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Mahendragarh-Narnaul News: सिक्स लेन बाइपास की निशानदेही पूरी, इसी सप्ताह शुरू होगा जमीन का सर्वे
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फोटो 7रघुनाथपुरा के पास यहां से निकलेगा सिक्स लेन।संवाद
नारनौल। शहर को जाम से राहत दिलाने की दिशा में सिक्स लेन बाइपास परियोजना जल्द आगे बढ़ने वाली है। रघुनाथपुरा से मेडिकल कॉलेज होते हुए लॉजिस्टिक हब तक बनने वाले करीब 11.96 किलोमीटर लंबे बाइपास के लिए सर्वे टीम इसी सप्ताह मौके पर पहुंच सकती है।
प्रस्तावित बाइपास के लिए अब सर्वे टीम जमीन और संपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को नोटिस जारी कर बताया जाएगा कि सड़क निर्माण के लिए उनकी कितनी जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
प्रारंभिक निशानदेही में 10 से अधिक घर और कई ट्यूबवेल प्रस्तावित मार्ग की जद में आने की जानकारी सामने आई है। सर्वे में इनका भी पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
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बाइपास बनने से नारनौल के चारों ओर रिंग रोड का नेटवर्क मजबूत होगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव घटेगा और लोगों को जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
नौ गांवों की जमीन का होगा सर्वे
बाइपास परियोजना के लिए अमरपुर जोरासी, बशीरपुर, गहली, कोरियावास, कुलताजपुर, टहला, मकसुसपुर, थाना और रघुनाथपुरा गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के तहत निर्धारित रूट पर जमीन की स्थिति, निर्माण की जद और प्रभावित संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज को मिलेगा सीधा संपर्क
प्रस्तावित बाइपास से मेडिकल कॉलेज को भी हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों को शहर के अंदरूनी हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। हाइवे से मेडिकल कॉलेज तक बेहतर संपर्क मार्ग मिलने से आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
30 मिनट तक बचेगा यात्रा समय
करीब 12 किलोमीटर लंबे इस बाइपास के निर्माण से शहर से गुजरने वाले बाहरी यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और यात्रियों के यात्रा समय में करीब 30 मिनट तक की बचत होने का अनुमान है।
वर्जन:
सिक्स लेन बाइपास के लिए इसी सप्ताह में सर्वे टीम आने की संभावना है। अभी निशानदेही हो चुकी है जिसमें करीब 10 मकान व कुछ ट्यूबवेल बीच में आए हैं।
-राकेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, नारनौल
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प्रस्तावित बाइपास के लिए अब सर्वे टीम जमीन और संपत्तियों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद किसानों को नोटिस जारी कर बताया जाएगा कि सड़क निर्माण के लिए उनकी कितनी जमीन अधिग्रहित की जाएगी।
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प्रारंभिक निशानदेही में 10 से अधिक घर और कई ट्यूबवेल प्रस्तावित मार्ग की जद में आने की जानकारी सामने आई है। सर्वे में इनका भी पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा।
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बाइपास बनने से नारनौल के चारों ओर रिंग रोड का नेटवर्क मजबूत होगा। शहर के प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव घटेगा और लोगों को जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
नौ गांवों की जमीन का होगा सर्वे
बाइपास परियोजना के लिए अमरपुर जोरासी, बशीरपुर, गहली, कोरियावास, कुलताजपुर, टहला, मकसुसपुर, थाना और रघुनाथपुरा गांवों की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के तहत निर्धारित रूट पर जमीन की स्थिति, निर्माण की जद और प्रभावित संपत्तियों का सर्वे किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज को मिलेगा सीधा संपर्क
प्रस्तावित बाइपास से मेडिकल कॉलेज को भी हाईवे से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे मरीजों, उनके परिजनों और एंबुलेंस सहित अन्य वाहनों को शहर के अंदरूनी हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम होगी। हाइवे से मेडिकल कॉलेज तक बेहतर संपर्क मार्ग मिलने से आवागमन आसान होने की उम्मीद है।
30 मिनट तक बचेगा यात्रा समय
करीब 12 किलोमीटर लंबे इस बाइपास के निर्माण से शहर से गुजरने वाले बाहरी यातायात को वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। इससे शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा और यात्रियों के यात्रा समय में करीब 30 मिनट तक की बचत होने का अनुमान है।
वर्जन:
सिक्स लेन बाइपास के लिए इसी सप्ताह में सर्वे टीम आने की संभावना है। अभी निशानदेही हो चुकी है जिसमें करीब 10 मकान व कुछ ट्यूबवेल बीच में आए हैं।
-राकेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, नारनौल