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Mahendragarh-Narnaul News: रामगढ़ भगवानपुर में अस्पताल बनाओ आंदोलन तेज
Thu, 11 Sep 2025 11:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 11 Sep 2025 11:45 PM IST
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फोटो 20अटेली मंडी में अस्पताल बनाओ संघर्ष समिति रेवाड़ी पत्रकार वार्ता करते हुए। संवाद
मंडी अटेली। रामगढ़ भगवानपुर अस्पताल बनाओ संघर्ष समिति रेवाड़ी ने अटेली में वीरवार को पत्रकार वार्ता कर जनता और सामाजिक संगठनों से समर्थन मांगा है।
स्थानीय जांगड़ा धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति सदस्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि सांसद द्वारा भगवानपुर गांव की पंचायती जमीन पर 200 बेड का अस्पताल बनाने का वादा किया गया था। पंचायत द्वारा इसके बदले में 10 एकड़ जमीन शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर वर्क्स के लिए दी, जबकि सात एकड़ सात कनाल नौ मरला जमीन अस्पताल निर्माण के लिए सरकार को मुफ्त में सौंप दी। रजिस्ट्री भी पूरी कर दी गई थी। लेकिन अब अस्पताल बनाने से इंकार कर दिया गया है। निरीक्षण विशेषज्ञों की रिपोर्ट में यह जमीन अस्पताल के लिए उपयुक्त बताई गई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा शाहबाजपुर खालसा की जमीन का प्रस्ताव आगे बढ़ाने का आदेश जारी किया गया, जिससे ग्रामीणों में रोष है। इस बात का विरोध जताने पहुंचे ग्रामीणों से राव इंद्रजीत सिंह ने मिलने से इनकार कर पुलिस बुलाकर उन्हें हटवा दिया।
संघर्ष समिति ने बताया कि 17 जून से लोकतांत्रिक आंदोलन चल रहा है और मुख्यमंत्री को कई ज्ञापन दिए जा चुके हैं। समिति ने बताया कि स्वास्थ्य जनता की मूल आवश्यकता है और इसे लेकर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया कि 10 एकड़ जमीन, जो वाटर वर्क्स के लिए दी गई है, उसे वापस नहीं लिया जाएगा। सरपंच प्रतिनिधि भगवानपुर अनिल कुमार ने बताया कि यह आंदोलन क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है और जनहित में इसे आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मेहर सिंह बुडानी, अभय सिंह फिदेड़ी, पृथ्वी सिंह बालिया खुर्द, सतीश कुमार रामगढ़, तेज सिंह रामगढ़, बेगराज भगवानपुर, राहुल सेन गोकलपुर, मनोज रामगढ़, डॉ राजेंद्र खरब, मास्टर सूबे सिंह, कामरेड ओमप्रकाश तथा सुबेसिंह इत्यादि मौजूद रहे ।
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स्थानीय जांगड़ा धर्मशाला में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति सदस्य राजेंद्र सिंह ने बताया कि सांसद द्वारा भगवानपुर गांव की पंचायती जमीन पर 200 बेड का अस्पताल बनाने का वादा किया गया था। पंचायत द्वारा इसके बदले में 10 एकड़ जमीन शहर की पेयजल आपूर्ति के लिए वाटर वर्क्स के लिए दी, जबकि सात एकड़ सात कनाल नौ मरला जमीन अस्पताल निर्माण के लिए सरकार को मुफ्त में सौंप दी। रजिस्ट्री भी पूरी कर दी गई थी। लेकिन अब अस्पताल बनाने से इंकार कर दिया गया है। निरीक्षण विशेषज्ञों की रिपोर्ट में यह जमीन अस्पताल के लिए उपयुक्त बताई गई है। इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री द्वारा शाहबाजपुर खालसा की जमीन का प्रस्ताव आगे बढ़ाने का आदेश जारी किया गया, जिससे ग्रामीणों में रोष है। इस बात का विरोध जताने पहुंचे ग्रामीणों से राव इंद्रजीत सिंह ने मिलने से इनकार कर पुलिस बुलाकर उन्हें हटवा दिया।
संघर्ष समिति ने बताया कि 17 जून से लोकतांत्रिक आंदोलन चल रहा है और मुख्यमंत्री को कई ज्ञापन दिए जा चुके हैं। समिति ने बताया कि स्वास्थ्य जनता की मूल आवश्यकता है और इसे लेकर आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। साथ ही स्पष्ट किया कि 10 एकड़ जमीन, जो वाटर वर्क्स के लिए दी गई है, उसे वापस नहीं लिया जाएगा। सरपंच प्रतिनिधि भगवानपुर अनिल कुमार ने बताया कि यह आंदोलन क्षेत्रवासियों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए है और जनहित में इसे आगे बढ़ाया जाएगा। इस अवसर पर मेहर सिंह बुडानी, अभय सिंह फिदेड़ी, पृथ्वी सिंह बालिया खुर्द, सतीश कुमार रामगढ़, तेज सिंह रामगढ़, बेगराज भगवानपुर, राहुल सेन गोकलपुर, मनोज रामगढ़, डॉ राजेंद्र खरब, मास्टर सूबे सिंह, कामरेड ओमप्रकाश तथा सुबेसिंह इत्यादि मौजूद रहे ।
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