{"_id":"5dcc3e528ebc3e5b09755da7","slug":"civic-issuse-underpassmatter-narnol-news-rtk5274010105","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंडरपास का ग्रामीणों ने किया विरोध, दिया धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंडरपास का ग्रामीणों ने किया विरोध, दिया धरना
विज्ञापन
कनीना में रेलवे क्रांसिग फाटक 90 सी पर अंडरपास ब्रिज के लिए धरने पर बैठे ग्रामीण
- फोटो : Narnol
रेवाड़ी-बीकानेर रेल लाइन के अंतर्गत गुढ़ा-केमला रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे क्रासिंग फाटक संख्या 90 सी पर प्रस्तावित अंडरपास ब्रिज का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने बुधवार को सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने रेलवे के ठेकेदार को जब तक काम शुरू न करने को कहा तब तक इसका फैसला न हो जाए। ग्रामीणों ने कहा कि रेल प्रशासन ने उनकी मांग को अनदेखा किया तो वे आंदोलन पर मजबूर होंगे। जल्द ही संघर्ष कमेटी का गठन कर धरना दिया जाएगा।
धरना स्थल पर मौजूद गुढ़ा के सरपंच धर्मपाल, रसुलपुर के सरपंच उमेद सिंह, दलीप सिंह सरपंच केमला, पूर्व जिला पार्षद मा. प्रताप सिंह, दलीप सिंह, सूबेदार अशोक कुमार, अर्जुन लाल, ग्यारसी लाल, विजय कुमार, मा. रमेश कुमार, सुरेंद्र दीक्षित, बलवंत सिंह, गजेंद्र सिंह, राजबीर कोका, रामकिशन चेलावास, अशोक कुमार, रोशन लाल, रामकिशन यादव, मनोज सोनी, सुशील शर्मा, हनुमान सिंह, रामकुमार, सूबेदार ख्याली राम, नरेंद्र यादव, जीडी बिरला, बंसी सिंह, धर्मपाल शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि गुढ़ा, रसूलपुर, केमला, कोका, चेलावास, उन्हाणी सहित दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। इस मार्ग पर अंडरपास ब्रिज बनने से उसमें निकासी तथा बरसात का पानी भरा रहेगा। जिससे उनकी दुविधा बढे़गी।
रेवाड़ी-बीकानेर लाइन पर सबसे पहले गुढ़ा गांव में फाटक संख्या 89 सी पर 2013 में अंडर पास का निर्माण किया गया था। जिसे लेकर ग्रामीणों में खुशी थी। निर्माण के कुछ समय बाद बरसात का पानी खड़ा रहने से वह अवरुद्ध हो गया। पूरे वर्षभर पानी खड़ा रहने से ये मार्ग लगभग हमेशा के लिए बंद हो गया। पानी की निकासी के लिए रेलवे के अधिकारियों को बार बार सूचित किया गया लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। बीती 18 जुलाई को बरसात के समय एक स्कूली बस अंडरपास ब्रिज के पानी में फंस जाने के कारण करीब 50 विद्यार्थियों की जान जोखिम में चली गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि क्रासिंग फाटक 90सी का मार्ग ग्रामीणों के लिए सुगम है। यहां पर अंडर पास ब्रिज बनने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। जिसका ग्रामीण एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि इसके लिए ग्रामीणों ने डीआरएम बीकानेर, उपायुक्त, विधायक, सांसद को ज्ञापन दिया था। भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने फोन पर ग्रामीणों को मदद का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने केंद्रीय रेल मंत्री से मिलने की योजना तैयार की है। सुनवाई न होने पर कोर्ट जाएंगे।
विज्ञापन
धरना स्थल पर मौजूद गुढ़ा के सरपंच धर्मपाल, रसुलपुर के सरपंच उमेद सिंह, दलीप सिंह सरपंच केमला, पूर्व जिला पार्षद मा. प्रताप सिंह, दलीप सिंह, सूबेदार अशोक कुमार, अर्जुन लाल, ग्यारसी लाल, विजय कुमार, मा. रमेश कुमार, सुरेंद्र दीक्षित, बलवंत सिंह, गजेंद्र सिंह, राजबीर कोका, रामकिशन चेलावास, अशोक कुमार, रोशन लाल, रामकिशन यादव, मनोज सोनी, सुशील शर्मा, हनुमान सिंह, रामकुमार, सूबेदार ख्याली राम, नरेंद्र यादव, जीडी बिरला, बंसी सिंह, धर्मपाल शर्मा, डॉ. नरेंद्र सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि गुढ़ा, रसूलपुर, केमला, कोका, चेलावास, उन्हाणी सहित दर्जनभर गांवों के ग्रामीणों का आवागमन होता है। इस मार्ग पर अंडरपास ब्रिज बनने से उसमें निकासी तथा बरसात का पानी भरा रहेगा। जिससे उनकी दुविधा बढे़गी।
विज्ञापन
रेवाड़ी-बीकानेर लाइन पर सबसे पहले गुढ़ा गांव में फाटक संख्या 89 सी पर 2013 में अंडर पास का निर्माण किया गया था। जिसे लेकर ग्रामीणों में खुशी थी। निर्माण के कुछ समय बाद बरसात का पानी खड़ा रहने से वह अवरुद्ध हो गया। पूरे वर्षभर पानी खड़ा रहने से ये मार्ग लगभग हमेशा के लिए बंद हो गया। पानी की निकासी के लिए रेलवे के अधिकारियों को बार बार सूचित किया गया लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। बीती 18 जुलाई को बरसात के समय एक स्कूली बस अंडरपास ब्रिज के पानी में फंस जाने के कारण करीब 50 विद्यार्थियों की जान जोखिम में चली गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि क्रासिंग फाटक 90सी का मार्ग ग्रामीणों के लिए सुगम है। यहां पर अंडर पास ब्रिज बनने से उनकी परेशानी बढ़ सकती है। जिसका ग्रामीण एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि इसके लिए ग्रामीणों ने डीआरएम बीकानेर, उपायुक्त, विधायक, सांसद को ज्ञापन दिया था। भिवानी-महेंद्रगढ़ क्षेत्र के लोकसभा सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने फोन पर ग्रामीणों को मदद का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों ने केंद्रीय रेल मंत्री से मिलने की योजना तैयार की है। सुनवाई न होने पर कोर्ट जाएंगे।