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Mahendragarh-Narnaul News: हकेंवि के मंच पर दिखी अवध से उत्तर पूर्व तक की सांस्कृतिक झलक
Thu, 29 Feb 2024 11:13 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:13 PM IST
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महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) महेंद्रगढ़ के मंच पर वीरवार को भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली। विद्यार्थियों ने 10 राज्यों की कला-संस्कृति की ऐसी झलक प्रस्तुत की, मानो समूचा भारत हकेंवि के मंच पर उतर आया हो। इस मंच पर भगवान श्रीराम से लेकर श्रीकृष्ण, भगवान शिव के साथ-साथ विद्यार्थियों ने लोक-कला संस्कृति का अद्भुत प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
आयोजन के उद्घाटन सत्र की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण के साथ हुई। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र मंजीत ने सुरों का ऐसा समां बांधा कि सभागार में मौजूद हर व्यक्ति झूम उठा। अगले चरण में उत्तर प्रदेश की कला-संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों ने अवध, काशी व मथुरा के सीधे दर्शन कराए और मंच पर भगवान श्रीराम, भगवान शिव व श्रीकृष्ण नजर आए। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने बिहार और वहां की कला-संस्कृति को अपने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जबकि उत्तर पूर्व के विद्यार्थियों के प्रदर्शन से समूचा पंडाल झूमता नजर आया। आयोजन में उत्तराखंड, उड़ीसा, राजस्थान, तेलंगना, केरल के साथ-साथ वेस्टर्न डांस का भी जबरदस्त मेल देखने को मिला। पंजाब के भंगड़े और हरियाणवी डांस ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
आयोजन की संयोजक डॉ. आरती यादव ने बताया कि स्पंदन 2024 के पहले दिन उद्घाटन सत्र में राज्य केंद्रित लोक नृत्यों की प्रस्तुति के बाद डांस की श्रेणी में लोक, ट्राइबल व क्लासिकल डांस, संगीत की श्रेणी में लाइट वोकल इंडियन व वेस्टर्न, भारतीय व पाश्चात्य समूह गायन, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी, कोलाज, पोस्टर मेकिंग व फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वार्षिकोत्सव स्पंदन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, विश्वविद्यालय की लोकपाल डॉ. ऊषा अरोड़ा व समकुलपति प्रो. सुषमा यादव मौजूद रहे।
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आयोजन के उद्घाटन सत्र की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण के साथ हुई। विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र मंजीत ने सुरों का ऐसा समां बांधा कि सभागार में मौजूद हर व्यक्ति झूम उठा। अगले चरण में उत्तर प्रदेश की कला-संस्कृति का प्रदर्शन करते हुए विद्यार्थियों ने अवध, काशी व मथुरा के सीधे दर्शन कराए और मंच पर भगवान श्रीराम, भगवान शिव व श्रीकृष्ण नजर आए। इसी क्रम में विद्यार्थियों ने बिहार और वहां की कला-संस्कृति को अपने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया जबकि उत्तर पूर्व के विद्यार्थियों के प्रदर्शन से समूचा पंडाल झूमता नजर आया। आयोजन में उत्तराखंड, उड़ीसा, राजस्थान, तेलंगना, केरल के साथ-साथ वेस्टर्न डांस का भी जबरदस्त मेल देखने को मिला। पंजाब के भंगड़े और हरियाणवी डांस ने खूब सुर्खियां बटोरीं।
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आयोजन की संयोजक डॉ. आरती यादव ने बताया कि स्पंदन 2024 के पहले दिन उद्घाटन सत्र में राज्य केंद्रित लोक नृत्यों की प्रस्तुति के बाद डांस की श्रेणी में लोक, ट्राइबल व क्लासिकल डांस, संगीत की श्रेणी में लाइट वोकल इंडियन व वेस्टर्न, भारतीय व पाश्चात्य समूह गायन, पेंटिंग, रंगोली, मेहंदी, कोलाज, पोस्टर मेकिंग व फोटोग्राफी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वार्षिकोत्सव स्पंदन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि व विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, विश्वविद्यालय की लोकपाल डॉ. ऊषा अरोड़ा व समकुलपति प्रो. सुषमा यादव मौजूद रहे।
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