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Mahendragarh-Narnaul News: नशीली दवाओं के दुरुपयोग के लिए रोकथाम पर किया संवाद
Thu, 24 Oct 2024 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 24 Oct 2024 11:50 PM IST
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महेंद्रगढ। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) का समाजशास्त्र विभाग सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हो गया। इसमें विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के लिए रोकथाम पर संवाद किया।
विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक जांच एवं स्नायु विज्ञान संस्थान, बंगलूरू के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना और विशेषज्ञों, चिकित्सकों और छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा देना था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन दो सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. विनोद आर्य ने 21 वीं सदी में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के लिए रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज कुमार ने भिक्षावृत्ति का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रतिभागियों के समक्ष रखते हुए इस मुद्दे में योगदान देने वाले सामाजिक-आर्थिक कारकों को संबोधित किया गया।
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विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा राष्ट्रीय मानसिक जांच एवं स्नायु विज्ञान संस्थान, बंगलूरू के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महत्वपूर्ण सामाजिक चुनौतियों का समाधान करना और विशेषज्ञों, चिकित्सकों और छात्रों के बीच संवाद को बढ़ावा देना था। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई दी।
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राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रायोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन दो सत्रों का आयोजन किया गया। इसमें पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. विनोद आर्य ने 21 वीं सदी में नशीली दवाओं के दुरुपयोग के लिए रोकथाम पर विस्तार से चर्चा की। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रो. मनोज कुमार ने भिक्षावृत्ति का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रतिभागियों के समक्ष रखते हुए इस मुद्दे में योगदान देने वाले सामाजिक-आर्थिक कारकों को संबोधित किया गया।
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