{"_id":"9cbaff7ceede98aab412800a05b15109","slug":"protest-for-privatisation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजीकरण के विरोध में किया प्रदर्शन ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
निजीकरण के विरोध में किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो/नारनौल
Updated Sat, 24 Oct 2015 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को आल इंडिया पावर कार्पोरेशन वर्कर्स यूनियन यूनिट के कर्मचारियों ने 23 सब डिवीजन को निजी हाथों में देने के विरोध में प्रदर्शन किया।
जिसकी अध्यक्षता यूनिट प्रधान सत्यपाल सिंह ने की व संचालन यूनिट सचिव सुरेन्द्र सिंह सैनी ने किया। इस विरोध प्रदर्शन के केन्द्र कमेटी के राज्य सचिव किरोड़ी मल सैनी भी उपस्थित थे।
उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार बिजली विभाग को अपने चहेते पूंजीपतियों को देने जा रही है। जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार आने पर कर्मचारी, मजदूर, किसान, छात्र विरोधी फैसले किए जा रहे हैं।
यूनियन के राज्य सचिव किरोड़ीमल सैनी ने कहा कि 14 अगस्त 1998 को हविपा-भाजपा की सरकार ने किसानों को सस्ती व 24 घंटे बिजली व सुधारीकरण के नाम पर बिजली बोर्ड तोड़कर निजीकरण किया। बताया कि जब 400 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया था। जो अब बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया है।
विज्ञापन
यह सब पूर्व व वर्तमान सरकारों की गलत नीतियों का परिणाम है। इस मौके पर वासुदेव शर्मा, अर्जुन सोनी, अजीत, ताराचंद, सचिन, विजय, गोपी, राकेश, कैलाश चंद, बाबूलाल, विक्रम सिंह, संदीप शर्मा, किरोड़ी लाल, रोशन लाल, देशराज मौजूद रहे।
विज्ञापन
जिसकी अध्यक्षता यूनिट प्रधान सत्यपाल सिंह ने की व संचालन यूनिट सचिव सुरेन्द्र सिंह सैनी ने किया। इस विरोध प्रदर्शन के केन्द्र कमेटी के राज्य सचिव किरोड़ी मल सैनी भी उपस्थित थे।
उन्होंने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार बिजली विभाग को अपने चहेते पूंजीपतियों को देने जा रही है। जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार आने पर कर्मचारी, मजदूर, किसान, छात्र विरोधी फैसले किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
यूनियन के राज्य सचिव किरोड़ीमल सैनी ने कहा कि 14 अगस्त 1998 को हविपा-भाजपा की सरकार ने किसानों को सस्ती व 24 घंटे बिजली व सुधारीकरण के नाम पर बिजली बोर्ड तोड़कर निजीकरण किया। बताया कि जब 400 करोड़ रुपये का घाटा दर्शाया था। जो अब बढ़कर 30 हजार करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो गया है।
विज्ञापन
यह सब पूर्व व वर्तमान सरकारों की गलत नीतियों का परिणाम है। इस मौके पर वासुदेव शर्मा, अर्जुन सोनी, अजीत, ताराचंद, सचिन, विजय, गोपी, राकेश, कैलाश चंद, बाबूलाल, विक्रम सिंह, संदीप शर्मा, किरोड़ी लाल, रोशन लाल, देशराज मौजूद रहे।