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एडीजे ने दो आरोपियों को सुनाई उम्र कैद, एक को पांच साल की सजा, मुख्य आरोपी की मां को किया बरी
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महेंद्रगढ़। अदालत परिसर में 8 सितंबर 2017 को पुलिस टीम पर की गई फायरिंग के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपम की अदालत ने पुष्कर और मिंटू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इन दोनों को अलग-अलग धाराओं के तहत 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी किया। साथ ही जुर्माना की अदायगी नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। इसके अलावा दोषी विष्णु को 25 आर्म्स एक्ट के तहत पांच वर्ष की सजा तथा पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वहीं मुख्य आरोपी विक्रम उर्फ पप्पला की मां उर्मिला निवासी खैरोली को बरी कर दिया है। इस मामले में अभियुक्त विक्रम अब भी फरार है। पुलिस ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम भी रखा हुआ है।
बता दें कि महेंद्रगढ़ कोर्ट में हुई फायरिंग मामले में नारनौल स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपम की अदालत में मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने विष्णु, निवासी गंगावत जिला भरतपुर, पुष्कर निवासी दादा की ढाणी निवासी नांगल चौधरी एवं मिंटू उर्फ लाला को दोषी करार दिया। दोषी मिंटू उर्फ लाला और पुष्कर को धारा 120 बी के तहत सात-सात वर्ष की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। धारा 148, 149 के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा, धारा 307 के तहत उम्रकैद तथा पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना, धारा 332 के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा तथा धारा 353, 149 के तहत दो-दो वर्ष की सजा सुनाई।
यह था मामला
आपको बता दें कि वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और विक्रम उर्फ पप्पला पर हत्या के मामले में दर्ज हैं। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया हुआ था। आठ सितंबर 2017 को दोनों अभियुक्तों की महेंद्रगढ़ कोर्ट में तारीख थी। जब पुलिस दोनों बंदियों को महेंद्रगढ़ कोर्ट में वैन के अंदर लेकर आई तो उनको उतारते समय एक गाड़ी में आए मिंटू उर्फ लाल सिंह, पुष्कर एवं संदीप उर्फ सिंधिया तथा दो अन्य ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। हमलावर अपने एक साथी विक्रम उर्फ पप्पला को भगा ले जाने में कामयाब हो गए थे, जबकि वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर को पुलिस ने वहीं दबोच लिया था। इस फायरिंग में चार पुलिस कर्मी घायल हो गए थे और एक बंदी घायल हो गया था। फायरिंग में घायल एएसआई धर्मवीर आज भी कोमा में हैं। उसका इलाज गुरुग्राम के निजी अस्पताल में चल रहा है।
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वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और संदीप उर्फ सिंधिया को पहले हो चुकी उम्रकैद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर, विक्रम उर्फ पप्पला, मिंटू उर्फ लाल सिंह, पुष्कर एवं संदीप उर्फ सिंधिया तथा दो अन्य के खिलाफ आर्म्स एक्ट 25, 120बी, 148, 149, 223, 307, 332, 353 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। दोषियों में वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और संदीप उर्फ सिंधिया को उक्त मामले में पहले ही उम्रकैद हो चुकी है।
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बता दें कि महेंद्रगढ़ कोर्ट में हुई फायरिंग मामले में नारनौल स्थित अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रूपम की अदालत में मंगलवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच बहस हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने विष्णु, निवासी गंगावत जिला भरतपुर, पुष्कर निवासी दादा की ढाणी निवासी नांगल चौधरी एवं मिंटू उर्फ लाला को दोषी करार दिया। दोषी मिंटू उर्फ लाला और पुष्कर को धारा 120 बी के तहत सात-सात वर्ष की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। धारा 148, 149 के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा, धारा 307 के तहत उम्रकैद तथा पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना, धारा 332 के तहत तीन-तीन वर्ष की सजा तथा धारा 353, 149 के तहत दो-दो वर्ष की सजा सुनाई।
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यह था मामला
आपको बता दें कि वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और विक्रम उर्फ पप्पला पर हत्या के मामले में दर्ज हैं। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार किया हुआ था। आठ सितंबर 2017 को दोनों अभियुक्तों की महेंद्रगढ़ कोर्ट में तारीख थी। जब पुलिस दोनों बंदियों को महेंद्रगढ़ कोर्ट में वैन के अंदर लेकर आई तो उनको उतारते समय एक गाड़ी में आए मिंटू उर्फ लाल सिंह, पुष्कर एवं संदीप उर्फ सिंधिया तथा दो अन्य ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। हमलावर अपने एक साथी विक्रम उर्फ पप्पला को भगा ले जाने में कामयाब हो गए थे, जबकि वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर को पुलिस ने वहीं दबोच लिया था। इस फायरिंग में चार पुलिस कर्मी घायल हो गए थे और एक बंदी घायल हो गया था। फायरिंग में घायल एएसआई धर्मवीर आज भी कोमा में हैं। उसका इलाज गुरुग्राम के निजी अस्पताल में चल रहा है।
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वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और संदीप उर्फ सिंधिया को पहले हो चुकी उम्रकैद
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इस मामले में वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर, विक्रम उर्फ पप्पला, मिंटू उर्फ लाल सिंह, पुष्कर एवं संदीप उर्फ सिंधिया तथा दो अन्य के खिलाफ आर्म्स एक्ट 25, 120बी, 148, 149, 223, 307, 332, 353 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। दोषियों में वीरेंद्र उर्फ झुथ्थर और संदीप उर्फ सिंधिया को उक्त मामले में पहले ही उम्रकैद हो चुकी है।