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मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने की आरटीएस के तहत अधिसूचित सेवाओं की समीक्षा बैठक
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हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि सरकार की मंशा है कि लोगों को झंझट रहित तथा समयबद्ध सेवाओं व योजनाओं का लाभ मिले। सेवा का अधिकार अधिनियम -2014 के तहत प्रदेश के 31 विभागों की 546 प्रकार की सेवाएं सरकार ने अधिसूचित की है। अगर अधिकारी निर्धारित समय पर काम नहीं करेंगे तो पहले उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। तीन बार जुर्माना लगता है तो आयोग उस अधिकारी को बर्खास्त करने की अनुशंसा करेगा जिस पर सरकार को 30 दिन में निर्णय लेना होता है।
गुप्ता बुधवार को पंचायत भवन में हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम 2014 के तहत अधिसूचित सेवाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों तथा नागरिक समूह को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपायुक्त अजय कुमार ने आगंतुकों का स्वागत किया। नगराधीश अमित कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिला के विभागों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। अंत में अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, डीएमसी डॉ जेके आभीर, बीजेपी के जिला प्रधान राकेश शर्मा, मनीष मित्तल, पूर्व चेयरमैन गोविंद भारद्वाज व सत्यव्रत शास्त्री सहित अन्य मौजूद रहे।
लोगों को समयबद्ध सेवाएं देने के लिए ऑटो अपील सिस्टम(आस) लागू किया गया है। अब किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सेवा व योजनाओं के लिए आवेदन करने वाले को कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। उसकी पैरवी अपने आप सिस्टम करेगा और उसके बाद भी अगर निर्धारित समय पर कार्य नहीं होता है तो उसकी अपील अपने आप एसडीएम, एडीसी तथा डीसी के पास होगी। इसके बाद भी निर्धारित समय पर काम नहीं होता है तो आयोग के समक्ष वह आवेदन अपने आप चला जाएगा। उसके बाद आयोग दंडात्मक कार्रवाई शुरू करेगा। इस प्रणाली से
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हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की सचिव मीनाक्षी राज ने पंचायत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि अब सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों को अपना रवैया बदलना होगा। अब भगा दो नहीं, बता दो के फार्मूले को अपनाएं। उन्होंने कहा कोई आवेदक अगर कार्यालय में आता है तो उसे भगाने की बजाय उसे अच्छी तरह से योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को सेवाएं व योजनाएं समय पर देने के लिए कृत संकल्पित है। ऐसे में अधिकारी बिना जुर्माने व दंडात्मक कार्यवाही के पहले ही अपना कार्य अच्छी प्रकार से करें।
सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि राज्य के लोगों को संतुष्टि पूर्ण सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार कई अहम कदम उठा रही है। अब पोर्टल पर कस्टमर रेटिंग की बजाय हैप्पीनेस रेटिंग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेटिंग के तहत सेवाएं व योजनाएं लेने वाले नागरिक के पास अधिकार है कि वह कुल पांच नंबर में से अधिकारियों को कितना नंबर देगा। इन अंकों से पता चल सकेगा कि लोग राज्य सरकार की सेवाओं से कितने संतुष्ट हैं।
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गुप्ता बुधवार को पंचायत भवन में हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम 2014 के तहत अधिसूचित सेवाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों तथा नागरिक समूह को संबोधित कर रहे थे। बैठक में उपायुक्त अजय कुमार ने आगंतुकों का स्वागत किया। नगराधीश अमित कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिला के विभागों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। अंत में अतिरिक्त उपायुक्त अनुराग ढालिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, डीएमसी डॉ जेके आभीर, बीजेपी के जिला प्रधान राकेश शर्मा, मनीष मित्तल, पूर्व चेयरमैन गोविंद भारद्वाज व सत्यव्रत शास्त्री सहित अन्य मौजूद रहे।
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लोगों को समयबद्ध सेवाएं देने के लिए ऑटो अपील सिस्टम(आस) लागू किया गया है। अब किसी भी प्रकार की ऑनलाइन सेवा व योजनाओं के लिए आवेदन करने वाले को कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। उसकी पैरवी अपने आप सिस्टम करेगा और उसके बाद भी अगर निर्धारित समय पर कार्य नहीं होता है तो उसकी अपील अपने आप एसडीएम, एडीसी तथा डीसी के पास होगी। इसके बाद भी निर्धारित समय पर काम नहीं होता है तो आयोग के समक्ष वह आवेदन अपने आप चला जाएगा। उसके बाद आयोग दंडात्मक कार्रवाई शुरू करेगा। इस प्रणाली से
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हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग की सचिव मीनाक्षी राज ने पंचायत भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में कहा कि अब सरकार के अधिकारियों व कर्मचारियों को अपना रवैया बदलना होगा। अब भगा दो नहीं, बता दो के फार्मूले को अपनाएं। उन्होंने कहा कोई आवेदक अगर कार्यालय में आता है तो उसे भगाने की बजाय उसे अच्छी तरह से योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों को सेवाएं व योजनाएं समय पर देने के लिए कृत संकल्पित है। ऐसे में अधिकारी बिना जुर्माने व दंडात्मक कार्यवाही के पहले ही अपना कार्य अच्छी प्रकार से करें।
सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने कहा कि राज्य के लोगों को संतुष्टि पूर्ण सेवाएं देने के लिए राज्य सरकार कई अहम कदम उठा रही है। अब पोर्टल पर कस्टमर रेटिंग की बजाय हैप्पीनेस रेटिंग कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेटिंग के तहत सेवाएं व योजनाएं लेने वाले नागरिक के पास अधिकार है कि वह कुल पांच नंबर में से अधिकारियों को कितना नंबर देगा। इन अंकों से पता चल सकेगा कि लोग राज्य सरकार की सेवाओं से कितने संतुष्ट हैं।