कनीना। गांव खेड़ी-तलवाना में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथा वाचिका वंदना किशोरी ने संस्कार, पारिवारिक मूल्यों, बुजुर्गों के सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मान-मर्यादा और संस्कारों का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति, सभ्यता और पारिवारिक परंपराओं से जुड़े रहना चाहिए। आधुनिकता को अपनाना आवश्यक है, लेकिन इसके नाम पर अपनी मर्यादाओं और संस्कारों को नहीं छोड़ना चाहिए। संस्कारवान व्यक्ति ही समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस दौरान कैप्टन अभय सिंह, मोतीलाल, शिवकुमार, मास्टर देवराज, मनोज फौजी, जगरूप, कोमल, भोलू पंडित, कृष्ण, महेंद्र सिंह, रिंकू ठाकुर, ओमप्रकाश चौहान, कृपाल सिंह, रविंद्र सहित अनेक महिलाएं मौजूद रही।