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Mahendragarh-Narnaul News: दिव्यांग संघ उमंग ने उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
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फोटो 13 मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते उमंग के पदाधिकारी। संस्था
नारनौल। हरियाणा सरकार की ओर से दिव्यांग कर्मचारियों की सेवा-आयु से संबंधित नियमों में किए गए संशोधन को लेकर प्रदेशभर में रोष बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में विकलांग संघ उमंग के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपते हुए 3 फरवरी की गजट अधिसूचना को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
उमंग के जिला अध्यक्ष विजय यादव ने बताया कि हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन कर 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांग कर्मचारियों की 60 वर्ष की सेवा-आयु व्यवस्था समाप्त कर दी गई है जो दिव्यांग कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
संघ का कहना है कि दिव्यांग कर्मचारी पहले से ही शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। उन्हें दी गई अतिरिक्त सेवा-आयु समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई थी। इसे समाप्त करना समानता के सिद्धांत और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के विरुद्ध है।
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विजय यादव ने आरोप लगाया कि यह निर्णय बिना किसी सामाजिक प्रभाव आकलन और दिव्यांग संगठनों से परामर्श के लिया गया है। जिससे दिव्यांग कर्मचारियों में मानसिक तनाव, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक चिंता बढ़ी है।
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उमंग के जिला अध्यक्ष विजय यादव ने बताया कि हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम, 2016 के नियम 143 में संशोधन कर 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांग कर्मचारियों की 60 वर्ष की सेवा-आयु व्यवस्था समाप्त कर दी गई है जो दिव्यांग कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
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संघ का कहना है कि दिव्यांग कर्मचारी पहले से ही शारीरिक, सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं। उन्हें दी गई अतिरिक्त सेवा-आयु समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लागू की गई थी। इसे समाप्त करना समानता के सिद्धांत और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के विरुद्ध है।
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विजय यादव ने आरोप लगाया कि यह निर्णय बिना किसी सामाजिक प्रभाव आकलन और दिव्यांग संगठनों से परामर्श के लिया गया है। जिससे दिव्यांग कर्मचारियों में मानसिक तनाव, आर्थिक असुरक्षा और सामाजिक चिंता बढ़ी है।