फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   action of task force team, 12 washing plant breaks

टास्क फोर्स ने छापेमारी कर 12 वाशिंग प्लांट तोड़े

Fri, 04 Sep 2015 12:13 AM IST
नारनौल/महेंद्रगढ़
नारनौल/महेंद्रगढ़ Updated Fri, 04 Sep 2015 12:13 AM IST
विज्ञापन

अवैध वाशिंग प्लांट चलने की सूचना मिलने पर बृहस्पतिवार की शाम कृष्णावती नदी में छापेमारी की गई। टीम का नेतृत्व सीटीएम रोहित यादव ने किया, उनके साथ माइनिंग, फोरेस्ट विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।गौरतलब है कि कृष्णावती नदी में करीब डेढ़ दर्जन वाशिंग प्लांट स्थापित हैं। जिनके संचालकों ने कृष्णावती नदी में बजरी खनन शुरू कर दिया। पिछले एक महीने में हजारों पेड़ों को उखड़कर आरा मशीनों पर बेच दिया ताकि फारेस्ट विभाग को सबूत नहीं मिलें।

विज्ञापन


धोलेड़ा क्रशर हादसे के बाद 25 अगस्त को जिला उपायुक्त के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। जिसमें अवैध खनन, वाशिंग प्लांट, क्रशिंगआदि बंद करवाने के निर्देश दिए गए। अंकुश नहीं लगने पर संबंधित विभाग के अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। आदेशानुसार 26 अगस्त को कृष्णावती नदी, पहाड़ तथा क्रेशर जोन में दबिश दी गई। करीब 10 वाशिंग प्लांटों को तोड़े गए, क्रेशर संचालकों को मापदंडों की पालना के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन


दोबारा शुरू हो गए थे प्लांट
कार्रवाई के पांच दिन बाद दुबारा खनन शुरू हो गया। 3-4 संचालकों ने बजरी वाशिंग करनी शुरू कर दी। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ना शुरू हो गया। बुधवार को उन्होंने शिकायत दर्ज करवाई। 3 सितंबर को खबर प्रकाशित होने के बाद इस पर संज्ञान लेते हुए बृहस्पतिवार की शाम दुबारा छापेमार की गई। करीब 3 बजे भेड़टी के कार्रवाई आरंभ करके नोलायजा तक 12 प्लांटों को तोड़ा गया। टीम को कई संचालक प्लांटों के निर्माण करवाते मिले। पुलिस अमला देखकर संसाधनों समेत भागने में कामयाब हो गए। सीटीएम के निर्देश पर ढांचे को ध्वस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


भड़के सीटीएम
कृष्णावती नदी में खनन का भी जायजा लिया गया। पेड़ों की कटाई के सबूत देखकर सीटीएम भड़क गए। फारेस्ट विभाग के अधिकारियों को खरीखोटी सुनाई और सख्त ड्यूटी के आदेश दिए।

प्रभावशाली संचालकों के प्लांट सुरक्षित
दोस्तपुर की सीमा से निकलते ही तीन वाशिंग प्लांट सुरक्षित हैं। इनमें एक प्लांट पर बजरी वाशिंग हो रही है। दो अन्य प्लांटों का अड्डा सुरक्षित रह गया। जिन्हें अभियान ठंडा पड़ने का इंतजार है। ग्रामीणों बताया कि तीनों प्लांटों के आगे-पीछे तोड़फोड़ कर दी गई। लेकिन इनकी ओर ध्यान नहीं देने से कार्रवाई में भेदभाव दिखाई दे रहा है।

सीटीएम को ज्ञापन सौंपने की योजना
उन्होंने बताया कि जिला उपायुक्त के आदेशानुसार सभी अवैध गतिविधियों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन खनन विभाग के अधिकारियों ने सीटीएम को बरगलाकर चहेतों के प्लांट नहीं तोडने दिए। शुक्रवार को ज्ञापन सौंपकर स्थिति से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब अवैध खनन नहीं करेंगे और दूसरों को करने भी नहीं देंगे।

हड़कंप की रही स्थिति
खबर प्रकाशित होने के बाद खनन माफिया में सुबह ही हड़कंप मच गया। उन्होंने आकाओं से संपर्क साधकर आगामी दिशा-निर्देश मांगे। भनक लगने पर जेसीबी, डंपर व अन्य संसाधनों को इधर-उधर करा दिया। टास्क फोर्स ने तोड़फोड़ कर संचालकों को कार्रवाई की चेतावनी दी।


नरमी नहीं बरतेगा जिला प्रशासन
सीटीएम रोहित यादव ने कहा कि अवैध खनन को लेकर जिला प्रशासन नरमी नहीं बरतेगा। किसी भी सूरत में खनन माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि छापेमार अभियान नियमित रूप से जारी रहेगा। इसके लिए विभिन्न टीमों का गठन कर दिया गया। खेत में प्लांट स्थापित करवाने पर उसके मालिक पर मुकदमा दर्ज होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed