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Mahendragarh-Narnaul News: नारनौल में पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध, उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
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नारनौल। एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रशासन ने नारनौल जिले में पटाखों के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उन्हें फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीसी अनुपमा अंजलि ने बताया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशों के अनुसार यह फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन इस आदेश को सख्ती से लागू करवाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध सभी प्रकार के पटाखों पर लागू होगा। इसके तहत पटाखों का निर्माण, गोदामों में रखना, थोक और खुदरा बिक्री, ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी के साथ पटाखे फोड़ने पर भी रोक रहेगी।
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डीसी ने बताया कि अक्तूबर से जनवरी के बीच एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, जहरीली गैसें और धातु के छोटे कण फैलाता है। इससे पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ता है। प्रदूषित हवा का सबसे अधिक नुकसान बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को होता है।
उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने आमजन से अपील की कि वे पटाखों का प्रयोग न करें और स्वच्छ हवा तथा बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रशासन का सहयोग करें।
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डीसी अनुपमा अंजलि ने बताया कि हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निर्देशों के अनुसार यह फैसला लिया गया है। जिला प्रशासन इस आदेश को सख्ती से लागू करवाएगा।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध सभी प्रकार के पटाखों पर लागू होगा। इसके तहत पटाखों का निर्माण, गोदामों में रखना, थोक और खुदरा बिक्री, ई-कॉमर्स वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री और डिलीवरी के साथ पटाखे फोड़ने पर भी रोक रहेगी।
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डीसी ने बताया कि अक्तूबर से जनवरी के बीच एनसीआर में वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। पटाखों से निकलने वाला धुआं हवा में सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, जहरीली गैसें और धातु के छोटे कण फैलाता है। इससे पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर बढ़ता है। प्रदूषित हवा का सबसे अधिक नुकसान बच्चों, बुजुर्गों और सांस व हृदय रोग से पीड़ित लोगों को होता है।
उन्होंने सभी प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने आमजन से अपील की कि वे पटाखों का प्रयोग न करें और स्वच्छ हवा तथा बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रशासन का सहयोग करें।