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डार्क जोन में ध्वस्त कराए 10 बजरी वाशिंग प्लांट

Fri, 28 Aug 2015 12:47 AM IST
Updated Fri, 28 Aug 2015 12:47 AM IST
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अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्रशासन द्वारा गठित टास्क फोर्स ने बुधवार को बजरी वाशिंग प्लांटों और क्रशरों के अलावा अवैध रूप से माइनिंग पर डंडा चलाया था। खबर लीक हो जाने के कारण बुधवार को कई वाशिंग प्लांट संचालक प्लांट छोड़कर भाग गए थे। इस कारण कार्रवाई नहीं हो पाई। बृहस्पतिवार को फिर से प्रशासन ने बजरी वाशिंग प्लांटों पर छापामारी की और 10 प्लांट गिरा दिए।

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उपायुक्त अतुल कुमार के निर्देश पर बृहस्पतिवार को जिला टास्क फोर्स कमेटी ने अवैध खनन के खिलाफ अभियान चलाया। अभियान के दौरान अवैध रूप से चल रहे 10 वाशिंग प्लांट ध्वस्त करवा दिए। सभी वाशिंग प्लांट राजस्थान की सीमा के साथ लगते नांगल चौधरी क्षेत्र में अवैध रूप से चल रहे थे। जिला टास्क फोर्स ने बृहस्पतिवार को गांव महरमपुर, बापड़ोली, नांगल काठा, खेड़की, डेरोली जाट, नौलायजा और सहबाहपुर में निरीक्षण किया। टीम ने इस दौरान बजरी से भरे दो ट्रैक्टर पकड़े और कार्रवाई के लिए पुलिस के हवाले किया।
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गांव नौलायजा और सहबाजपुर में पुलिस की मौजूदगी में चल रहे अवैध वाशिंग प्लांट को ध्वस्त कर दिया। बुधवार को भी इसी तरह का अभियान चलाया। इसमें स्टोन क्रेशरों का औचक निरीक्षण करने के उपरांत उनकी फिजिकल वेरिफिकेशन की गई थी। इस मौके पर सहायक भू-वैज्ञानिक राकेश कुमार, एसडीओ प्रदूषण आरके भौंसले, एसएचओ संदीप सिंह, खनन निरीक्षक राजेश व सुभाष तथा रेंज आफिसर अभय सिंह यादव मौजूद थे।
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धड़ल्ले से चल रहे अवैध वाशिंग प्लांट
जिला में बजरी प्रचुर मात्रा में मिलती है। इसलिए यहां बजरी के अवैध वाशिंग प्लांट धडल्ले से चल रहे हैं। सबसे ज्यादा वाशिंग प्लांट राजस्थान से क्षेत्र में आ रही दोहान नदी के किनारे नलवाटी क्षेत्र में चल रहे हैं। वहीं दोहान के अलावा कृष्णावती नदी के किनारे भी अनेक प्लांट चल रहे हैं। इनसे रोजाना बजरी के ट्रक निकलते हैं।

डार्क जोन के कारण बैन है प्लांटों पर
क्षेत्र डार्क में शामिल होने के कारण जिला में किसी भी प्रकार की पानी बर्बादी की गतिविधि पर बैन लगा हुआ है। डार्क जोन के कारण जिले में नए ट्यूबवेल लगाने पर भी बैन लगाया गया है। मगर फिर भी राजस्थान की सीमा के साथ लगते क्षेत्र में अनेक अवैध वाशिंग प्लांट लगे हुए हैं।

मिलती है ज्यादा कीमत
बजरी प्लांट में बजरी की वाशिंग कर बजरी को बहुत ही महीन बना दिया जाता है। इस बजरी में रोड़े और कंकर वगैरह नहीं होते। इस कारण बजरी की कीमत सामान्य बजरी से कई गुणा ज्यादा होती है।


गुड़गांव-फरीदाबाद में है ज्यादा मांग
वाशिंग हुई बजरी की गुड़गांव और फरीदाबाद में ज्यादा डिमांड है। फरीदाबाद और गुड़गांव के अलावा दिल्ली में भी यह बजरी अच्छी कीमत पर बिकती है। इस कारण यहां से गुजरने वाले अधिकतर ट्रक यहां से इन शहरों में जाते हैं।

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