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दो जिलों की पुलिस गैंगरेप के आरोपियों को 24 घंटे बाद भी गिरफ्तार नहीं कर सकी 19-47-25
Updated Sat, 15 Sep 2018 01:18 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
नारनौल/कनीना। कनीना थाना क्षेत्र में छात्रा से हुए गैंगरेप मामले में पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन 24 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को अरेस्ट नहीं कर सकी है। दूसरी ओर पीड़िता को रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता के घर पुलिस तैनात कर दी है। मामले में महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी पुलिस जांच कर रही है।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि रेवाड़ी से जीरो एफआईआर मिलने पर कनीना थाना पुलिस ने वीरवार की शाम केस दर्ज कर लिया था। रात को ही पुलिस की टीमों ने आरोपियों के घर पर दबिश दी थी, लेकिन आरोपी फरार मिले। तीनों के परिजनों से पूछताछ की गई है। उसके बाद अन्य जगहों पर भी पुलिस छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों के मोबाइल नंबर की डिटेल की जांच की जा रही है। पीड़ित परिजनों से भी छात्रा का मोबाइल नंबर मांगा गया है, ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके।
एससी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की चार टीमें महेंद्रगढ़ से और दो टीम रेवाड़ी जिले की जांच कर रही हैं। साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। एसपी ने बताया कि छात्रा की तबीयत खराब होने के कारण परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए रेवाड़ी अस्पताल में लेकर गए हैं। ऐसे में पीड़िता का 164 के तहत बयान दर्ज नहीं हो सका है। केस दर्ज होने की देरी पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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व्हाट्सएप कॉलिंग
पुलिस तीनों आरोपियों के कॉल डिलेट की जांच कर रही है। जिससे की पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने व्हाट्सएप से कॉल किया होगा। ऐसे में पुलिस को पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। इसके अलावा तीनों की सोशल मीडिया से जानकारी जुटाई जा रही है।
छात्रा रेवाड़ी अस्पताल में भर्ती
महिला जांच अधिकारी और लीगल सलाहकार ने शुक्रवार को पीड़िता के बयान कलमबद्ध किए। इसके बाद लड़की की गंभीर हालात को देखते हुए पुलिस सुरक्षा के साथ रेवाड़ी सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया। जहां पर उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता के स्वास्थ्य में सुधार है।
जिसे ट्रेनिंग देकर आगे बढ़ाया, उसी ने किया विश्वासघात
छात्रा के पिता ने पुलिस के समक्ष बताया कि पंकज को कबड्डी की कोचिंग दी थी। जिसकी बदौलत दो साल पहले झारखंड से भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। इसके अलावा मनीष उसी स्कूल में पढ़ा है, जहां वे कबड्डी की कोचिंग देते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने उनके साथ विश्वासघात किया है। पंकज को आगे लाने में काफी मेहनत की लेकिन धोखा दिया। दूसरी ओर पीड़िता की मां ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई है। पीड़िता के पिता कनीना के एक निजी स्कूल में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि आरोपी युवक व उसके परिजन पुलिस कार्रवाई करने पर उन्हें जान से हाथ धोने की धमकी दे रहे हैं। इसके बाद पीड़ित पक्ष को पुलिस ने सुरक्षा मुहैया करवाई है। दूसरी ओर कोचिंग सेंटर संचालक संदीप ने बताया कि छात्रा ने हाल ही में दाखिला लिया था। वह 3-4 दिन ही सेंटर पर आई होगी। छात्रा प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग ले रही थी।
आरोपियों की बढ़ सकती है संख्या
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पंकज, मनीष और निशु के खिलाफ वीरवार की शाम गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। परिजनों को शक है कि मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं। एसपी विनोद कुमार ने कहा कि अभी पीड़िता के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर और शक जताया है। ऐसे में परिजनों व लड़की के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये है मामला
