बजाय गिरावट आई थी। नार्थ जोन के शहरों में 583 वां स्थान था।
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ये तैयारियां करनी हैं
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन
स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत शहर में डोर-टू डोर कूड़ा कलेक्शन 100 फीसदी होना चाहिए। नारनौल नप ने इसे लेकर कदम नहीं उठाया है। हालांकि सरकार की ओर से इसके लिए पैसे स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन, टेंडर अलॉट करने और देने में समय लगेगा। ऐसे में एक माह में इसे लागू करना नप के लिए आसान नहीं है। शहर के 25 वार्डों में सौ फीसदी कूड़ा कलेक्शन करना है। एक माह इसे लागू करना कठिन होगा।
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कूड़े को अलग-अलग करना
पूरे शहर में नप ने गीला-सूखा कूड़े को अलग-अलग करने का इंतजाम नहीं किया है। नप ने पूरे शहर में तीस बड़े डस्टबिन ही रखवाएं है। ऐसे में अभी दोनों प्रकार के कूड़े एक ही जगह फेंके जा रहे हैं। जबकि, सरकार का प्रयास है कि घर से ही कूड़े को अलग-अलग कर दिया जाए। इसके लिए नप ने कोई पहल अभी तक नहीं की है। इसके लिए आए डस्टबिन कबाड़ रहे हैं।
सुंदरीकरण व सर्वेक्षण के होर्डिंग्स
इसके तहत शहर में सुंदरीकरण करने की योजना है। इसके तहत प्रमुख जगहों पर वाल पेंटिंग करना है। जिससे लोगों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जा सके। अभी तक इस पर कार्य नहीं हुआ है। हालांकि यह भी कार्य जल्दबाजी में होगा। सर्वेक्षण के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए नप की ओर से वाल पेंटिंग और होर्डिंग्स लगाए जाने हैं। लेकिन, इसे लेकर नप ने कोई पहल नहीं की है। इसे भी ऐन वक्त पर नप की ओर से लगाया जाएगा।
शहर की सफाई पर ध्यान दिया जा रहा है। स्वच्छता सर्वेेक्षण को लेकर कार्य योजना तैयारी की गई है। रविवार को सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। शहर में जल्द ही छोटे डस्टबिन रखवा दिए जाएंगे। लोगों को भी सफाई में सहयोग करना होगा।
- भारती सैनी, चेयरपर्सन, नप नारनौल