फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Committee members called to Chandigarh for starting de-addiction center, decision to be taken today

Mahendragarh-Narnaul News: नशा मुक्ति केंद्र शुरू करने को लेकर कमेटी के सदस्यों को बुलाया चंडीगढ़, आज होगा निर्णय

Mon, 20 Jan 2025 11:59 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Mon, 20 Jan 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
Committee members called to Chandigarh for starting de-addiction center, decision to be taken today
फोटो नंबर-09प्रका​शित समाचार।
संवादन्यूज एजेंसी
विज्ञापन

नारनौल। नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र का लाइसेंस रद्द होने के बाद अब उसे दोबारा खोलने की संभावना बन रही है। हाल ही में एडीसी आनंद शर्मा ने निजामपुर रोड स्थिति नशा और पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया गया था। उन्होंने खामियां मिलने पर उसे दूर करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, नशा मुक्ति केंद्र को लेकर 21 जनवरी को चंडीगढ़ में बैठक है। जिसमें कमेटी के सदस्य बुलाए गए हैं। सदस्य बैठक में नशा मुक्ति केंद्र की रिपोर्ट देंगे। ऐसे में नशा मुक्ति केंद्र को खोलने की सभावना जताई जा रही है।
इस कमेटी में नागरिक अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अनिल यादव, समाज कल्याण अधिकारी अमित शर्मा, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन अश्विनी कुमार शामिल हैं। नशा मुक्ति केंद्र एवं पुनर्वास केंद्र के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आरएस रंगा भी चंडीगढ़ की बैठक में हिस्सा लेेंगे। उम्मीद है कि नशा मुक्ति केंद्र को लेकर कुछ निर्णय जरूर होगा। नशा मुक्ति केंद्र का तत्कालीन एडीसी ने दौरा किया था, उस दौरान केंद्र कुछ अनियमितता मिली थी। इसके बाद 10 अक्तूबर को नशा मुक्ति केंद्र का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। अब केंद्र में मरीज को दाखिल नहीं किया जा रहा है। इस केंद्र पर प्रतिदिन 10 से 15 मरीज नशा छोड़ने के लिए पहुंचते थे।
विज्ञापन



नशा मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्र पर मनोचिकित्सक तैनात नहीं है। इसकी वजह से उसे दोबारा शुरू करने में परेशानी आ रही है। अब सोमवार को नशा मुक्ति केंद्र की तरफ से सिविल सर्जन से मनोचिकित्सक लगाने की मांग की गई है। नारनौल के निजामपुर रोड पर नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र वर्ष 1995 में स्थापित हुआ था। इसके बाद लगातार मरीजों का उपचार किया जा रहा था। केंद्र पर शुरू से लेकर लाइसेंस रद्द होने तक करीब 12 हजार लोग नशा छोड़ चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन





लाइसेंस रद्द होने के बाद भी पहुंच रहे लोग

नशा मुक्ति केंद्र का लाइसेंस रद्द होने के बाद भी लोग यहां पहुंच रहे हैं। सोमवार को दो लोग नशे से छुटकारा पाने के लिए पहुंचे लेकिन लाइसेंस रद्द होने के बाद मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। हालांकि केंद्र पर स्टाफ कर्मी प्रतिदिन नियमित समय पर पहुंच रहे हैं। नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र में स्मैक, भांग, शराब, गांजा, चरस, अफीम, इंजेक्शन और नशीली दवाइयों के सेवन करने वालों का उपचार किया जाता था।



वर्जन:

नशा मुक्ति केंद्र एवं पुनर्वास केंद्र का दौरा किया था। केंद्र में जो भी खामी मिली हैं, उन्हें दूर करने के लिए कहा गया है।-आनंद शर्मा, एडीसी महेंद्रगढ़।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed