{"_id":"68d98353b9e62e858507870a","slug":"dispute-over-road-repair-in-dhanaunda-village-villagers-stopped-work-narnol-news-c-196-1-nnl1004-130353-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: गांव धनौंदा में सड़क मरम्मत पर विवाद, ग्रामीणों ने रोका काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: गांव धनौंदा में सड़क मरम्मत पर विवाद, ग्रामीणों ने रोका काम
Mon, 29 Sep 2025 12:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 29 Sep 2025 12:19 AM IST
विज्ञापन
मंडी अटेली। अटेली के गांव धनौंदा में सड़क मरम्मत विवादों में फंस गया है। रेवाड़ी-नारनौल मार्ग से जुड़ने वाली और धर्मशाला तक जाने वाली करीब 300 फीट लंबी सड़क का मरम्मत पीडब्ल्यूडी के टेंडर के तहत शुरू हुआ था लेकिन ग्रामीणों ने काम रुकवा दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार पुराने ब्लाक उखाड़कर नीचे मात्र दो इंच मिट्टी डालकर वहीं फिर से लगा रहा है। उनका कहना है कि इस काम में नाले का कोई प्रावधान नहीं है जबकि सड़क की मजबूती के लिए जल निकासी आवश्यक है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि पानी निकासी के बिना सड़क ठहर नहीं पाएगी और यह केवल पैसों की बंदरबांट जैसा है।
गांव के लोगों ने पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि एस्टीमेट बनाते समय नाले की जरूरत क्यों नहीं देखी गई।
विज्ञापन
यह बड़ा सवाल है। काम की गुणवत्ता पर भी लोगों ने सवाल खड़े किए और कहा कि यह परियोजना जनता के हित में नहीं बल्कि औपचारिकता निभाने के लिए चलाई जा रही है। ठेकेदार ने अपनी सफाई में कहा कि अभी जो बजट पास हुआ है, उसमें नाले का प्रावधान ही नहीं है। हम तो जो टेंडर में है, वही काम कर सकते हैं। वहीं, गांव की सरपंच रिंकू यादव ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक नाला बनाने की योजना नहीं बनती, तब तक हम सड़क का काम आगे नहीं होने देंगे। यह गांव के पैसों और लोगों के साथ धोखा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार पुराने ब्लाक उखाड़कर नीचे मात्र दो इंच मिट्टी डालकर वहीं फिर से लगा रहा है। उनका कहना है कि इस काम में नाले का कोई प्रावधान नहीं है जबकि सड़क की मजबूती के लिए जल निकासी आवश्यक है। ग्रामीणों ने साफ कहा कि पानी निकासी के बिना सड़क ठहर नहीं पाएगी और यह केवल पैसों की बंदरबांट जैसा है।
विज्ञापन
गांव के लोगों ने पीडब्ल्यूडी और ठेकेदार पर खानापूर्ति करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि एस्टीमेट बनाते समय नाले की जरूरत क्यों नहीं देखी गई।
विज्ञापन
यह बड़ा सवाल है। काम की गुणवत्ता पर भी लोगों ने सवाल खड़े किए और कहा कि यह परियोजना जनता के हित में नहीं बल्कि औपचारिकता निभाने के लिए चलाई जा रही है। ठेकेदार ने अपनी सफाई में कहा कि अभी जो बजट पास हुआ है, उसमें नाले का प्रावधान ही नहीं है। हम तो जो टेंडर में है, वही काम कर सकते हैं। वहीं, गांव की सरपंच रिंकू यादव ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक नाला बनाने की योजना नहीं बनती, तब तक हम सड़क का काम आगे नहीं होने देंगे। यह गांव के पैसों और लोगों के साथ धोखा है।