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लंबे रूटों पर नारनौल डिपो की बसें बीच में नहीं छोड़ेगी आपका साथ
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:45 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल। सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों का ओवर टाइम खत्म कर दिया है। इससे जिले के लोकल रूटों पर बस सेवा प्रभावित प्रभावित हुई है लेकिन लंबे रूटों पर पहले की तरह बसों की सेवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में चंडीगढ़ और जयपुर जाने वाले यात्रियों चिंता करने की जरूरत नहीं है।
बता दें कि दूसरे जिलों में रोडवेज विभाग ने लंबी दूरी की सेवाओं को कम दिया है। एक तय दूरी के बाद दूसरी बस लेनी पड़ रही है लेकिन नारनौल डिपो ने अभी ऐसा नहीं किया है। रोडवेज के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर हाल में करीब 18 दिन तक हड़ताल की थी। तीन नवंबर से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने पर बस सेवा पहले जैसी बहाल हुई थी। तीन दिन पहले सरकार ने एक और फरमान जारी कर दिया। इसके तहत अब रोडवेज के चालकों-परिचालकों ओवर टाइम नहीं देने के बारे में कहा गया है। सभी कर्मियों को आठ घंटे रोजाना कार्य करना होगा। ऐसे में रोडवेज की बस सेवा एक बार फिर से पटरी से बाहर उतरने लगी है। जिस पर रोडवेज ने घाटे वाले रूटों पर बस सेवा बंद करनी शुरू कर दी है। फिलहाल विभाग ने लुधियाना जाने वाली एक बस बंद की है।
दूसरी ओर सुबह चंडीगढ़ जाने वाली भी एक बस की बंद कर दिया गया है। इसके अलावा दिन में जिन रूटों पर रोडवेज की आय कम हो रही थी, इस पर भी सेवा कम कर दी गई है। दूसरी ओर जो पहले बसें अतिरिक्त फेरे मार रही थी, अब वह भी कम कर दी गई है। जिस कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रोडवेज का कहना है कि ओवर टाइम से नारनौल डिपो से चलने वाली बसों का दोबारा से री-शेड्यूल किया जा रहा है। जिससे की यात्रियों को परेशानी न हो।
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चंडीगढ़ और जयपुर रूट पर सेवा पहले जैसी
रोडवेज के जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि चंडीगढ़, जयपुर और कोटा के लिए बस सेवा पहले की तरह दी जा रही है। इन रूटों को बसें बस स्टैंड से अंतिम स्टेशन तक यात्रियों को पहुंचा रही है। इन रूटों के चालकों को सरकार के तय नियम के अनुसार अवकाश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 48 घंटे के बाद चालक-परिचालक को अवकाश देने के निर्देश है। नारनौल डिपो में बीस चालक अतिरिक्त है। ऐसे में लंबे रूटों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। नए सिरे से बसों की शेड्यूलिंग की जा रही है। जिससे की कर्मचारियों के अनुसार आठ घंटे ड्यूटी भी कर सके और काम भी प्रभावित न हो।
प्रदेश के अंतिम छोर पर है नारनौल
नारनौल डिपो प्रदेश के अंतिम में है। यहां से हिसार, यमुनानगर, जींद, अंबाला व सिरसा जैसे स्टेशन पर आठ घंटे में बसों के जाना-आना संभव नहीं है। ऐसे में इन रूटों पर रोडवेज को यात्रियों को सेवा देना आसान नहीं है। इन जिलों में बस देने के लिए भिवानी और रोहतक तक बस सेवा दे सकती है। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस लेनी पड़ेगी। हालांकि नारनौल डिपो की एक ही बस हिसार जाती है, वह भी वाया जयपुर है।
188 कर्मचारियों की जरूरत
ओवर टाइम के आदेश के बाद रोडवेज ने नारनौल डिपो में कर्मचारियों की डिमांड मांगी थी। जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि 104 कंडक्टर व 84 चालक की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अभी 238 चालक व 218 परिचालक कार्यरत है। आठ घंटे के हिसाब से अभी 188 कर्मचारियों की जरूरत है। इसकी जानकारी मुख्यालय को भेज दी गई है।
फायदे में रोडवेज
19 नवंबर को रोडवेज की 130 बसें विभिन्न रूटों पर 46,925 किलोमीटर चली थी। यानि एक बस ने करीब 332 किलोमीटर चली। इससे रोडवेज को कुल 14,78,641 रुपये मिले। जब रोडवेज ने तीन नवंबर से 19 नवंबर तक आय का ब्योरा देंखे तो ओवर टाइम में भी रोडवेज को कोई खास फायदा नहीं हुआ है। जैसे 17 नवंबर को 133 बसें चली और आय 12,21,114 रुपये हुआ। इस दौरान सभी रूटों पर चालकों ने अतिरिक्त समय में भी बसें चलाई थी। अन्य दिनों में भी रोडवेज को आय 11 लाख से 14 लाख के बीच आय रही थी।
