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पीएनबी के लोन अधिकारी ने फर्जी लोन खाते खोलकर हड़पे डेढ़ करोड़ रुपये

Fri, 15 Jul 2022 11:36 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2022 11:36 PM IST
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Case filed against loan officer of PNB for grabbing Rs 1.5 crore
नारनौल। धोखाधड़ी कर डेढ़ करोड़ रुपये हड़पने के आरोप में नई मंडी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मुख्य शाखा के तत्कालीन लोन इंचार्ज के खिलाफ शहर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। बैंक प्रबंधक गौरव शर्मा ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर आरोपी बैंक अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद शहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। ॉ
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पुलिस अधीक्षक को दी गई शिकायत में बैंक शाखा प्रबंधक गौरव शर्मा ने बताया कि मधुरू हर्षवर्धन रेड्डी 10 जुलाई 2019 से 04 जून 2022 तक बतौर लोन इंचार्ज पंजाब नैशनल बैंक मुख्य शाखा नारनौल में कार्यरत रहे। इस अवधि में उन्होंने अपने स्तर पर सिस्टम में 37 फर्जी लोन एकाउंट खोले जिनके संबंध में लोन एकाउंट से संबंधित व्यक्तियों को न बुलाया गया और न ही लोन की फाइल तैयार की गई तथा न ही ग्राहक के कोई हस्ताक्षर व अंगूठे लगवाए गए। न ही ग्राहक से कोई दस्तावेज लिए गए। इस संबंध में कोई ऑफलाइन रिकॉर्ड नहीं है। लोन इंचार्ज ने केवल सिस्टम में ही जनरेट करके लोन पास कर दिए। वहीं फर्जी व्यक्तियों के नाम लोन एकाउंट खोलकर उनकी राशि स्वयं दोषी ने अपने खाते में तथा अन्य व्यक्तियों के एकाउंट में ट्रांसफर करके बैंक राशि का लोन देने के नाम पर गबन किया है। बैंक में इंटरनल ऑडिट का कार्य 31 मई 2022 से शुरू किया गया था लेकिन इस दौरान आरोपी का ट्रांसफर भी होना था और रिलीव आर्डर होने के बाद आरोपी को 04 जून 2022 को रिलीव कर दिया गया। इसके बाद 9 जून 2022 को जब ऑडिटर ने सिस्टम में दर्शाये और लोन किए गए एकाउंटस की असल लोन फाइल की मांग की। इसके बाद उक्त 37 फर्जी ऑनलाइन एकाउंटस की ओरिजनल लोन फाइलाें को कार्यालय में सर्च किया गया लेकिन कोई रिकार्ड कार्यालय में नहीं मिला। चूंकि आरोपी ने केवल ऑनलाइन बैंक से उक्त नाजायज राशि ऐंठने व हड़पने की मंशा से फर्जी व्यक्तियों के नाम दर्ज करके लोन अकाउंट ओपन किए थे। जिनकी कोई फाइल नहीं बनाई गई और ना ही कोई रिकार्ड बैंक शाखा में बतौर रिकार्ड रखी गई। जो उक्त लोन अकाउंटस की फाइलें ना मिलने पर आरोपी से संपर्क किया गया तो उसका नंबर नाट रिचेबल पाया गया।
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इस पर अपने सक्षम अधिकारियों को उक्त घोटाले बारे जांच के लिए लिखा। जांच में धोखाधड़ी से बैंक की राशि हड़प करना पाया गया। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। बैंक प्रबंधक के अनुसार लोन इंचार्ज ने 37 लोन खाते में स्वीकृत राशि 2 करोड़ 26 लाख 35 हजार रुपये अपने तथा अन्य व्यक्तियों के अकाउंट में ट्रांसफर किए गए। इनमें 11 लोन खातों की स्वीकृत राशि 63 लाख 30 हजार रुपये आरोपी द्वारा रिकवर कर खाते बंद किए जा चुके है। जोकि अब बैंक की कुल बकाया राशि 1 करोड़ 53 लाख 24681 हजार रुपये है। शिकायतकर्ता बैंक प्रबंधन ने उक्त राशि की रिकवरी व धोखाधड़ी करने पर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने बैंक प्रबंधक की शिकायत पर तत्कालीन लोन इंचार्ज अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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