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बारिश से बाजरे, कपास को नुकसान, सरसों और चने की बिजाई के लिए मिला पर्याप्त पानी

Thu, 22 Sep 2022 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:33 PM IST
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Damage to millet, cotton due to rain, enough water for sowing mustard and gram
नगर परिषद के सामने सड़क पर भरा बारिश का पानी। - फोटो : Narnol
नारनौल। करीब एक महीने बाद वीरवार को जिले में सुबह से शाम तक रुक-रुक कर हुई झमाझम बारिश से जहां बाजरे और कपास की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है वहीं सरसों और चने की बिजाई के लिए किसानों को पर्याप्त पानी मिल गया है। बाजरे और कपास की खेती करने वाले किसान चिंतित हैं जबकि सरसों और चने की बिजाई की तैयारी में लगे किसानों के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है। वहीं बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
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सुबह से शाम तक कुल 20 एमएम बारिश हुई। कृषि वैज्ञानिकों का मानना कि बारिश से बाजरे की फसल की बालियां भीग गईं जिससे बाजरे के दाना काला पड़ सकते हैं। जिले में इस बार बाजरा 1.10 लाख हेक्टेयर व कपास 21 हजार हेक्टेयर में बोया गया था। इस समय किसान बाजरे की कटाई कर रहे हैं। 50 प्रतिशत किसान बाजरे की कटाई कर चुुके हैं। वहीं किसान कपास की औसत दो बार तुड़ाई कर चुके हैं। पिछले दो दिन से बारिश होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी हैं। किसानों का मानना है कि बारिश से बाजरे के दाने काले पड़ने की आशंका है जिससे नुकसान होगा।
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कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बारिश से कपास व बाजरे की फसल को नुकसान हो सकता है। बाजरे की काट कर रखी गई फसल भीगने से खराब हो सकती है। अगर धूप नहीं खिली तो नुकसान होने की आशंका अधिक है। कपास की फसल में पानी भरने से नुकसान हो सकता है।
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उधर, बारिश से सरसों और चने की बिजाई की तैयारी में लगे किसानों को सिंचाई की आवश्यकता नहीं रहेगी। कई जगह किसान सरसों की फसल के लिए पलेवा करने भी लग गये थे। उनके लिए यह बारिश उपयोगी साबित होगी। मौसम साफ होने के बाद किसान सरसों की बिजाई के लिए खेतों की जुताई में लग जाएंगेे।
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बाक्स:
बारिश से सड़कों पर जलभराव से परेशानी
बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया जिससे आमजन को आने-जाने में भारी परेेेशानियों का सामना करना पड़ा। सफाई न होने से नाले ओवरफ्लो हो गए जिससे नाले का पानी सड़कों पर बहने लगा। सेन चौक, नगर परिषद के पास, लोक निर्माण विश्राम गृह, पार्क गली, सुभाष पार्क के साथ लगती गली, पुरानी सराय, अनाज मंडी आदि स्थानों पर पानी भर गया।
महेंद्रगढ़ 10.5 एमएम हुई बारिश
आज भी बूंदाबांदी के आसार
फोटो संख्या: 74 से 75
संवाद न्यूज एजेंसी
महेंद्रगढ़। क्षेत्र में सुबह से रुक-रुक कर 10.5 एमएम हुई बारिश ने किसानों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। किसान अगैती बाजरे की फसल की थ्रेसिंग, पिछैती बाजरे की कटाई के साथ कपास की चुनाई में जुटे थे। इस बार क्षेत्र में 2 लाख 75 हजार हेक्टेयर में बाजरे एवं 53312 एकड़ में कपास की बिजाई की गई थी। किसानों ने अगैती बाजरे की फसल की करीब 10 प्रतिशत थ्रेसिंग कर ली है जबकि कपास की एक से दो बार चुनाई भी की जा चुकी थी। ऐसे में बारिश से फसलों में नमी के कारण तीन-चार दिनों तक सभी काम प्रभावित होंगे। कपास की फसल में नमी होने के कारण किसानों को गुणवत्ता खराब होने का भी भय सताने लगा है। बाजरे की काटी गई फसल की सिरटों में नमी होने के कारण फफूंद लगने का डर किसानों को सताने लगा है। बारिश से शहर में अनेक स्थानों पर जलभराव हो गया। माजरा चुंगी से रेलवे फाटक तक सड़क के गड्ढों में पानी भरने से आवागमन प्रभावित रहा।

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अगले दो तीन दिनों तक बारिश के आसार
नारनौल। एक महीने बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। जिले में वीरवार को सुबह से शाम तक रूक-रूक कर बारिश हुई। नारनौल में 20 एमएम बारिश दर्ज की है। राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी ने डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर एरिया ओडिसा, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश से होता हुआ डिप्रेशन में बदल गया है। इसकी वजह से हरियाणा, एनसीआर दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के साथ पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही है। आने वाले दो तीन दिनों तक ऐसे ही मौसम रहने के आसार हैं। जैसे मानसून की विदाई होगी, वैसे ही पश्चिमी और उत्तरी ठंडी हवाएं चलने लगेंगी जिससे ठंड का आगाज होगा। बारिश से तापमान में गिरावट आई है। नारनौल में अधिकतम 26 औप न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। महेंद्रगढ़ संवाददाता के अनुसार कृषि मौसम विशेषज्ञ केवीके महेंद्रगढ़ डॉ. दिवेश चौधरी ने बताया कि 24 सितंबर तक कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। 25 के बाद मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।
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