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भीषण गर्मी में बिजली के अघोषित कटों से आम लोग परेशान

Sun, 01 May 2022 11:54 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2022 11:54 PM IST
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Common people upset due to undeclared power cuts in scorching heat
नारनौल। आसमान से बरसती आग और अघोषित बिजली कटों ने आमजन का जीना दुश्वार कर दिया है। भीषण गर्मी ने अपने पिछले 20 साल के रिकार्ड तोड़ रही है जिससे आम लोग बेहाल हैं। अन्य वर्षों के मुकाबले इस बार अप्रैल में तापमान सामान्य से 8-10 डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। वहीं कुछ दिनों से प्रदेश में बनी बिजली की किल्लत से शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कट लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालांकि प्रदेश में बनी बिजली किल्लत को देखते हुए बिजली निगम ने कटों का शेड्यूल जारी किया हुआ है, लेकिन निर्धारित शेड्यूल के अलावा दिन व रात के समय लंबे-लंबे कटों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने भी अभी प्रचंड गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने की संभावना जताई है।
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अप्रैल से ही संपूर्ण मैदानी राज्यों में विशेषकर राजस्थान, हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में लगातार आसमान से आग बरस रही है। लू से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि जिला महेंद्रगढ़ में लगातार मरूस्थलीय पश्चिमी गर्म और शुष्क पवनों का सीधा प्रभाव जारी है। इसकी वजह से संपूर्ण इलाके में नमी नदारद है जिससे जिले में नारनौल, महेंद्रगढ़, सतनाली, अटेली, कनीना, नांगल चौधरी में दिन प्रतिदिन भीषण और असामान्य गर्मी का अहसास आमजन को प्रभावित कर रहा है। दिन के समय आसमान से आग बरस रही है। इसके कारण सड़कों और बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है। दिन और रात तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। रविवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं महेंद्रगढ़ का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस पर रहा। इसी प्रकार नारनौल का न्यूनतम तापमान 26.5 डिग्री सेल्सियस और महेंद्रगढ़ का 24.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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आज से बदलेगा मौसम, हल्की बारिश की संभावना
नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में दो पश्चिमी विक्षोभ 2 और 3 मई सक्रिय होने वाला है जिसकी वजह से पवनों की दिशा और गति बदलेगी। पछुआ हवा का मिलन दक्षिणी पूर्वी नमी वाली पवनों से होने की वजह से संपूर्ण इलाके में बदली देखने को मिलेगी। साथ ही हरियाणा, एनसीआर दिल्ली में 2 मई से 5 मई तक गरज चमक के साथ हल्की बारिश और तेज रफ्तार से आंधी की संभावनाएं बन रही है। जिसकी वजह से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में अधिकतर स्थानों पर अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और भीषण गर्मी और लू से भी आमजन को राहत मिलने की संभावना है।
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एसी और कूलर भी फेल
अप्रैल में जून-जुलाई जैसी भीषण गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। दिन के समय आसमान से आग बरस रही है तो लू के थेपेड़ों ने लोगों को घरों के अंदर रहने पर मजबूर कर दिया है। रिकार्ड तोड़ भीषण गर्मी का प्रकोप इस कदर बना हुआ है कि घरों में लगे कूलर व पंखें नकारा हो गए है। यहीं नहीं एयरकंडीशन भी भीषण गर्मी में फेल हो गए है। इस प्रकार प्रचंड गर्मी के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
भीषण गर्मी में बच्चे हो रहे बीमार
गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। गर्मी में बच्चों के बीमार होते ही अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप यादव ने बताया कि गर्मी के कारण बच्चों में बुखार, उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, सांस की बीमारी आदि रोग हो रहे हैं। ज्यादातर उल्टी दस्त के अलावा वायरल फीवर से भी परेशान हो रहे हैं। डॉ. संदीप यादव ने बताया कि गर्मी में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चे दूषित पानी या फिर अन्य चीज खा लेते हैं। इसलिए सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गर्मी से बचाव के लिए बच्चे का ख्याल रखना चाहिए। वहीं बड़ों को भी गर्मी से बचाव के इंतजाम रखने चाहिए। जैसे ही उल्टी, सिरदर्द आदि के लक्षण दिखे तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। बच्चों में गर्मी की वजह से पीलिया की ज्यादा शिकायतें आ रही है।

स्कूलों के समय में बदलाव की मांग
भीषण गर्मी को देखते हुए हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन ने स्कूली समय दोपहर 2:30 बजे के स्थान पर 12 बजे तक करने की मांग की है। जिला प्रधान कृष्ण कुमार ने बताया कि क्षेत्र में दिन पारा 45 डिग्री सेल्सियस को भी पार कर चुका है। इसके साथ लू अपने चरम पर हैं। जिसके कारण छोटे बच्चे बहुत ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। इन दिनों बच्चों को पेट से संबंधित बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बिजली व्यवस्था भी चरमरा रही है। अधिकतर स्कूलों में न केवल जनरेटर आदि की व्यवस्था है, बल्कि ऐसे भी कुछ स्कूल है, जहां बिजली के कनेक्शन तक ही नहीं हैं। इसलिए स्कूल का समय 2:30 बजे से घटाकर के 12 बजे तक किया जाए।
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