विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने के लिए सरकार की सक्षम योजना बहुत ही कारगर सिद्ध हो रही है। बच्चों की शिक्षा ही समाज की असली पूंजी होती है। ऐसे में सभी शिक्षा अधिकारी इसमें व्यक्तिगत रुचि लेकर कार्य करें। यह निर्देश उपायुक्त अजय कुमार ने बुधवार को लघु सचिवालय में सक्षम योजना के तहत शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में दिए।
उपायुक्त ने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार स्कूलों का औचक निरीक्षण करें। सभी स्कूलों में सभी प्रकार की सुविधाएं होनी चाहिए। स्कूलों में चल रहे स्कूल एसेसमेंट टेस्ट के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि यह टेस्ट बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे बच्चों के सही लेवल का पता चलता है। इस टेस्ट को पूरे मापदंडों के अनुसार लिया जाए। साथ ही इस बारे में रिपोर्ट को तुरंत संबंधित एप के माध्यम से अपलोड किया जाए। यह टेस्ट कक्षा 3 से 12वीं तक लिया जाता है। इस तरह के टेस्ट में बच्चों में प्रतियोगिता की भावना भी आती है। उपायुक्त ने सक्षम से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की तथा सरकार की योजना अनुसार इस पर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि स्कूलों में मासिक पेरेंट्स मीटिंग, विद्यार्थियों की मासिक परीक्षाएं, स्कूलों की ऑनलाइन एप समेत हर प्रकार के पहलुओं को सक्षम कार्यक्रम में शामिल किया गया है। ऐसे में इन सब की रिपोर्ट अपडेट होनी चाहिए ताकि जिले का स्कोर और भी बेहतर हो। इस बैठक में नगराधीश अमित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सुनील दत्त तथा जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विजेंद्र श्योराण के अलावा अन्य अधिकारी मौजूद रहे।