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Mahendragarh-Narnaul News: नवजात की मौत मामले में दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग
Tue, 12 May 2026 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 12 May 2026 11:29 PM IST
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फोटो 4स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कार्यालय में निजी सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए पीड़ित पर
मंडी अटेली। नारनौल स्थित सिविल अस्पताल में प्रसव वार्ड में कथित लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। मंगलवार को पीड़ित परिवार ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के कार्यालय पहुंचकर उनके निजी सचिव विकास यादव को ज्ञापन सौंपा और प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में अटाली निवासी सतीश कुमार ने बताया कि 8 मई को उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर उचित इलाज और देखभाल नहीं होने के कारण नवजात शिशु की मौत हो गई।
सतीश कुमार ने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही बरती और कई बार अनुरोध करने के बावजूद मरीज की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास किया और परिजनों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा एंबुलेंस सुविधा को लेकर भी लापरवाही सामने आई।
परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस के लिए पर्ची कटवाने के बावजूद उन्हें समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। ज्ञापन में आरोप लगाया कि डिलीवरी के बाद कुछ नर्सों ने बधाई के नाम पर पैसे मांगे।
सतीश कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता, तो शायद उनके नवजात शिशु की जान बचाई जा सकती थी। इस संबंध में अभी तक अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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ज्ञापन में अटाली निवासी सतीश कुमार ने बताया कि 8 मई को उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आरोप लगाया कि अस्पताल में समय पर उचित इलाज और देखभाल नहीं होने के कारण नवजात शिशु की मौत हो गई।
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सतीश कुमार ने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों ने गंभीर लापरवाही बरती और कई बार अनुरोध करने के बावजूद मरीज की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया।
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पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास किया और परिजनों को संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके अलावा एंबुलेंस सुविधा को लेकर भी लापरवाही सामने आई।
परिजनों का कहना है कि एंबुलेंस के लिए पर्ची कटवाने के बावजूद उन्हें समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं करवाई गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। ज्ञापन में आरोप लगाया कि डिलीवरी के बाद कुछ नर्सों ने बधाई के नाम पर पैसे मांगे।
सतीश कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए तथा लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित उपचार मिलता, तो शायद उनके नवजात शिशु की जान बचाई जा सकती थी। इस संबंध में अभी तक अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।