{"_id":"60ff00a78ebc3e584c5726c8","slug":"cheers-of-bhole-bhole-echoed-in-the-pagodas-narnol-news-rtk619035754","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवालयों में गूंजे बम भोले के जयकारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिवालयों में गूंजे बम भोले के जयकारे
विज्ञापन
मोदाश्रम महेंद्रगढ़ में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। संवाद
- फोटो : Narnol
क्षेत्र में श्रावण के पहले सोमवार को शिवालयों में बमबम भोले के जयकारे गूंजे। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जलाभिषेक किया और पूजा अर्चना की। युगल जोड़ों ने साथ मिलकर जलाभिषेक किया और व्रत भी रखा।
शहर के सबसे बड़े मंदिर मोदाश्रम में भीड़ न लगे इसके लिए पहले से व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा मोहल्ला सैनीपुरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, मूर्ति नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर, मोहल्ला नीमड़ी नीचे स्थित साईं मंदिर, पुराना बस स्टैंड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, 11 हट्टा बाजार स्थित शिव मंदिर सहित शहर के अनेक मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
रविवार को श्रावण माह की शुरुआत हो चुकी है। मंदिरों को भी सजा दिया गया है। शिव मंदिरों में पहले सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह रहा। पिछले वर्ष कोरोना काल की वजह से मंदिर बंद रहे थे। इस वर्ष सरकार की ओर से कुछ पाबंदियों के तहत मंदिर खोले गए हैं। सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालु मंदिरों में पूजा अर्चना कर रहे हैं। सोमवार को श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी का पालन कर जलाभिषेक किया। सनातन धर्म में सावन का विशेष महत्व बताया गया है। यह पावन महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में शिवभक्त श्रद्धालु जल, दूध और गंगाजल आदि से महादेव का जलाभिषेक करते हैं।
विज्ञापन
इस साल सावन माह का शुभारंभ आयुष्मान सौभाग्य योग में है। पवित्र माह में चार सोमवार और दो प्रदोष पड़ेंगे। साथ ही पूजा अनुष्ठान के लिए कई योग भी होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते शिवालय बंद रहने पर भक्त घर पर ही पूजा करें। घर पर की गई पूजा का फल मंदिर में की गई पूजा के बराबर मिलता है।
महादेव की पूजा अर्चना विशेष फलदायी
मां दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित सीताराम ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक मात्र से ही सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए सावन मास में महादेव की पूजा अर्चना विशेष फलदायी है। पंडित रविदत्त शर्मा ने बताया कि सावन का महीना पूरी तरह से शिव तथा प्रकृति को समर्पित है और इस महीने में जो भी सच्चे दिल से भगवान शिव की आराधना व पूजा अर्चना करता है तो उसको सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।
विज्ञापन
शहर के सबसे बड़े मंदिर मोदाश्रम में भीड़ न लगे इसके लिए पहले से व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा मोहल्ला सैनीपुरा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर, मूर्ति नगर स्थित राधा कृष्ण मंदिर, मोहल्ला नीमड़ी नीचे स्थित साईं मंदिर, पुराना बस स्टैंड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, 11 हट्टा बाजार स्थित शिव मंदिर सहित शहर के अनेक मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
विज्ञापन
रविवार को श्रावण माह की शुरुआत हो चुकी है। मंदिरों को भी सजा दिया गया है। शिव मंदिरों में पहले सोमवार को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह रहा। पिछले वर्ष कोरोना काल की वजह से मंदिर बंद रहे थे। इस वर्ष सरकार की ओर से कुछ पाबंदियों के तहत मंदिर खोले गए हैं। सरकार की गाइडलाइन का पालन करते हुए श्रद्धालु मंदिरों में पूजा अर्चना कर रहे हैं। सोमवार को श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी का पालन कर जलाभिषेक किया। सनातन धर्म में सावन का विशेष महत्व बताया गया है। यह पावन महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में शिवभक्त श्रद्धालु जल, दूध और गंगाजल आदि से महादेव का जलाभिषेक करते हैं।
विज्ञापन
इस साल सावन माह का शुभारंभ आयुष्मान सौभाग्य योग में है। पवित्र माह में चार सोमवार और दो प्रदोष पड़ेंगे। साथ ही पूजा अनुष्ठान के लिए कई योग भी होंगे। कोरोना संक्रमण के चलते शिवालय बंद रहने पर भक्त घर पर ही पूजा करें। घर पर की गई पूजा का फल मंदिर में की गई पूजा के बराबर मिलता है।
महादेव की पूजा अर्चना विशेष फलदायी
मां दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित सीताराम ने बताया कि सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। भक्तिरस में डूबे श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक मात्र से ही सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है। इसलिए सावन मास में महादेव की पूजा अर्चना विशेष फलदायी है। पंडित रविदत्त शर्मा ने बताया कि सावन का महीना पूरी तरह से शिव तथा प्रकृति को समर्पित है और इस महीने में जो भी सच्चे दिल से भगवान शिव की आराधना व पूजा अर्चना करता है तो उसको सारे कष्टों से मुक्ति मिल जाती है।