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Mahendragarh-Narnaul News: वर्ष 2047 तक 50 हजार की आबादी को नहीं होगी पेयजल समस्या

Wed, 16 Oct 2024 02:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 16 Oct 2024 02:00 AM IST
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By the year 2047, population of 50 thousand will not have drinking water problem.
फोटो संख्या:77- जनस्वाथ्य अ​भियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़--संवाद
मनोज राजपूत
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महेंद्रगढ़। पिछले तीन दशक के दौरान शहर की आबादी दोगुनी हो गई, लेकिन पेयजल सुविधाएं वहीं की वहीं हैं। अब शहरवासियों की इस समस्या से जल्द निजात मिलने की उम्मीद जगी है। अटल मिशन की इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए गत 25 अप्रैल को जन स्वास्थ्य विभाग की तकनीकी शाखा की ओर से भेजे गए 19.18 करोड़ रुपये के बजट को स्वीकृति मिल चुकी है। आचार संहिता हटने के बाद इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया गया है। विभाग इस परियोजना पर विभाग कुल 24 करोड़ रुपये खर्च करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद वर्ष 2047 तक 50 हजार की आबादी को पेयजल के लिए कोई परेशानी नहीं होगी।
- तीन दशक पूर्व बनी 20 हजार क्षमता के जलघर से हो रही पेयजल आपूर्ति की खानापूर्ति
तीन दशक पहले शहर की करीब 20 हजार की आबादी के लिए गांव देवास स्थित परियोजना को तैयार किया गया था। इसमें चार वाटर टैंक बनाकर चार किलोमीटर भूमिगत पाइप लाइन दबाकर शहर में बने बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल आपूर्ति की जाती है। तीन दशक में आबादी 50 हजार तक पहुंच गई। इसके कारण शहर में हर वर्ष पेयजल की समस्या बढ़ने लगी थी। गांव देवास में वाटर टैंक बनाया गया था व वहीं फिल्टर सिस्टम भी लगाकर शहर में पेयजल आपूर्ति होती है। समय के साथ-साथ जहां एक तरफ शहर की आबादी तेजी से बढ़ती गई वहीं दूसरी तरफ देवास स्थित इस ट्रीटमेंट प्लांट एवं वाटर टैंक का विस्तार उस तेजी से नहीं हो पाया। गर्मी के दिनों में तो कुछ इलाकों में तीन-तीन दिन तक भी पानी की सप्लाई बंद रहती है तथा कभी-कभार तो एक सप्ताह तक भी पानी नहीं पहुंच पाता है।
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- तीन दशक के दौरान बनी कालोनियों में भी पहुंचेगा पानी:
अटल मिशन के तहत इस प्रोजेक्ट के लिए 24 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसके परियोजना के तहत गांव चितलांग व देवास दोनों गांवों की 11 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण करके वहां पर दो नए टैंक बनाए जाएंगे। साथ ही मौजूदा देवास जलघर के फिल्टर सिस्टम को भी दुरूस्त करके क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। शहर में तीन अतिरिक्त बूस्टिंग स्टेशन बनाकर ऊंचाई वाले क्षेत्र में पेयजल पहुंचाया जाएगा। साथ ही तीन दशक के दौरान बनी नई कालोनियों में भी पेयजल उपलब्ध हो पाएगा। जन स्वास्थ्य विभाग ने 19.18 करोड़ के विस्तृत ऐस्टिमेट को मंजूरी मिल चुकी है। परियोजना के लिए 11 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा जिस पर लगभग ढाई से तीन करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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- वर्जन:
इस परियोजना के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। अब आचार संहिता भी हट चुकी है तो इसे धरातल पर उतारने के लिए आगामी दो माह के समय में सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। विभाग के उच्चाधिकारी लगातार इस परियोजना पर काम करने के योजनाएं बना रहे हैं। जल्द ही काम शुरू कराने का प्रयास रहेगा।

--- दीपचंद, कनिष्ठ अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग महेंद्रगढ़।

फोटो संख्या:77- जनस्वाथ्य अभियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़--संवाद

फोटो संख्या:77- जनस्वाथ्य अभियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़--संवाद

फोटो संख्या:77- जनस्वाथ्य अभियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़--संवाद

फोटो संख्या:77- जनस्वाथ्य अभियांत्रिकी विभाग महेंद्रगढ़--संवाद

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