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Mahendragarh-Narnaul News: पुल पर खतरे की आहट, ओवरलोड वाहनों से कांप रहा ढांचा
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फोटो 10विकास पहलवान, गांव पवेरा
निजामपुर। क्षेत्र के प्रमुख पुल से लगातार गुजरते ओवरलोड वाहनों के चलते इसमें कंपन महसूस किया जा रहा है। इससे आसपास के ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई बार हादसे हो चुके हैं फिर भी प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पुल की तुरंत तकनीकी जांच करवाई जाए। साथ ही ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। वहीं, आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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वर्ष 2021 में इसी पुल पर एक ओवरलोड डंपर की चपेट में आने से मेरी पत्नी सुमन की मौत हो गई था जबकि मेरा दायां पैर भी कट गया था। उस दिन वे बाइक पर सवार होकर घाटासेर से निजामपुर आ रहे थे तभी तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी।-राजकुमार, गांव घाटासेर
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इस पुल से डर के साये में आना-जाना पड़ता है। भारी वाहनों के गुजरने से पुल में कंपन होता है। समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।-चाप सिंह, गांव पवेरा
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यहां से वाहन गुजरते हैं तो पुल कांपने लगता है। बरसात में पानी भर जाता है और गड्ढे बने हुए हैं। पुल के नीचे बना अंडरपास भी खराब है जहां बारिश में पानी जमा हो जाता है। यहां हुए हादसों में 2-3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। -विकास पहलवान, गांव पवेरा
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भारी वाहनों के अधिक आवागमन से यह पुल किसी दिन टूट सकता है। पुल इतना संकरा है कि दो वाहन एक साथ नहीं निकल पाते। छोटे वाहन चालक खतरे के साये में पुल पार कर रहे हैं।-महेंद्र, निजामपुर
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पुल की चौड़ाई कम होने से दो वाहन मुश्किल से निकलते हैं। भारी वाहन आते ही ट्रैफिक जाम और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। पुल की शिकायत विधायक की ओर से भी की गई थी। यह पुल हादसे को न्योता दे रहा है। अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है। -महिपाल यादव, घाटासेर
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भारी वाहन गुजरते ही पुल हिलने लगता है। हम प्रतिदिन डर के साये में इस पुल से गुजरते हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।-सत्यपाल सिंह, गांव पवेरा
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ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पुल की तुरंत तकनीकी जांच करवाई जाए। साथ ही ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए। वहीं, आवश्यक मरम्मत कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।
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वर्ष 2021 में इसी पुल पर एक ओवरलोड डंपर की चपेट में आने से मेरी पत्नी सुमन की मौत हो गई था जबकि मेरा दायां पैर भी कट गया था। उस दिन वे बाइक पर सवार होकर घाटासेर से निजामपुर आ रहे थे तभी तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से टक्कर मार दी।-राजकुमार, गांव घाटासेर
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इस पुल से डर के साये में आना-जाना पड़ता है। भारी वाहनों के गुजरने से पुल में कंपन होता है। समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बड़ा हादसा हो सकता है।-चाप सिंह, गांव पवेरा
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यहां से वाहन गुजरते हैं तो पुल कांपने लगता है। बरसात में पानी भर जाता है और गड्ढे बने हुए हैं। पुल के नीचे बना अंडरपास भी खराब है जहां बारिश में पानी जमा हो जाता है। यहां हुए हादसों में 2-3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। -विकास पहलवान, गांव पवेरा
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भारी वाहनों के अधिक आवागमन से यह पुल किसी दिन टूट सकता है। पुल इतना संकरा है कि दो वाहन एक साथ नहीं निकल पाते। छोटे वाहन चालक खतरे के साये में पुल पार कर रहे हैं।-महेंद्र, निजामपुर
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पुल की चौड़ाई कम होने से दो वाहन मुश्किल से निकलते हैं। भारी वाहन आते ही ट्रैफिक जाम और हादसे का खतरा बढ़ जाता है। पुल की शिकायत विधायक की ओर से भी की गई थी। यह पुल हादसे को न्योता दे रहा है। अभी तक किसी ने सुध नहीं ली है। -महिपाल यादव, घाटासेर
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भारी वाहन गुजरते ही पुल हिलने लगता है। हम प्रतिदिन डर के साये में इस पुल से गुजरते हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।-सत्यपाल सिंह, गांव पवेरा