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पहले दिन नहीं बिकी एक भी साइकिल
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फोटो नंबर 21- जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगी साईकिल की स्टाल।
- फोटो : Narnol
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शिक्षा विभाग की तरफ से आरक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं को साइकिल मेले का शुभारंभ वीरवार से हुआ। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लगी स्टालों के जरिए छात्र वर्ग को साइकिल खरीद की सुविधा दी गई है। उक्त कार्यक्रम दस अगस्त तक चलेगा। दूसरी ओर दुकानदारों का पिछला भुगतान नहीं होने से विक्रेताओं में भी बेचैनी है।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष पहले कक्षा नौ से लेकर 11वीं तक के एससी के छात्र वर्ग जो लगभग दो से तीन किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर स्कूल आते है, उन्हें साइकिल प्रदान करने की योजना शुरू की थी। योजना को लागू करते एक फरमान भी जारी किया गया कि जिन छात्रों को योजना के तहत साइकिल चाहिए उन्हें पहले अपने पैसों से सरकारी स्टालों के जरिए साइकिल खरीद करनी होगी। खरीद के बाद छात्र को बिल दिया जाएगा। छात्र उस बिल को स्कूल प्रशासन को देगा, तब कहीं जाकर उस छात्र के बैंक खाते में साइकिल के पैसे आएंगे। दूसरा डीईओ कैंपस में जगह कम होने से भी दुकानदारों को परेशानी हो रही है।
पहले दिन नहीं बिकी साइकिल
स्टाल संचालकों ने बताया कि इस वर्ष योजना की शुरूआत के पहले दिन वार को एक भी छात्र साइकिल खरीदने स्टाल तक नहीं आया, जबकि इसका प्रचार-प्रसार स्कूलों तक किया जा चुका है। विभाग ने तीन दुकानदारों को साइकिल बिक्री का टेंडर छोड़ा है और दोपहर बारह बजे तक मात्र एक ही स्टाल पर पूर्णतया कार्य शुरू हो पाया था। बाकी दो स्टाल लग रहे थे। यहां पर तीन हजार से बीस हजार रुपये की साइकिल रखी गई है।
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साइकिल बुक करवाने की एवज में जमा करवाने होंगे 800 रुपये
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन छात्रों के पास नगदी पैसे नहीं हैं, वे स्टालों पर आकर अपनी साइकिल बुक करवाने की एवज में 800 रुपए का भुगतान करें और बिल ले जाए। स्टाल से मिले बिल को स्कूल प्रबंधन के पास जमा करवाएं और जब खाते में सरकारी पैसा आए तो बाकी पैसों का भुगतान कर अपनी साइकिल दुकानदार से ले जाए।
पिछले साल का भी पैसा दुकानदारों को नहीं मिला
पिछले साल भी इसी प्रकार का मेला लगाया गया था। लगभग तीन सौ छात्रों के पैसे का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। अरुण कुमार जैन ने बताया कि पिछले साल के पैसे अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द पैसे जारी करने चाहिए।
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बता दें कि प्रदेश सरकार ने तीन वर्ष पहले कक्षा नौ से लेकर 11वीं तक के एससी के छात्र वर्ग जो लगभग दो से तीन किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर स्कूल आते है, उन्हें साइकिल प्रदान करने की योजना शुरू की थी। योजना को लागू करते एक फरमान भी जारी किया गया कि जिन छात्रों को योजना के तहत साइकिल चाहिए उन्हें पहले अपने पैसों से सरकारी स्टालों के जरिए साइकिल खरीद करनी होगी। खरीद के बाद छात्र को बिल दिया जाएगा। छात्र उस बिल को स्कूल प्रशासन को देगा, तब कहीं जाकर उस छात्र के बैंक खाते में साइकिल के पैसे आएंगे। दूसरा डीईओ कैंपस में जगह कम होने से भी दुकानदारों को परेशानी हो रही है।
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पहले दिन नहीं बिकी साइकिल
स्टाल संचालकों ने बताया कि इस वर्ष योजना की शुरूआत के पहले दिन वार को एक भी छात्र साइकिल खरीदने स्टाल तक नहीं आया, जबकि इसका प्रचार-प्रसार स्कूलों तक किया जा चुका है। विभाग ने तीन दुकानदारों को साइकिल बिक्री का टेंडर छोड़ा है और दोपहर बारह बजे तक मात्र एक ही स्टाल पर पूर्णतया कार्य शुरू हो पाया था। बाकी दो स्टाल लग रहे थे। यहां पर तीन हजार से बीस हजार रुपये की साइकिल रखी गई है।
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साइकिल बुक करवाने की एवज में जमा करवाने होंगे 800 रुपये
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिन छात्रों के पास नगदी पैसे नहीं हैं, वे स्टालों पर आकर अपनी साइकिल बुक करवाने की एवज में 800 रुपए का भुगतान करें और बिल ले जाए। स्टाल से मिले बिल को स्कूल प्रबंधन के पास जमा करवाएं और जब खाते में सरकारी पैसा आए तो बाकी पैसों का भुगतान कर अपनी साइकिल दुकानदार से ले जाए।
पिछले साल का भी पैसा दुकानदारों को नहीं मिला
पिछले साल भी इसी प्रकार का मेला लगाया गया था। लगभग तीन सौ छात्रों के पैसे का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। अरुण कुमार जैन ने बताया कि पिछले साल के पैसे अभी तक नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द पैसे जारी करने चाहिए।