{"_id":"59dcf9214f1c1b9e678b512d","slug":"131507653921-mahendragarh-narnaul-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम क","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
एटीएम क
Updated Tue, 10 Oct 2017 10:15 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या:46
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। पुलिस ने एटीएम में रुपये डालने वाले वाले दो कर्मचारियों को हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएम में पैसे डालने का ठेका सिक्योर वेल्यू इंडिया लिमिटेड कंपनी के पास है। उसी कंपनी के अंडर दोनों आरोपी बतौर कस्टोडियन के रूप में काम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों पर 16 लाख 38 हजार 500 रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है। पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बता दें कि एटीएम में नकदी सेवा का काम करने वाली सिक्योर वेल्यू इंडिया लि. के एटीएम मशीन सुपरविजन अधिकारी कुलदीप सिंह ने पुलिस में शिकायत देकर अपनी ही कंपनी के दो कर्मचारियों पर एटीएम मशीन में पैसा कम डालकर हेराफेरी करने का आरोप लगाया था। कुलदीप सिंह की तरफ से पुलिस में दी गई शिकायत में कहा गया था कि सुनील कुमार पुत्र बलवाल सिंह मुंडियाखेडा दोंगड़ा अहीर व विकास पुत्र रामफल गांव पाली निवासी कंपनी की तरफ से महेंद्रगढ़ क्षेत्र के एटीएम में कैश डालने का काम देख रहे थे। इनको कंपनी की तरफ से एक कैश वैन, ड्राइवर और दो गनमैन उपलब्ध करवाए गए थे। एटीएम में कैश डालने के बाद कर्मचारी दो रिपोर्ट बनाते हैं। जिसे सीबीआर कहते हैं। जो की एक बैंक और दूसरी कंपनी के ऑफिस में भेजी जाती है। साथ के साथ मशीन के काउंटर में भी अपडेट किए जाते हैं। इसको ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाती है। कभी भी कोई अफसर अकेला मशीन में कैश डालता है या खोलता है तो यह कंपनी के नियमों के विरुद्ध है। कंपनी के दोनों कर्मचारी यह करते थे। 30 अप्रैल 2016 को आईसीआईसी महेंद्रगढ़ के ब्रांच मैनेजर ने उनके पास फोन करके जानकारी दी कि आपका एटीएम ऑफिसर विकास यादव शराब के नशे में अकेला एटीएम खोल कर कुछ पैसे निकालकर भाग गया है। बैंक और इंचार्ज के दबाव डालने एवं पुलिस में शिकायत करने की धमकी देकर एवं उसके घर वालों को सूचित करने के बाद 2 घंटे के अंदर वो चोरी की गई रकम को मशीन में डाल दिया तथा माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसा गलत काम ना करने का वादा किया। इनकी इन हरकतों को देखते हुए हमने इनके सभी एटीएम मशीनों का ऑडिट करने का फैसला किया। इसी क्रम में 4 मई 2016 को पीएनबी जाट पाली में ब्रांच कंपनी के ऑडिटर ने ऑडिट के दौरान 16 लाख रुपये की रकम कम पाई। जांच में पाया गया कि दिनांक 30 अप्रैल 2016 को जो 15 लाख की लोडिंग इस मशीन में होनी थी, यह सिर्फ सीबीआर एवं स्वीच में अपडेट किया गया परंतु उस मशीन में कैश नहीं डाला गया। यह बात वहां लगे सीसीटीवी कमरे में साफ हो गई। इन दोनों एटीएम ऑफिसर्स ने यह बात बैंक मैनेजर के सामने स्वीकार कि और लिखित में बैंक को दो तीन दिन में रकम मशीन में डालने का वायदा किया। एटीएम ऑफिसर विकास ने यह रकम अपने पास होना स्वीकार किया। बाद में एक हफ्ते में पूरी रकम बैंक के सामने दो तीन बार में मशीन में डालने दी गई और कम पाई गई रकम को पूरा कर दिया गया। आगे पूछताछ व आडिट करने पर दिनांक 6 मई 2016 व 2 मई 2016 क्रम अनुसार करने पर पाया गया कि पीएनबी सतनाली एवं पीएनबी नांगल सिरोही एटीएम में भी कैश की कमी पाई गई। नांगल सिरोही एटीएम में दस लाख व सतनाली एटीएम में 6 लाख 38 हजार 500 रुपये कम डाले गए। इस शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी थी। मंगलवार दोनों आरोपियों को पुलिस ने महेंद्रगढ़ से गिरफ्तार किया। जिन्हें बाद में न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
