फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार ने किया सुसाइड, पांच पर केस दर्ज

जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार ने किया सुसाइड, पांच पर केस दर्ज

Wed, 08 May 2019 11:40 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 08 May 2019 11:40 PM IST
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार ने किया सुसाइड, पांच पर केस दर्ज
नारनौल। जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार का शव बुधवार की सुबह नसीबपुर वाटर टैंक से बरामद हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। ठेकेदार के पास से आठ पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें ठेकेदार ने पार्टनर, विभाग के दो अधिकारी व दो अन्य पर पैसे को लेकर परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने ठेकेदार के बेटे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन

पुलिस के अनुसार शिवाजी नजर निवासी जयप्रकाश वर्मा (62) जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ठेकेदार थे। जयप्रकाश मंगलवार की सुबह करीब साढे़ नौ बजे घर से बिना बताए कहीं चले गए। जब शाम तक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी। जान पहचान वालों के यहां पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उनका मोबाइल भी बंद आ रहा था। परिजनों ने इसकी सूचना रात दस बजे सिटी थाना पुलिस को दी। इस पर पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर ठेकेदार की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच बुधवार सुबह करीब आठ बजे पुलिस को नसीबपुर गांव स्थित जनस्वास्थ्य विभाग के पानी टैंक में शव पड़ा होने की सूचना मिली। शव की पहचान जयप्रकाश वर्मा के रुप में हुई। मौके पुलिस को एक बाइक भी मिली। पुलिस के अनुसार जयप्रकाश घर से बाइक पर आया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
विज्ञापन


सुसाइड नोट में पांच लोगों पर परेशान करने का आरोप
ठेकेदार के बेटे रवि वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पिता जयप्रकाश कुछ समय से राजू ठेकेदार के साथ शहर में सीवर व पानी की लाइन बिछाने का कार्य कर रहे थे। करोड़ों रुपये के कार्य करने के बाद भी राजू ने पिता को पूरे पैसे नहीं दिया। इससे पहले भी जनस्वास्थ्य विभाग के पास उनके करीब 70-80 लाख रुपये का बकाया था, जिसका विभागीय अधिकारियों ने बार-बार चक्कर काटने के बाद भुगतान नहीं किया। साल 2014-15 में जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता दलबीर सिंह ने पिता से 22 लाख रुपये उधार लिए थे और छह माह में वापस करने की बात कही थी। लेकिन, साल 2017 में दो लाख रुपये वापस किए। इसके अलावा विभाग के उप अधीक्षक मुकेश ने ठेके के कार्यों का एग्रीमेंट बनवाने के हेतु 4.50 लाख रुपये लिए थे। लेकिन न काम किया और न पैसे वापस नहीं किए। इसी दौरान आर्थिक तंगी के कारण जयप्रकाश ने चांदूवाड़ी निवासी पार्षद केशव संघी से दो लाख रुपये लेकर उनके वार्ड में सीवर लाइन का कार्य किया था। इस पर सिक्योरिटी चेक केशव संघी ने लिया था। केशव ने एक लाख 35 हजार वापस ले लिया और इसके बाद चेक में सात लाख रुपये भर लिए। चेक बाउंस होने पर नोटिस जारी करवा दिया और जेल भिजवाने की धमकी दी। इसी बीच तारकेश्वर शर्मा से जयप्रकाश ने दो रुपये प्रति सैकड़ा ब्याज पर दो साल के लिए उधार लिया था। छह माह बाद में तारकेश्वर शर्मा ने पांच रुपये प्रति सैकड़ा प्रति माह ब्याज लेने की धमकी देनी शुरू कर दी। दबाव देकर तीन चेक तारकेश्वर शर्मा ने ले लिए। इसके बाद चेक बाउंस की धमकी देकर तारकेश्वर शर्मा करीब 11.50 लाख रुपये वसूल चुका है और इसके बाद भी धमकी देता रहा। ठेकेदार के बेटे का कहना है उक्त लोगों के कारण उसका पिता परेशान रहने लगा और इनकी वजह से अपनी जान दे दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले गुमशुदगी का केस दर्ज हुआ था। सुसाइड नोट के आधार पर अब पांच लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा जोड़ ली है। सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए लैब में भेजा जाएगा। इसके अलावा विसरा और पानी का सैंपल ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
- देवेंद्र कुमार, जांच अधिकारी, सिटी थाना पुलिस
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed