{"_id":"6094353d8ebc3eb92134e0e2","slug":"corona-effect-on-express-way-narnol-news-rtk6074580125","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस- वे के निर्माण में हो सकती है देरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना से ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस- वे के निर्माण में हो सकती है देरी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नारनौल से अंबाला तक लगभग पांच हजार करोड़ की लागत से बनाए जाने वाले 6 लेन एक्सप्रेस वे के निर्माण का कार्य कोविड के कारण धीमा पड़ता नजर आ रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेस वे के निर्माण में अधिकतर मजदूर प्रवासी हैं, जैसे ही कोरोना का संकट गहराने लगा तो वे लोग भी यहां से चले गए। लेकिन जो कार्य मशीनों से होना है वह तेजी से चल रहा है।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग के कार्य में केवल वहीं धीमी रफ्तार है जहां पर पुल या अंडरपास बन रहे हैं। इसका कारण यह है कि पुल के साथ होने वाले कार्य निर्माण कंपनी द्वारा दूसरे ठेकेदार को दिए हुए हैं। इस मार्ग पर लगभग 122 अंडरपास या पुल बनेंगे। बता दें कि सरकार द्वारा इस मार्ग के निर्माण का कार्य 2023 तक पूरा करने की घोषणा की गई थी। कोरोना के कारण बनी परेशानी को दूर करने के लिए निर्माण कंपनी को बोला गया है कि कार्य कोविड नियमों का पालन करते हुए हर हाल में चलता रहना चाहिए। यहां सबसे अधिक परेशानी नारनौल के निकट बनने वाले पुल व क्रासिंग पर है। इसके बाद दादरी के निकट तथा भिवानी के खरक के पास बनने वाले पुल पर है। यहां पर बनने वाले सर्विस लेन व नालों का कार्य धीमा है। राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य लगभग उसी स्पीड से चल रहा है जैसे कोरोना से पहले था। नारनौल के निकट बन रहे पुल पर कार्य देख रहे राजेश कुमार ने बताया कि मार्ग का निर्माण पूरी तरह सूचारू तौर से चल रहा है, लेकिन लेबर से होने वाले कार्य की गति कुछ धीमी हुई है। इसको तेज किया जाए इसके लिए ठेकेदार को बोला गया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने के बाद सबसे अधिक लाभ दक्षिण हरियाणा व राजस्थान के लोगों को होगा। खासकर नारनौल व महेंद्रगढ़ जाने वाले लोगों को। अभी चंडीगढ़ की दूरी तय करने में लोगों को 6 से 7 घंटे तक लग जाते हैं। मगर इसके बनने के बाद यह दूरी मात्र करीब चार घंटे में ही तय हो जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्र को होगा लाभ
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से राजस्थान के उन औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ होगा जो हरियाणा के साथ लगते हैं। इससे उनकी सीधी कनेक्टिविटी पंजाब तक हो जाएगी। अब इस क्षेत्र के लोगों को बहुत अधिक दूरी करने के बाद पंजाब व हिमाचल तक पहुंचना पड़ता है।
विज्ञापन
ग्रीन एक्सप्रेस वे का कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। कुछ जगह अगर समस्या है तो उसको तुरंत दूर किया जा रहा है। तय समय पर ही इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सर्विस लेन व नालों के काम कुछ जगह से दिक्कत आई थी लेकिन उसको दूर कर लिया गया है।
-कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता, एनएचआई
विज्ञापन
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग के कार्य में केवल वहीं धीमी रफ्तार है जहां पर पुल या अंडरपास बन रहे हैं। इसका कारण यह है कि पुल के साथ होने वाले कार्य निर्माण कंपनी द्वारा दूसरे ठेकेदार को दिए हुए हैं। इस मार्ग पर लगभग 122 अंडरपास या पुल बनेंगे। बता दें कि सरकार द्वारा इस मार्ग के निर्माण का कार्य 2023 तक पूरा करने की घोषणा की गई थी। कोरोना के कारण बनी परेशानी को दूर करने के लिए निर्माण कंपनी को बोला गया है कि कार्य कोविड नियमों का पालन करते हुए हर हाल में चलता रहना चाहिए। यहां सबसे अधिक परेशानी नारनौल के निकट बनने वाले पुल व क्रासिंग पर है। इसके बाद दादरी के निकट तथा भिवानी के खरक के पास बनने वाले पुल पर है। यहां पर बनने वाले सर्विस लेन व नालों का कार्य धीमा है। राष्ट्रीय राजमार्ग का कार्य लगभग उसी स्पीड से चल रहा है जैसे कोरोना से पहले था। नारनौल के निकट बन रहे पुल पर कार्य देख रहे राजेश कुमार ने बताया कि मार्ग का निर्माण पूरी तरह सूचारू तौर से चल रहा है, लेकिन लेबर से होने वाले कार्य की गति कुछ धीमी हुई है। इसको तेज किया जाए इसके लिए ठेकेदार को बोला गया है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के बनने के बाद सबसे अधिक लाभ दक्षिण हरियाणा व राजस्थान के लोगों को होगा। खासकर नारनौल व महेंद्रगढ़ जाने वाले लोगों को। अभी चंडीगढ़ की दूरी तय करने में लोगों को 6 से 7 घंटे तक लग जाते हैं। मगर इसके बनने के बाद यह दूरी मात्र करीब चार घंटे में ही तय हो जाएगी।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र को होगा लाभ
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण से राजस्थान के उन औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ होगा जो हरियाणा के साथ लगते हैं। इससे उनकी सीधी कनेक्टिविटी पंजाब तक हो जाएगी। अब इस क्षेत्र के लोगों को बहुत अधिक दूरी करने के बाद पंजाब व हिमाचल तक पहुंचना पड़ता है।
विज्ञापन
ग्रीन एक्सप्रेस वे का कार्य पूरी तेजी से चल रहा है। कुछ जगह अगर समस्या है तो उसको तुरंत दूर किया जा रहा है। तय समय पर ही इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सर्विस लेन व नालों के काम कुछ जगह से दिक्कत आई थी लेकिन उसको दूर कर लिया गया है।
-कृष्ण कुमार, कार्यकारी अभियंता, एनएचआई