{"_id":"68a621064f02fee7a702bfc7","slug":"dap-consignment-has-not-reached-the-center-for-10-days-farmers-are-facing-problems-narnol-news-c-196-1-nnl1004-128572-2025-08-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: डीएपी की खेप 10 दिनों से नहीं पहुंची केंद्र, किसानों को हो रही परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: डीएपी की खेप 10 दिनों से नहीं पहुंची केंद्र, किसानों को हो रही परेशानी
Thu, 21 Aug 2025 12:54 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:54 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर- 10नारनौल स्थित सरकारी खाद केंद्र में रखे एनपीके व यूरिया खाद के बैग। संवाद
नारनौल। अनाज मंडी स्थित सरकारी खाद केंद्र पर डीएपी की उपलब्धता नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी खाद केंद्र पर यूरिया के 100 बैग और एनपीके खाद के 86 बैग ही उपलब्ध हैं। वहीं डीएपी के 100 बैग की खेप करीब 10 दिन पहले सरकारी खाद केंद्र पर पहुंची थी। डीएपी की अधिक मांग होने के कारण 100 बैग डीएपी का वितरण 2 से 3 दिन में कर दिया गया था। इसके बाद से किसान लगातार डीएपी की जानकारी के लिए सरकारी खाद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं।
कृषि विभाग के पास इस समय करीब 500 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है। अधिकारियों का कहना है कि सरसों बिजाई में अभी समय है और आगामी दिनों में नियमित रूप से सभी खाद केंद्रों पर डीएपी का वितरण किया जाएगा।
किसानों का कहना है कि रबी फसल के दौरान सरसों की बिजाई के समय बेहतर पैदावार के लिए डीएपी का छिड़काव किया जाता है। गांव निवाज नगर के रहने वाले किसान जयसिंह ने बताया कि सरसों बिजाई के समय हमेशा डीएपी की किल्लत बनी रहती है। इसलिए अधिकतर किसान करीब दो माह पहले से ही डीएपी लेना चाहते है ताकि बाद में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। किसानों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि डीएपी कि नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
इंसेट
खाद नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाएगी : संजय यादव
कृषि विभाग के पास इस समय करीब 500 मीट्रिक टन पीएसपी, करीब 500 मीट्रिक टन डीएपी और 1400 मीट्रिक टन एनपीके खाद है। तीनों प्रकार के खाद रबी फसल के दौरान सरसों की बिजाई में प्रयोग किए जाते हैं। कृषि विभाग के गुण नियंत्रण निरीक्षक संजय यादव ने बताया कि सरसों की बिजाई में अभी समय है। जिले के सभी सरकारी खाद केंद्र पर खाद नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में किसानों के बीच डीएपी का प्रयोग अधिक है, लेकिन एनपीके और पीएसपी भी बेहतर विकल्प है।
विज्ञापन
सरकारी खाद केंद्र पर यूरिया के 100 बैग और एनपीके खाद के 86 बैग ही उपलब्ध हैं। वहीं डीएपी के 100 बैग की खेप करीब 10 दिन पहले सरकारी खाद केंद्र पर पहुंची थी। डीएपी की अधिक मांग होने के कारण 100 बैग डीएपी का वितरण 2 से 3 दिन में कर दिया गया था। इसके बाद से किसान लगातार डीएपी की जानकारी के लिए सरकारी खाद केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं।
कृषि विभाग के पास इस समय करीब 500 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है। अधिकारियों का कहना है कि सरसों बिजाई में अभी समय है और आगामी दिनों में नियमित रूप से सभी खाद केंद्रों पर डीएपी का वितरण किया जाएगा।
विज्ञापन
किसानों का कहना है कि रबी फसल के दौरान सरसों की बिजाई के समय बेहतर पैदावार के लिए डीएपी का छिड़काव किया जाता है। गांव निवाज नगर के रहने वाले किसान जयसिंह ने बताया कि सरसों बिजाई के समय हमेशा डीएपी की किल्लत बनी रहती है। इसलिए अधिकतर किसान करीब दो माह पहले से ही डीएपी लेना चाहते है ताकि बाद में परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। किसानों ने प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि डीएपी कि नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
इंसेट
खाद नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाएगी : संजय यादव
कृषि विभाग के पास इस समय करीब 500 मीट्रिक टन पीएसपी, करीब 500 मीट्रिक टन डीएपी और 1400 मीट्रिक टन एनपीके खाद है। तीनों प्रकार के खाद रबी फसल के दौरान सरसों की बिजाई में प्रयोग किए जाते हैं। कृषि विभाग के गुण नियंत्रण निरीक्षक संजय यादव ने बताया कि सरसों की बिजाई में अभी समय है। जिले के सभी सरकारी खाद केंद्र पर खाद नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में किसानों के बीच डीएपी का प्रयोग अधिक है, लेकिन एनपीके और पीएसपी भी बेहतर विकल्प है।