कोसली क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा को वीरवार को तीन लड़कों ने अगवा करके गैंगरेप किया था। छात्रा वर्ष 2015 में बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में हरियाणा में टॉपर रह चुकी है। पीड़िता को 26 जनवरी 2016 को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था। लड़की नेशनल कबड्डी की भी खिलाड़ी है। फिलहाल छात्रा बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई और कनीना के एक सेंटर में कोचिंग ले रही है। 12 सितंबर को पिता के साथ कनीना आई थी। बस स्टैंड से गुजर रही थी तो गांव के पंकज व मनीष मिले। आरोप है कि पंकज ने लड़की को पानी पिलाया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद दोनो उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां निशु नामक युवक पहले मौजूद था। तीनों ने उसके साथ रेप किया। गैंगरेप के बाद उसे गंभीर हालत में बस स्टैंड पर छोड़ दिया।
वर्जन
मामले में पुलिस अधीक्षक नारनौल और रेवाड़ी दोनों मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- श्रीकांत जाधव, एडीजीपी रेवाड़ी।
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वर्जन
कानून अपना काम करेगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।
दुष्कर्म के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर एबीवीपी ने पुलिस को दिया ज्ञापन
फोटो नंबर 24
कनीना में छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर एबीवीपी के नगर मंत्री संदीप रोहिल्ला ने पुलिस अधीक्षक के नाम अटेली थाने में ज्ञापन दिया। संदीप रोहिल्ला ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का कोई सार्थक असर समाज में दिखाई नहीं दे रहा है। बहन बेटी सुरक्षित नहीं है। एबीवीपी इस प्रकार की घटनाओं को सहन नहीं करेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द सलाखों तक पहुंचाने की मांग की है।
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नारनौल/कनीना। कनीना थाना क्षेत्र में छात्रा से हुए गैंगरेप मामले में पुलिस की टीमें आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है, लेकिन 24 घंटे बाद भी पुलिस आरोपियों को अरेस्ट नहीं कर सकी है। दूसरी ओर पीड़िता को रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पीड़िता के घर पुलिस तैनात कर दी है। मामले में महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी पुलिस जांच कर रही है।
एसपी विनोद कुमार ने बताया कि रेवाड़ी से जीरो एफआईआर मिलने पर कनीना थाना पुलिस ने वीरवार की शाम केस दर्ज कर लिया था। रात को ही पुलिस की टीमों ने आरोपियों के घर पर दबिश दी थी, लेकिन आरोपी फरार मिले। तीनों के परिजनों से पूछताछ की गई है। उसके बाद अन्य जगहों पर भी पुलिस छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया कि तीनों आरोपियों के मोबाइल नंबर की डिटेल की जांच की जा रही है। पीड़ित परिजनों से भी छात्रा का मोबाइल नंबर मांगा गया है, ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके।
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एससी ने बताया कि इस मामले में पुलिस की चार टीमें महेंद्रगढ़ से और दो टीम रेवाड़ी जिले की जांच कर रही हैं। साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। एसपी ने बताया कि छात्रा की तबीयत खराब होने के कारण परिजन उसे बेहतर उपचार के लिए रेवाड़ी अस्पताल में लेकर गए हैं। ऐसे में पीड़िता का 164 के तहत बयान दर्ज नहीं हो सका है। केस दर्ज होने की देरी पर उन्होंने कहा कि इसकी जांच कराई जाएगी। यदि किसी पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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व्हाट्सएप कॉलिंग
पुलिस तीनों आरोपियों के कॉल डिलेट की जांच कर रही है। जिससे की पूरी वारदात की कड़ियों को जोड़ा जा सके। पुलिस को शक है कि आरोपियों ने व्हाट्सएप से कॉल किया होगा। ऐसे में पुलिस को पूरी जानकारी नहीं मिल पा रही है। इसके लिए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। इसके अलावा तीनों की सोशल मीडिया से जानकारी जुटाई जा रही है।
