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Mahendragarh-Narnaul News: गेहूं भत्ता नहीं मिलने पर सफाईकर्मियों ने नगर परिषद गेट पर जड़ा ताला
Wed, 28 May 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Wed, 28 May 2025 11:52 PM IST
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फोटो नंबर- 10नगर परिषद कार्यालय का गेट बंद कर विरोध प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी। संवाद
नारनौल। गेहूं भत्ता अभी तक नहीं मिलने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों का बुधवार सुबह गुस्सा फूट पड़ा। इन्होंने सुबह 8 बजे नगर परिषद के दोनों मुख्य गेट को ताला जड़कर प्रदर्शन किया।
बतादें परिषद के करीब 213 सफाई कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 25 हजार रुपये गेहूं भत्ता दिया जाता है, जो अभी तक नहीं मिला। इससे इनमें आक्रोश था। परिषद के दोनों गेट बंद कर देने के कारण घर-घर कूड़ा कूड़ा उठान करने वाले टेंपो भी नगर परिषद के अंदर ही खड़े रह गए। कूड़ा लेने के लिए नहीं जा सके। सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक नगर परिषद का गेट बंद रहने से नगर परिषद में काम करवाने के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दोपहर एक बजे कर्मचारियों के बीच नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी पहुंचीं। इन्होंने कर्मचारियों को समझाकर व मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर नगर परिषद का गेट खुलवाया। इस मौके पर जिला प्रधान राहुल सारवान ने बताया कि कर्मचारियों को मिलने वाले गेहूं के पैसों को लेकर बीते सप्ताह भी शांतिपूर्ण धरना दिया गया था।
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इसके बाद नगर परिषद के उपप्रधान व पार्षदों ने कार्यकारी अधिकारी के साथ समझौता करवाया था। उन्होंने बताया कि उस समय नप अधिकारी ने सोमवार तक हमें गेहूं के पैसे देने का आश्वासन दिया दिया था। उन्होंने बताया कि सोमवार के बाद भी मंगलवार तक इंतजार किया, लेकिन हमारी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके विराेध में नप का गेट बंदकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
नारनौल इकाई प्रधान सुरेश ने बताया कि शहर की जनता को किसी भी तरह से परेशान नहीं करना चाहते हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी मांगों की ओर ध्यान नहीं देकर हमें धरना, प्रदर्शन करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को गेहूं के पैसों के साथ-साथ कई सालों से तेल और साबुन आदि तक के पैसे भी नहीं दिए जा रहे, जो कि कर्मचारियों के लिए जरूरी है।
प्रदर्शन में सचिव महावीर प्रसाद, राज्य कैशियर महेंद्र सिंह सांगलिया, राज्य सचिव महेंद्र सिंह बोयत, दरोगा अमित कुमार, सुनील बोयत, मनोज पटीकरा, भीम सिंह, निरंजन लाल, देवानंद, सुरेश कुमार, राजेश कुमार, राजाराम, आशु, दीपक, रोशन, विक्रम, राजू, सुनील, अमित, श्याम सुंदर, कमल, दौलत, मनोज देवी, सुनीता देवी, बबली देवी आदि नप सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
इंसेट
खाते में रुपये डालने का दिया आश्वासन
कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उनके बीच पहुंचीं नगर परिषद चेयरमैन कमलेश सैनी ने प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब 25000 रुपये एक घंटे के अंदर कर्मचारियों के खातों में डालने का आश्वासन दिया। वहीं अन्य मांगों को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों के गेहूं के रुपये डालने और अन्य मांगों का आश्वासन मिलने के बाद सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर कार्य शुरू कर दिया।
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बतादें परिषद के करीब 213 सफाई कर्मचारियों को प्रतिवर्ष 25 हजार रुपये गेहूं भत्ता दिया जाता है, जो अभी तक नहीं मिला। इससे इनमें आक्रोश था। परिषद के दोनों गेट बंद कर देने के कारण घर-घर कूड़ा कूड़ा उठान करने वाले टेंपो भी नगर परिषद के अंदर ही खड़े रह गए। कूड़ा लेने के लिए नहीं जा सके। सुबह 8 बजे से दोपहर एक बजे तक नगर परिषद का गेट बंद रहने से नगर परिषद में काम करवाने के लिए आने वाले लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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दोपहर एक बजे कर्मचारियों के बीच नगर परिषद की चेयरपर्सन कमलेश सैनी पहुंचीं। इन्होंने कर्मचारियों को समझाकर व मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर नगर परिषद का गेट खुलवाया। इस मौके पर जिला प्रधान राहुल सारवान ने बताया कि कर्मचारियों को मिलने वाले गेहूं के पैसों को लेकर बीते सप्ताह भी शांतिपूर्ण धरना दिया गया था।
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इसके बाद नगर परिषद के उपप्रधान व पार्षदों ने कार्यकारी अधिकारी के साथ समझौता करवाया था। उन्होंने बताया कि उस समय नप अधिकारी ने सोमवार तक हमें गेहूं के पैसे देने का आश्वासन दिया दिया था। उन्होंने बताया कि सोमवार के बाद भी मंगलवार तक इंतजार किया, लेकिन हमारी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया। इसके विराेध में नप का गेट बंदकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
नारनौल इकाई प्रधान सुरेश ने बताया कि शहर की जनता को किसी भी तरह से परेशान नहीं करना चाहते हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी मांगों की ओर ध्यान नहीं देकर हमें धरना, प्रदर्शन करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारियों को गेहूं के पैसों के साथ-साथ कई सालों से तेल और साबुन आदि तक के पैसे भी नहीं दिए जा रहे, जो कि कर्मचारियों के लिए जरूरी है।
प्रदर्शन में सचिव महावीर प्रसाद, राज्य कैशियर महेंद्र सिंह सांगलिया, राज्य सचिव महेंद्र सिंह बोयत, दरोगा अमित कुमार, सुनील बोयत, मनोज पटीकरा, भीम सिंह, निरंजन लाल, देवानंद, सुरेश कुमार, राजेश कुमार, राजाराम, आशु, दीपक, रोशन, विक्रम, राजू, सुनील, अमित, श्याम सुंदर, कमल, दौलत, मनोज देवी, सुनीता देवी, बबली देवी आदि नप सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
इंसेट
खाते में रुपये डालने का दिया आश्वासन
कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए उनके बीच पहुंचीं नगर परिषद चेयरमैन कमलेश सैनी ने प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब 25000 रुपये एक घंटे के अंदर कर्मचारियों के खातों में डालने का आश्वासन दिया। वहीं अन्य मांगों को भी जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। कर्मचारियों के गेहूं के रुपये डालने और अन्य मांगों का आश्वासन मिलने के बाद सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन समाप्त कर कार्य शुरू कर दिया।