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Mahendragarh-Narnaul News: म्हारी छोरियां छोरों से कम है के... कहने वाले प्रदेश में बाल विवाह बना बाधा

Tue, 14 Nov 2023 11:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Tue, 14 Nov 2023 11:41 PM IST
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Child marriage has become a hindrance in the state which says that my daughters are less than sons
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सरिता शर्मा बाल विवाह के दुष्प्रभाव के बारे में जानका
नारनौल। म्हारी छोरियां छोरों से कम है के..यह कहने वाले प्रदेश में बाल विवाह कलंक बनता जा रहा है। अगर यह कहे कि प्रदेश का कोई जिला अछूता नहीं है, जहां बाल विवाह न हो रहे है तो कोई गलत नहीं होगा। इसकी वजह से प्रदेश में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान भी सफल नहीं हो पा रहा है।
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अक्सर महेंद्रगढ़ जिले को पिछड़ा जिला कहा जाता है, लेकिन बाल विवाह के मामले में प्रदेश के अन्य जिलों से बेहतर है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2022-23 में पानीपत में सबसे ज्यादा बाल विवाह के मामले सामने आए थे, जिसमें 42 बाल विवाह होने से रोके गए थे। वहीं करनाल दूसरे व हिसार तीसरे नंबर पर रहा है। वर्ष 20232-23 में महेंद्रगढ़ जिले में 12 ऐसे मामले सामने आए थे। 6-7 वर्ष पहले महेंद्रगढ़ जिले में भी एक वर्ष में 60 से 65 मामले सामने आते थे, लेकिन विभाग स्कूल व ग्रामीणों को बाल विवाह से होने वाले नुकसान के बारे में लगातार जागरूक कर रहा है, जिसकी वजह से बाल विवाह पर काफी हद तक अंकुश विभाग की तरफ से लगाया जा चुका है।
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देवउठनी ग्यारस पर बालविवाह होने की ज्यादा संभावना

देवउठनी ग्यारस पर 23 नवंबर को शहनाइयों की प्रदेश भर में गुंज रहेगी। इस दौरान अनेक नाबालिग लड़कियों का भी विवाह होता है। अब विभाग ने भी देवउठनी ग्यारस पर बाल विवाह रोकने के लिए कमर कस ली है। विभाग गांवों में जागरूकता अभियान चलाकर लोगाें को जागरूक रहा है। बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत लड़की का विवाह 18 वर्ष से कम व लड़के का विवाह 21 वर्ष से कम आयु में करना गैरकानूनी है। जिसकी वजह से बाल विवाह के आरोपियों को 2 साल की सजा व 1 लाख रुपये का जुर्माना भी हो सकता है। माता-पिता, रिश्तेदार, पंडित, मंडप-धर्मशाला के मालिकों को भी शामिल किया गया है।
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पंडित, प्रिंटिंग प्रेस व मैरिज प्लेस संचालकों को दिया नोटिस

अगर किसी के भी परिवार में शादी होती है तो कार्ड से लेकर पंडित की जरूरत होती है।महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी की तरफ से अब इनकों नोटिस दिया जा रहा है। प्रिंटिंग प्रेस पर कार्ड छपवाने के लिए आने वाले प्रत्येक व्यक्ति से लड़की के आधार कार्ड में जन्म तिथि देखने के लिए कहा जा रहा है। वहीं पंडित व मैरिज प्लेस संचालकों को भी नाबालिग लड़की का विवाह मैरिज प्लेस में न करने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। अगर ऐसा करते पाया जाता है तो विभाग की तरफ से कार्रवाई की जा सकती है।



वर्जन
देवउठनी ग्यारस पर बाल विवाह को रोकने के लिए जिले के पंच, सरपंच, आशा वर्कर, डॉक्टर, पंडित, प्रिंटिंग प्रेस संचालक व मैरिज प्लेस मालिकों के साथ बैठक की जा रही है। इसके अलावा नोटिस भी दिया जा रहा है। जिले में बाल विवाह रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
-सरिता शर्मा, महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी, नारनौल।
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