फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Cattle free district on paper, in reality more than five thousand animals roaming the streets

कागजों में कैटल फ्री जिला, हकीकत में सड़कों पर घूम रहे पांच हजार से अधिक पशु

Tue, 05 Oct 2021 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 11:30 PM IST
विज्ञापन
Cattle free district on paper, in reality more than five thousand animals roaming the streets
पुरानी कचहरी में बैठे बेसहारा पशु। - फोटो : Narnol
प्रशासन ने भले ही शहर को कागजों में कैटल फ्री घोषित कर रखा है लेकिन हकीकत में पांच हजार से अधिक बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं। लगातार बढ़ती बेसहारा पशुओं की तादाद प्रशासन के कैटल फ्री के दावों की पोल खोल रही है। हालत ये है कि शहर की गली-मोहल्लों से लेकर मुख्य बाजार, मुख्य सड़कों पर इनका जमावड़ा लगा रहता है। आए दिन कहीं न कहीं ऐसे पशुओं से चोटिल होने व इनके कारण हादसे होने की सूचनाएं आती रहती हैं। यहीं नहीं शहरवासी ऐसे पशुओं से छुटकारा दिलाने के लिए गुहार भी लगाते रहते हैं, लेकिन अधिकारी इस ओर ध्यान ही दे रहे। ऐसे में ये बेसहारा पशु लोगों के लिए मुसीबत का सबब बने हैं।
विज्ञापन

शहर में पिछले कुछ समय से प्रशासन की तरफ शहर में घूमने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए कोई अभियान नहीं चलाया गया है और न ही कोई योजना बनाई है। जिस कारण इन पशुओं की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। शहर की मुख्य सड़कों, मुख्य बाजारों, गली, मोहल्लों में इनका जमावड़ा लगा रहता है। कई बार ये मुख्य बाजारों व सड़कों पर हिंसक रूप धारण कर उत्पात मचाते है। हिंसक झड़प में ये बेसहारा पशु दुकानों के बाहर रखे सामान व वाहन को चपेट में लेकर क्षतिग्रस्त कर देते है। कई बार तो ये आमजन भी अपनी चपेट में लेकर घायल कर देते है। इस प्रकार अभी तक अनेक लोग इनकी चपेट में आ चुके है। वहीं प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनभिज्ञ बना हुआ है।
विज्ञापन

नारनौल शहर में तीन बड़ी गोशालाएं है। जिनमें हजारों की संख्या में पशुओं को रखा जा रहा है। इनमें रेवाड़ी रोड पर गंदे नाले के साथ में स्थित गोपाल गोशाला व निजामपुर रोड पर श्री अनाथ गोशाला को सामाजिक संस्थाओं द्वारा चलाया जा रहा है। जबकि रघुनाथपुरा स्थित नंदी गोशाला प्रशासन की देखरेख में चलाई जा रही है। इन गोशालाओं में क्षमता से अधिक पशुओं को रखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर में बढ़ती बेसहारा पशुओं की तदाद को रोकने के लिए प्रशासन के कोई ठोस योजना नहीं है। प्रशासन ने कई बार ऐसे पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छुड़वाया भी है लेकिन कुछ समय बाद दोबारा से वहीं पशु सड़कों पर दिखाई देने लगते है। वर्तमान में घूम रहे पशुओं में भी अनेक पशु ऐसे है जो गोशालाओं से छोड़े गए है। इन पशुओं पर गोशालाओं की टैग लगी है। इसके बावजूद ये सड़कों पर घूम रहे हैं।
शहर में घूमने वाले बेसहारा पशुओं में नंदी की तादाद अधिक है। जबकि नंदियों को रखने में गोशालाएं भी असमर्थता जाहिर कर चुकी है। कुछ समय पूर्व प्रशासन गोशाला प्रबंधकों के साथ बैठक कर ऐसे पशुओं को गोशालाओं में रखने की बात कही थी, लेकिन प्रबंधकों ने नंदियों को गोशालाओं में रखने में मजबूरी जाहिर की थी क्योंकि ये हिंसक होने के साथ-साथ अन्य पशुओं को भी नुकसान पहुंचाते है। इसके अलाव इन्हें अलग से रखने व इनके खाने-पीने के लिए अलग से व्यवस्था करनी पड़ती है।

शहर में बेसहारा पशुओं की तादाद काफी बढ़ गई है। इन पशुओं को रखने के लिए जगह देखी जा रही है, क्योंकि गोशालाओं में पहले ही क्षमता से अधिक पशु है। जगह निर्धारित होते ही इनको पकड़कर वहां छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। -सुमन लता, ईओ नगर परिषद नारनौल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed