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Mahendragarh-Narnaul News: कनीना में बंद डीएवी शिक्षण संस्था को चालू कराने की उठी मांग
Sat, 25 Oct 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 25 Oct 2025 12:54 AM IST
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कनीना। कनीना क्षेत्र के नागरिकों ने शुक्रवार को जिला उपायुक्त नारनौल को ज्ञापन सौंपते हुए 10 वर्षों से बंद डीएवी शिक्षण संस्था को पुनः चालू करने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया कि संस्था के बंद रहने से न केवल शिक्षा व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा है बल्कि परिसर की दुर्दशा भी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि डीएवी विद्यालय और डीएवी इंजीनियरिंग कॉलेज, जिन्हें कभी कनीना क्षेत्र में शिक्षा का केंद्र माना जाता था अब लंबे समय से बंद हैं।
भवनों की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह-जगह जंगली झाड़ियां उग आई हैं। असामाजिक तत्वों व आवारा पशुओं का अड्डा बनने से आसपास के लोगों में भय का माहौल है। नागरिक हरेंद्र शर्मा, मुकेश, अनूप और सोनू ने बताया कि डीएवी संस्थान के सक्रिय रहने के समय क्षेत्र में शिक्षा का स्तर उल्लेखनीय रूप से ऊंचा हुआ था।
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पिछले एक दशक से विद्यालय बंद रहने के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें दूरदराज के इलाकों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। डीएवी इंजीनियरिंग कॉलेज और डीएवी स्कूल को दी गई 58 एकड़ जमीन को वापस नगर पालिका को हस्तांतरित किया जाए या डीएवी संस्था को पुनः शुरू कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की जाए या फिर उस भूमि का उपयोग नगर पालिका द्वारा किसी जनहित कार्य जैसे विद्यालय, प्रशिक्षण केंद्र या अन्य शैक्षणिक संस्था के रूप में किया जाए।
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ज्ञापन में कहा गया कि संस्था के बंद रहने से न केवल शिक्षा व्यवस्था पर विपरीत प्रभाव पड़ा है बल्कि परिसर की दुर्दशा भी चिंता का विषय बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि डीएवी विद्यालय और डीएवी इंजीनियरिंग कॉलेज, जिन्हें कभी कनीना क्षेत्र में शिक्षा का केंद्र माना जाता था अब लंबे समय से बंद हैं।
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भवनों की हालत खस्ता हो चुकी है। जगह-जगह जंगली झाड़ियां उग आई हैं। असामाजिक तत्वों व आवारा पशुओं का अड्डा बनने से आसपास के लोगों में भय का माहौल है। नागरिक हरेंद्र शर्मा, मुकेश, अनूप और सोनू ने बताया कि डीएवी संस्थान के सक्रिय रहने के समय क्षेत्र में शिक्षा का स्तर उल्लेखनीय रूप से ऊंचा हुआ था।
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पिछले एक दशक से विद्यालय बंद रहने के कारण छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें दूरदराज के इलाकों में पढ़ाई के लिए जाना पड़ता है। डीएवी इंजीनियरिंग कॉलेज और डीएवी स्कूल को दी गई 58 एकड़ जमीन को वापस नगर पालिका को हस्तांतरित किया जाए या डीएवी संस्था को पुनः शुरू कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था की जाए या फिर उस भूमि का उपयोग नगर पालिका द्वारा किसी जनहित कार्य जैसे विद्यालय, प्रशिक्षण केंद्र या अन्य शैक्षणिक संस्था के रूप में किया जाए।