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नारनौल। सरकार ने रोडवेज कर्मचारियों का ओवर टाइम खत्म कर दिया है। इससे जिले के लोकल रूटों पर बस सेवा प्रभावित प्रभावित हुई है लेकिन लंबे रूटों पर पहले की तरह बसों की सेवाएं दी जा रही हैं। ऐसे में चंडीगढ़ और जयपुर जाने वाले यात्रियों चिंता करने की जरूरत नहीं है।
बता दें कि दूसरे जिलों में रोडवेज विभाग ने लंबी दूरी की सेवाओं को कम दिया है। एक तय दूरी के बाद दूसरी बस लेनी पड़ रही है लेकिन नारनौल डिपो ने अभी ऐसा नहीं किया है। रोडवेज के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर हाल में करीब 18 दिन तक हड़ताल की थी। तीन नवंबर से रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने पर बस सेवा पहले जैसी बहाल हुई थी। तीन दिन पहले सरकार ने एक और फरमान जारी कर दिया। इसके तहत अब रोडवेज के चालकों-परिचालकों ओवर टाइम नहीं देने के बारे में कहा गया है। सभी कर्मियों को आठ घंटे रोजाना कार्य करना होगा। ऐसे में रोडवेज की बस सेवा एक बार फिर से पटरी से बाहर उतरने लगी है। जिस पर रोडवेज ने घाटे वाले रूटों पर बस सेवा बंद करनी शुरू कर दी है। फिलहाल विभाग ने लुधियाना जाने वाली एक बस बंद की है।
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दूसरी ओर सुबह चंडीगढ़ जाने वाली भी एक बस की बंद कर दिया गया है। इसके अलावा दिन में जिन रूटों पर रोडवेज की आय कम हो रही थी, इस पर भी सेवा कम कर दी गई है। दूसरी ओर जो पहले बसें अतिरिक्त फेरे मार रही थी, अब वह भी कम कर दी गई है। जिस कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रोडवेज का कहना है कि ओवर टाइम से नारनौल डिपो से चलने वाली बसों का दोबारा से री-शेड्यूल किया जा रहा है। जिससे की यात्रियों को परेशानी न हो।
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चंडीगढ़ और जयपुर रूट पर सेवा पहले जैसी
रोडवेज के जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि चंडीगढ़, जयपुर और कोटा के लिए बस सेवा पहले की तरह दी जा रही है। इन रूटों को बसें बस स्टैंड से अंतिम स्टेशन तक यात्रियों को पहुंचा रही है। इन रूटों के चालकों को सरकार के तय नियम के अनुसार अवकाश दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 48 घंटे के बाद चालक-परिचालक को अवकाश देने के निर्देश है। नारनौल डिपो में बीस चालक अतिरिक्त है। ऐसे में लंबे रूटों में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। नए सिरे से बसों की शेड्यूलिंग की जा रही है। जिससे की कर्मचारियों के अनुसार आठ घंटे ड्यूटी भी कर सके और काम भी प्रभावित न हो।
प्रदेश के अंतिम छोर पर है नारनौल
नारनौल डिपो प्रदेश के अंतिम में है। यहां से हिसार, यमुनानगर, जींद, अंबाला व सिरसा जैसे स्टेशन पर आठ घंटे में बसों के जाना-आना संभव नहीं है। ऐसे में इन रूटों पर रोडवेज को यात्रियों को सेवा देना आसान नहीं है। इन जिलों में बस देने के लिए भिवानी और रोहतक तक बस सेवा दे सकती है। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बस लेनी पड़ेगी। हालांकि नारनौल डिपो की एक ही बस हिसार जाती है, वह भी वाया जयपुर है।
188 कर्मचारियों की जरूरत
ओवर टाइम के आदेश के बाद रोडवेज ने नारनौल डिपो में कर्मचारियों की डिमांड मांगी थी। जीएम राजीव नागपाल ने बताया कि 104 कंडक्टर व 84 चालक की जरूरत है। उन्होंने बताया कि अभी 238 चालक व 218 परिचालक कार्यरत है। आठ घंटे के हिसाब से अभी 188 कर्मचारियों की जरूरत है। इसकी जानकारी मुख्यालय को भेज दी गई है।
फायदे में रोडवेज
19 नवंबर को रोडवेज की 130 बसें विभिन्न रूटों पर 46,925 किलोमीटर चली थी। यानि एक बस ने करीब 332 किलोमीटर चली। इससे रोडवेज को कुल 14,78,641 रुपये मिले। जब रोडवेज ने तीन नवंबर से 19 नवंबर तक आय का ब्योरा देंखे तो ओवर टाइम में भी रोडवेज को कोई खास फायदा नहीं हुआ है। जैसे 17 नवंबर को 133 बसें चली और आय 12,21,114 रुपये हुआ। इस दौरान सभी रूटों पर चालकों ने अतिरिक्त समय में भी बसें चलाई थी। अन्य दिनों में भी रोडवेज को आय 11 लाख से 14 लाख के बीच आय रही थी।