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जिला जेल में दो कैदियों तीन मोबाइल और एक सिम कार्ड बरामद
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जिला जेल में दो कैदियों तीन मोबाइल और एक सिम कार्ड बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमों ने शुक्रवार सुबह जिला जेल नसीबपुर में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस की टीम ने दो कैदियों से तीन मोबाइल और एक सिम कार्ड बरामद किया। इस मामले में सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देश पर पुलिस की एक टीम ने जिला जेल नसीबपुर में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कैदी पवन अग्रवाल के पास दो मोबाइल फोन व वीरेंद्र उर्फ झुथर के पास एक मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किया गया। पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया की जेल में मोबाइल फोन कैदियों व बंदियों के प्रयोग करने की सूचना एसपी को मिली थी। इस पर साइबर क्राइम सेल ने जांच में इसे सही पाया कि जेल में मोबाइल इस्तेमाल हो रहे हैं। इसी पर एसपी ने डीएसपी महेश कुमार के नेतृत्व में दो पार्टी तैयार की। जिसमे सीआईए नारनौल व साइबर टीम के साथ सिटी एसएचओ रमेश कुमार भी शामिल थे। दोनों टीमों ने नसीबपुर जेल में सुबह करीब दस बजे चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान बैरक नंबर पांच में एनडीपीएस एक्ट में सजा काट रहे पवन अग्रवाल के पास से दो मोबाइल बरामद हुए। इसी तरह बैरक नंबर तीन से हत्या व हत्या की कोशिश में सजा काट रहा वीरेंद्र उर्फ झुथर निवासी खेरोली के पास से एक मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुआ। दोनों के खिलाफ थाना सिटी पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुुलिस लेगी प्रोटेक्शन रिमांड पर
प्रवक्ता ने बताया कि जल्द ही दोनों आरोपियों को महाबीर चौकी पुलिस अदालत में पेश कर प्रोटेक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। दोनों आरोपियों से जेल में मोबाइल कैसे आए, किसने इन मोबाइलों को आरोपियों तक पहुंचाया, किन लोगों से बात की समेत अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।
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किसी को नहीं लगी भनक
नसीबपुर जेल में शुक्रवार का यह चेकिंग अभियान गुप्त रखा गया ताकि इसकी सूचना किसी कैदी के पास नहीं पहुंच पाए। साइबर टीम व पुलिस अधीक्षक को ही इसकी जानकारी थी। यहां तक की नसीबपुर जेल के अधिकारियों को भी नहीं पता था। इस दौरान पुलिस ने जेल से तीन मोबाइल फोन व एक सिम बरामद करने में कामयाब रही। इससे पहले भी जेल में कैदियों से मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं। जेल में कई नामी बदमाश भी बंद हैं। ऐसे में जेल में मोबाइल मिलने से जेल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस की दो टीमों ने शुक्रवार सुबह जिला जेल नसीबपुर में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस की टीम ने दो कैदियों से तीन मोबाइल और एक सिम कार्ड बरामद किया। इस मामले में सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के निर्देश पर पुलिस की एक टीम ने जिला जेल नसीबपुर में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कैदी पवन अग्रवाल के पास दो मोबाइल फोन व वीरेंद्र उर्फ झुथर के पास एक मोबाइल और सिम कार्ड बरामद किया गया। पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया की जेल में मोबाइल फोन कैदियों व बंदियों के प्रयोग करने की सूचना एसपी को मिली थी। इस पर साइबर क्राइम सेल ने जांच में इसे सही पाया कि जेल में मोबाइल इस्तेमाल हो रहे हैं। इसी पर एसपी ने डीएसपी महेश कुमार के नेतृत्व में दो पार्टी तैयार की। जिसमे सीआईए नारनौल व साइबर टीम के साथ सिटी एसएचओ रमेश कुमार भी शामिल थे। दोनों टीमों ने नसीबपुर जेल में सुबह करीब दस बजे चेकिंग अभियान चलाया। चेकिंग के दौरान बैरक नंबर पांच में एनडीपीएस एक्ट में सजा काट रहे पवन अग्रवाल के पास से दो मोबाइल बरामद हुए। इसी तरह बैरक नंबर तीन से हत्या व हत्या की कोशिश में सजा काट रहा वीरेंद्र उर्फ झुथर निवासी खेरोली के पास से एक मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुआ। दोनों के खिलाफ थाना सिटी पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुुलिस लेगी प्रोटेक्शन रिमांड पर
प्रवक्ता ने बताया कि जल्द ही दोनों आरोपियों को महाबीर चौकी पुलिस अदालत में पेश कर प्रोटेक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ करेगी। दोनों आरोपियों से जेल में मोबाइल कैसे आए, किसने इन मोबाइलों को आरोपियों तक पहुंचाया, किन लोगों से बात की समेत अन्य पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी।
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किसी को नहीं लगी भनक
नसीबपुर जेल में शुक्रवार का यह चेकिंग अभियान गुप्त रखा गया ताकि इसकी सूचना किसी कैदी के पास नहीं पहुंच पाए। साइबर टीम व पुलिस अधीक्षक को ही इसकी जानकारी थी। यहां तक की नसीबपुर जेल के अधिकारियों को भी नहीं पता था। इस दौरान पुलिस ने जेल से तीन मोबाइल फोन व एक सिम बरामद करने में कामयाब रही। इससे पहले भी जेल में कैदियों से मोबाइल फोन बरामद हो चुके हैं। जेल में कई नामी बदमाश भी बंद हैं। ऐसे में जेल में मोबाइल मिलने से जेल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।