छात्रा रेवाड़ी अस्पताल में भर्ती
महिला जांच अधिकारी और लीगल सलाहकार ने शुक्रवार को पीड़िता के बयान कलमबद्ध किए। इसके बाद लड़की की गंभीर हालात को देखते हुए पुलिस सुरक्षा के साथ रेवाड़ी सामान्य अस्पताल में उपचार के लिए भेज दिया। जहां पर उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार पीड़िता के स्वास्थ्य में सुधार है।
जिसे ट्रेनिंग देकर आगे बढ़ाया, उसी ने किया विश्वासघात
छात्रा के पिता ने पुलिस के समक्ष बताया कि पंकज को कबड्डी की कोचिंग दी थी। जिसकी बदौलत दो साल पहले झारखंड से भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। इसके अलावा मनीष उसी स्कूल में पढ़ा है, जहां वे कबड्डी की कोचिंग देते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपियों ने उनके साथ विश्वासघात किया है। पंकज को आगे लाने में काफी मेहनत की लेकिन धोखा दिया। दूसरी ओर पीड़िता की मां ने आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताई है। पीड़िता के पिता कनीना के एक निजी स्कूल में पीटीआई के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि आरोपी युवक व उसके परिजन पुलिस कार्रवाई करने पर उन्हें जान से हाथ धोने की धमकी दे रहे हैं। इसके बाद पीड़ित पक्ष को पुलिस ने सुरक्षा मुहैया करवाई है। दूसरी ओर कोचिंग सेंटर संचालक संदीप ने बताया कि छात्रा ने हाल ही में दाखिला लिया था। वह 3-4 दिन ही सेंटर पर आई होगी। छात्रा प्रतियोगी परीक्षा की कोचिंग ले रही थी।
आरोपियों की बढ़ सकती है संख्या
शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पंकज, मनीष और निशु के खिलाफ वीरवार की शाम गैंगरेप समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। परिजनों को शक है कि मामले में अन्य आरोपी भी शामिल हैं। एसपी विनोद कुमार ने कहा कि अभी पीड़िता के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। परिजनों ने गांव के कुछ लोगों पर और शक जताया है। ऐसे में परिजनों व लड़की के बयान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ये है मामला
कोसली क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा को वीरवार को तीन लड़कों ने अगवा करके गैंगरेप किया था। छात्रा वर्ष 2015 में बोर्ड की 10वीं कक्षा की परीक्षा में हरियाणा में टॉपर रह चुकी है। पीड़िता को 26 जनवरी 2016 को राष्ट्रपति ने सम्मानित किया था। लड़की नेशनल कबड्डी की भी खिलाड़ी है। फिलहाल छात्रा बीएससी प्रथम वर्ष की पढ़ाई और कनीना के एक सेंटर में कोचिंग ले रही है। 12 सितंबर को पिता के साथ कनीना आई थी। बस स्टैंड से गुजर रही थी तो गांव के पंकज व मनीष मिले। आरोप है कि पंकज ने लड़की को पानी पिलाया। इससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद दोनो उसे एक सुनसान जगह पर ले गए, जहां निशु नामक युवक पहले मौजूद था। तीनों ने उसके साथ रेप किया। गैंगरेप के बाद उसे गंभीर हालत में बस स्टैंड पर छोड़ दिया।
वर्जन
मामले में पुलिस अधीक्षक नारनौल और रेवाड़ी दोनों मिलकर काम कर रहे हैं। पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- श्रीकांत जाधव, एडीजीपी रेवाड़ी।
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कानून अपना काम करेगा। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- मनोहर लाल, मुख्यमंत्री, हरियाणा।
दुष्कर्म के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर एबीवीपी ने पुलिस को दिया ज्ञापन
फोटो नंबर 24
कनीना में छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर एबीवीपी के नगर मंत्री संदीप रोहिल्ला ने पुलिस अधीक्षक के नाम अटेली थाने में ज्ञापन दिया। संदीप रोहिल्ला ने बताया कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का कोई सार्थक असर समाज में दिखाई नहीं दे रहा है। बहन बेटी सुरक्षित नहीं है। एबीवीपी इस प्रकार की घटनाओं को सहन नहीं करेगी। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों को जल्द सलाखों तक पहुंचाने की मांग की है।