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Mahendragarh-Narnaul News: निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने की हड़ताल, सरकारी अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
Sun, 18 Aug 2024 01:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 18 Aug 2024 01:12 AM IST
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नारनौल।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की अपील पर निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने शनिवार को अपनी सेवाएं बंद रखकर कोलकाता में मेडिकल स्टूडेंट के साथ हुई बर्बरता पर रोष जताया। इसके चलते शहर के निजी अस्पताल सुबह 6 बजे से बंद रहे, जो रविवार सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे। एसोसिएशन से जुड़े सभी चिकित्सकों ने शुक्रवार रात को कैंडल मार्च निकालकर अपना रोष प्रकट किया।
निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिलने की वजह से शनिवार को नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा मरीजों की भीड़ रही। नागरिक अस्पताल में शनिवार को करीब 2000 के पास ओपीडी पहुंच गई, वहीं शुक्रवार को 1100 के पास ओपीडी रही थी। ऐसे में ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लगी लगी रही।
जयपुर हार्ट हॉस्पिटल के संचालक और आईएमए के उप प्रधान डाॅ. एसएस यादव, स्पर्श अस्पताल के डाॅ. रितेश यादव व संवेदना अस्पताल के डाॅ. सुरेंद्र मित्तल ने बताया कि कोलकाता में एक ट्रेनी डॉक्टर की बर्बरता के साथ हत्या कर दी गई। इसके विरोध में पूरे हरियाणा में मेडिकल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके तहत जिला महेंद्रगढ़ के डॉक्टरों ने भी डायग्नोसिस व आवश्यक सेवाएं बंद कर दी। उन्होंने बताया कि उनकी मुख्य मांग मृतका को न्याय दिलाना है। इसके तहत सरकार सीबीआई की फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाएं तथा जल्द ही न्याय दिलवाए। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि अस्पतालों के अंदर डॉक्टर और स्टाफ की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। इसके तहत केंद्र सरकार की ओर से 2019 में अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा के लिए हिंसा रोकथाम कानून को जल्द बनाया जाए। अस्पताल में काम करने वालों की सुरक्षा निर्धारित की जाए तथा रेजिडेंट डॉक्टर्स को भी सुरक्षा दी जाए।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की अपील पर निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने शनिवार को अपनी सेवाएं बंद रखकर कोलकाता में मेडिकल स्टूडेंट के साथ हुई बर्बरता पर रोष जताया। इसके चलते शहर के निजी अस्पताल सुबह 6 बजे से बंद रहे, जो रविवार सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगे। एसोसिएशन से जुड़े सभी चिकित्सकों ने शुक्रवार रात को कैंडल मार्च निकालकर अपना रोष प्रकट किया।
निजी अस्पतालों में उपचार नहीं मिलने की वजह से शनिवार को नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ रही। सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा मरीजों की भीड़ रही। नागरिक अस्पताल में शनिवार को करीब 2000 के पास ओपीडी पहुंच गई, वहीं शुक्रवार को 1100 के पास ओपीडी रही थी। ऐसे में ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन लगी लगी रही।
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जयपुर हार्ट हॉस्पिटल के संचालक और आईएमए के उप प्रधान डाॅ. एसएस यादव, स्पर्श अस्पताल के डाॅ. रितेश यादव व संवेदना अस्पताल के डाॅ. सुरेंद्र मित्तल ने बताया कि कोलकाता में एक ट्रेनी डॉक्टर की बर्बरता के साथ हत्या कर दी गई। इसके विरोध में पूरे हरियाणा में मेडिकल सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसके तहत जिला महेंद्रगढ़ के डॉक्टरों ने भी डायग्नोसिस व आवश्यक सेवाएं बंद कर दी। उन्होंने बताया कि उनकी मुख्य मांग मृतका को न्याय दिलाना है। इसके तहत सरकार सीबीआई की फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाएं तथा जल्द ही न्याय दिलवाए। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि अस्पतालों के अंदर डॉक्टर और स्टाफ की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाए। इसके तहत केंद्र सरकार की ओर से 2019 में अस्पताल कर्मियों की सुरक्षा के लिए हिंसा रोकथाम कानून को जल्द बनाया जाए। अस्पताल में काम करने वालों की सुरक्षा निर्धारित की जाए तथा रेजिडेंट डॉक्टर्स को भी सुरक्षा दी जाए।
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