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15 में हुई बात मिले मार्क किए केवल 13 हजार रुपये

Sat, 06 Feb 2016 01:25 AM IST
नारनौल ब्यूरो।
नारनौल ब्यूरो। Updated Sat, 06 Feb 2016 01:25 AM IST
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June 15 marked the point in only 13 rupees

नारनौल/रेवाड़ी। अंबेडकर चौक स्थित मनोहर अल्ट्रासाउंड केंद्र पर छापा मारकर एक डॉक्टर सहित तीन लोगों को पकड़ने के मामले में प्रशासन को सूचना मिल रही थी कि इस केंद्र पर भ्रूण लिंग की जांच हो रही है। उपायुक्त अतुल कुमार ने इस संबंध में एसडीएम विवेक कालिया और डीएसपी राजेश कुमार अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की एक टीम गठित की जो इस केंद्र पर नजर रखे हुई थी। बहुत ही खुफिया तरीके से चलाए इस छापामारी की भनक किसी को नहीं लगी। यह टीम लगातार एक व्यक्ति के संपर्क में थी, जो एक दिन पहले ही 15 हजार रुपये में लिंग जांच कराने के लिए तैयार हो गया था। शुक्रवार को टीम ने एक नकली ग्राहक पहले से तैयार एक विश्वसनीय साथी के साथ भेजा। सेंटर पर जाने के बाद 15 हजार रुपये में बात पक्की हो गई। इस पर डाक्टर और उसके सहयोगी ने महिला के भ्रूण का लिंग जांच किया। इसी दौरान पहले से ही तैयार बैठी विशेष टीम ने आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया। नारनौल प्रशासन ने डिकॉय पेशेंट के साथ भेजे साथी को मार्क किए 15 हजार रुपये दिए थे। ड्यूटी मजिस्ट्रेट विवेक कालरा के अनुसार छापा मारते समय सेंटर के स्टाफ से मार्क किए 13 हजार रुपये मिले। इसके बाद दोनों अल्ट्रासाउंड मशीनें सील कर दी गईं।

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दोनों जिलों के सेंटर बदलते हैं पेशेंट

सूत्रों की मानें तो रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ के अलावा नारनौल तक के पेशेंट को अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक विभिन्न दलालों के माध्यम से आपस में बदल लेते हैं। मनोहर डायग्नोस्टिक सेंटर पर लिंग जांच होने का पहला साक्ष्य नारनौल से ही मिला था। यही नहीं लिंग जांच होने की पहली जानकारी राजस्थान से हुई थी, जो नारनौल से होते हुए रेवाड़ी तक पहुंची।

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कोड वर्ड में होती है सेटिंग

लिंग जांच के लिए डायग्नोस्टिक सेंटर पर हामी तक भरी जाती थी, जब कोड वर्ड मैच हो जाता था। इस बार पॉजिटिव और निगेटिव जैसे कुछ कोड थे। इनका पता लगाने के बाद डिकॉय पेशेंट ने डायग्नोस्टिक सेंटर कर्मी को अपने विश्वास में लिया और उसके बाद ही  अल्ट्रासाउंड सेंटर कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की गई।

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ऑडियो वीडियो क्लिपिंग बने सबूत

कार्रवाई करने वाली टीम के मुताबिक डिकॉय पेशेंट ने स्टिंग कर विभिन्न लोगों, क्लीनिक होते हुए डायग्नोस्टिक सेंटर पर भी लिंग जांच कराने और रुपये देने की कही। ऑडियो और कहीं वीडियो क्लिपिंग बनाई है। जो सबूत के तौर पर मजबूत आधार हैं और इसी लिहाज से विभाग ने आगे की कार्रवाई की है।


कोट्स

नारनौल प्रशासन की ओर से शहर स्थित सेंटर पर लिंग जांच की जानकारी मिली थी। इसके बाद संयुक्त रूप से दबिश देकर सबूतों के आधार पर दो अल्ट्रासाउंड मशीन सील कर दी गई हैं। - डा. सर्वजीत थापर, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी


कोट

दो दिन से रेवाड़ी मेें ही विभिन्न जगहों पर संदिग्ध सेंटरों पर निगरानी रखे थे। डिकॉय पेशेंट की मदद से और सूत्रों के माध्यम से डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे, जहां लिंग जांच हुई थी। मामले में पूछताछ की जा रही, कई लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है। 

- विवेक कालरा, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम नारनौल

 

कोट 

तीनों आरोपियों दलाल का काम करने वाले सुरेंद्र, टेकिभनशियन सुरेंद्र और डॉ. रमन को नारनौल थाने में लाकर पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। राजेश कुमार, डीएसपी, नारनौल

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