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Mahendragarh-Narnaul News: उगते सूरज को अर्घ्य देने के साथ छठ पर्व संपन्न
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फोटो नंबर-24नारनौल के जेठूबाबा जलाशय में खड़े होकर उगते सूरज को अर्घ्य देती महिलाएं। संवाद
नारनौल। शहर के जेठूबाबा जलाशय पर शुक्रवार सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद छठ महापर्व का समापन हो गया। उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं अल सुबह तीन बजे ही जेठूबाब मंदिर के जलाशय पर पहुंच गई थी। महिलाओं ने उगते सूरज को अर्घ्य देने के लिए टोकरी में फल आदि सजाकर घाट पर बैठ पूजा-अर्चना की।
इस दौरान जेठूबाबा मंदिर को भी भव्य रूप से सजाया गया था और बिहार से यहां रहे लोगों ने आतिशबाजी भी की। इस दौरान छठ महापर्व मनाने वाले सत्यनारायण गुप्ता, उमेश पोसवाल तथा अवधेश ठाकुर ने बताया कि छठ महापर्व पांच नवंबर को नहाय-खाय से शुरू हुआ था। इसके बाद छह नवंबर को खराना व सात नवंबर की शाम को डूबते सूरज को अर्घ्य दिया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान महिलाओं ने 36 घंटे का उपवास रखा।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार को छठ पर्व के समापन पर सुबह ही महिलाएं घाट पर आ गई थी और उन्होंने हाथों में श्रीफल व अन्य फल के साथ दीपक लेकर पानी में खड़े रहते हुए उगते सूरज को अर्घ्य दिया। सूरज को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने फल के प्रसाद से अपना व्रत खोला। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों को भी प्रसाद वितरित किया गया। छठ पर्व के इस उत्सव को भले ही यहां रहे बिहार व यूपी के कम लोगों ने मनाया परंतु इसे देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ लगी रही। सभी ने उनके उपवास व आयोजन की खूब प्रशंसा की।
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इस दौरान जेठूबाबा मंदिर को भी भव्य रूप से सजाया गया था और बिहार से यहां रहे लोगों ने आतिशबाजी भी की। इस दौरान छठ महापर्व मनाने वाले सत्यनारायण गुप्ता, उमेश पोसवाल तथा अवधेश ठाकुर ने बताया कि छठ महापर्व पांच नवंबर को नहाय-खाय से शुरू हुआ था। इसके बाद छह नवंबर को खराना व सात नवंबर की शाम को डूबते सूरज को अर्घ्य दिया गया। उन्होंने बताया कि इस दौरान महिलाओं ने 36 घंटे का उपवास रखा।
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उन्होंने बताया कि शुक्रवार को छठ पर्व के समापन पर सुबह ही महिलाएं घाट पर आ गई थी और उन्होंने हाथों में श्रीफल व अन्य फल के साथ दीपक लेकर पानी में खड़े रहते हुए उगते सूरज को अर्घ्य दिया। सूरज को अर्घ्य देने के बाद महिलाओं ने फल के प्रसाद से अपना व्रत खोला। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों को भी प्रसाद वितरित किया गया। छठ पर्व के इस उत्सव को भले ही यहां रहे बिहार व यूपी के कम लोगों ने मनाया परंतु इसे देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ लगी रही। सभी ने उनके उपवास व आयोजन की खूब प्रशंसा की।
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