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Mahendragarh-Narnaul News: सावन में लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा ढोसी धाम
Thu, 01 Aug 2024 02:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 01 Aug 2024 02:47 AM IST
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नारनौल। शहर से करीब आठ किलो मीटर दूर स्थित महर्षि च्यवन की तपोस्थली ढोसी धाम सावन के महीने में लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। ढोसी धाम आसपास सैंकड़ों किलो मीटर दूर तक सबसे पुराना सतयुग के समय का धाम है। इसी धाम पर महर्षि च्यवन ने तप किया और च्यवनप्राश बनाया। यहां पर आज भी अनेक प्रकार की जड़ी-बूटी पाई जाती है। इसकी चढ़ाई गांव कुलताजपुर से होती है और सबसे पहले शिवकुंड आता है। शिवकुंड पर भगवान शिव के मंदिर सहित एक कुंड बना हुआ है, जिसमें लोग स्नान करते हैं।
यहीं पर एक झिलेरी बनी है, जिसमें पूरे वर्ष पहाड़ से पानी आता रहता है। शिवकुंड से ढोसी पर्वत की चढ़ाई होती है। ढोसी धाम पर भी शिव मंदिर, चंद्रकूप व महर्षि च्यवन की गुफा आज भी बनी हुई है। इसके बीच में माता मनसा देवी का मंदिर भी पहाड़ के बीच में बना हुआ है। इन सबके साथ प्रकृति की अद्भुत छठा यहां बिखरी हुई है।
रोपवे लगवाने की की गई थी घोषणा
सरकार द्वारा करीब पांच साल से यहां पर्यटक स्थल बनाकर रोपवे लगवाने की घोषणा की गई थी। यह योजना बनने के कई साल बीत जाने के बाद यहां अभी तक काम शुरू नहीं होने से लोगों में काफी नाराजगी बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि सावन के महीने में रोजाना जाने वाले भोलेनाथ ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि ढोसी धाम को चढ़ने वाली साइड की दीवारें कई जगह से टूटती जा रही हैं। प्राचीन समय के बने कमरों में साफ-सफाई नहीं है और रंग- रोगन की आवश्यकता है। भोलेनाथ ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि यदि सरकार अपनी घोषणा के अनुसार यहां कार्य करवा दें तो यह प्रदेश का सबसे सुंदर पर्यटन स्थल बन सकता है।
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महर्षि च्यवन की तपोस्थली ढोसी धाम के प्रति शहर के लोगों की बहुत आस्था है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह यहां बने मंदिरो, कमरों व दीवारों पर रंग-रोगन करवा कर सफाई की व्यवस्था भी करवाए। ढोसी धाम पर चढ़ाई करने वाली दीवार भी अनेक जगह से टूट रही इनका भी निर्माण करवाए।
अमरनाथ सोनी, सदस्य भोलेनाथ ग्रुप।
प्रकृति का सबसे सुंदर नजारा ढोसी धाम पर देखने को मिलता है। जहां सावन के महीने में यहां पर भक्तों की भारी भीड़ रहती है। सोमवती अमावस्या पर चंद्रकूप में स्नान करने के लिए भारी संख्या में लोग आते हैं। इस धाम पर अब पूरे साल लोगों का आवागमन रहता है। इसलिए सरकार ने जो यहां रोपवे बनाकर इसे पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी उस पर जल्द काम शुरू करवाए।
सुभाष अग्रवाल, संरक्षक भोलेनाथ ग्रुप।
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यहीं पर एक झिलेरी बनी है, जिसमें पूरे वर्ष पहाड़ से पानी आता रहता है। शिवकुंड से ढोसी पर्वत की चढ़ाई होती है। ढोसी धाम पर भी शिव मंदिर, चंद्रकूप व महर्षि च्यवन की गुफा आज भी बनी हुई है। इसके बीच में माता मनसा देवी का मंदिर भी पहाड़ के बीच में बना हुआ है। इन सबके साथ प्रकृति की अद्भुत छठा यहां बिखरी हुई है।
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रोपवे लगवाने की की गई थी घोषणा
सरकार द्वारा करीब पांच साल से यहां पर्यटक स्थल बनाकर रोपवे लगवाने की घोषणा की गई थी। यह योजना बनने के कई साल बीत जाने के बाद यहां अभी तक काम शुरू नहीं होने से लोगों में काफी नाराजगी बनी हुई हैं। लोगों का कहना है कि सावन के महीने में रोजाना जाने वाले भोलेनाथ ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि ढोसी धाम को चढ़ने वाली साइड की दीवारें कई जगह से टूटती जा रही हैं। प्राचीन समय के बने कमरों में साफ-सफाई नहीं है और रंग- रोगन की आवश्यकता है। भोलेनाथ ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि यदि सरकार अपनी घोषणा के अनुसार यहां कार्य करवा दें तो यह प्रदेश का सबसे सुंदर पर्यटन स्थल बन सकता है।
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महर्षि च्यवन की तपोस्थली ढोसी धाम के प्रति शहर के लोगों की बहुत आस्था है। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह यहां बने मंदिरो, कमरों व दीवारों पर रंग-रोगन करवा कर सफाई की व्यवस्था भी करवाए। ढोसी धाम पर चढ़ाई करने वाली दीवार भी अनेक जगह से टूट रही इनका भी निर्माण करवाए।
अमरनाथ सोनी, सदस्य भोलेनाथ ग्रुप।
प्रकृति का सबसे सुंदर नजारा ढोसी धाम पर देखने को मिलता है। जहां सावन के महीने में यहां पर भक्तों की भारी भीड़ रहती है। सोमवती अमावस्या पर चंद्रकूप में स्नान करने के लिए भारी संख्या में लोग आते हैं। इस धाम पर अब पूरे साल लोगों का आवागमन रहता है। इसलिए सरकार ने जो यहां रोपवे बनाकर इसे पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी उस पर जल्द काम शुरू करवाए।
सुभाष अग्रवाल, संरक्षक भोलेनाथ ग्रुप।