महेंद्रगढ़। पुलिस ने एटीएम में रुपये डालने वाले वाले दो कर्मचारियों को हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। एटीएम में पैसे डालने का ठेका सिक्योर वेल्यू इंडिया लिमिटेड कंपनी के पास है। उसी कंपनी के अंडर दोनों आरोपी बतौर कस्टोडियन के रूप में काम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों पर 16 लाख 38 हजार 500 रुपये की हेराफेरी करने का आरोप है। पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
बता दें कि एटीएम में नकदी सेवा का काम करने वाली सिक्योर वेल्यू इंडिया लि. के एटीएम मशीन सुपरविजन अधिकारी कुलदीप सिंह ने पुलिस में शिकायत देकर अपनी ही कंपनी के दो कर्मचारियों पर एटीएम मशीन में पैसा कम डालकर हेराफेरी करने का आरोप लगाया था। कुलदीप सिंह की तरफ से पुलिस में दी गई शिकायत में कहा गया था कि सुनील कुमार पुत्र बलवाल सिंह मुंडियाखेडा दोंगड़ा अहीर व विकास पुत्र रामफल गांव पाली निवासी कंपनी की तरफ से महेंद्रगढ़ क्षेत्र के एटीएम में कैश डालने का काम देख रहे थे। इनको कंपनी की तरफ से एक कैश वैन, ड्राइवर और दो गनमैन उपलब्ध करवाए गए थे। एटीएम में कैश डालने के बाद कर्मचारी दो रिपोर्ट बनाते हैं। जिसे सीबीआर कहते हैं। जो की एक बैंक और दूसरी कंपनी के ऑफिस में भेजी जाती है। साथ के साथ मशीन के काउंटर में भी अपडेट किए जाते हैं। इसको ऑनलाइन मॉनीटरिंग की जाती है। कभी भी कोई अफसर अकेला मशीन में कैश डालता है या खोलता है तो यह कंपनी के नियमों के विरुद्ध है। कंपनी के दोनों कर्मचारी यह करते थे। 30 अप्रैल 2016 को आईसीआईसी महेंद्रगढ़ के ब्रांच मैनेजर ने उनके पास फोन करके जानकारी दी कि आपका एटीएम ऑफिसर विकास यादव शराब के नशे में अकेला एटीएम खोल कर कुछ पैसे निकालकर भाग गया है। बैंक और इंचार्ज के दबाव डालने एवं पुलिस में शिकायत करने की धमकी देकर एवं उसके घर वालों को सूचित करने के बाद 2 घंटे के अंदर वो चोरी की गई रकम को मशीन में डाल दिया तथा माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसा गलत काम ना करने का वादा किया। इनकी इन हरकतों को देखते हुए हमने इनके सभी एटीएम मशीनों का ऑडिट करने का फैसला किया। इसी क्रम में 4 मई 2016 को पीएनबी जाट पाली में ब्रांच कंपनी के ऑडिटर ने ऑडिट के दौरान 16 लाख रुपये की रकम कम पाई। जांच में पाया गया कि दिनांक 30 अप्रैल 2016 को जो 15 लाख की लोडिंग इस मशीन में होनी थी, यह सिर्फ सीबीआर एवं स्वीच में अपडेट किया गया परंतु उस मशीन में कैश नहीं डाला गया। यह बात वहां लगे सीसीटीवी कमरे में साफ हो गई। इन दोनों एटीएम ऑफिसर्स ने यह बात बैंक मैनेजर के सामने स्वीकार कि और लिखित में बैंक को दो तीन दिन में रकम मशीन में डालने का वायदा किया। एटीएम ऑफिसर विकास ने यह रकम अपने पास होना स्वीकार किया। बाद में एक हफ्ते में पूरी रकम बैंक के सामने दो तीन बार में मशीन में डालने दी गई और कम पाई गई रकम को पूरा कर दिया गया। आगे पूछताछ व आडिट करने पर दिनांक 6 मई 2016 व 2 मई 2016 क्रम अनुसार करने पर पाया गया कि पीएनबी सतनाली एवं पीएनबी नांगल सिरोही एटीएम में भी कैश की कमी पाई गई। नांगल सिरोही एटीएम में दस लाख व सतनाली एटीएम में 6 लाख 38 हजार 500 रुपये कम डाले गए। इस शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर रखी थी। मंगलवार दोनों आरोपियों को पुलिस ने महेंद्रगढ़ से गिरफ्तार किया। जिन्हें बाद में न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
विज्ञापन