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बजट के अभाव में लटका ई-दिशा केंद्र भवन का निर्माण कार्य

Fri, 10 Mar 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 10 Mar 2017 12:24 AM IST
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ई-दिशा केंद्र की आधी-अधूरी बिल्ड‌िंग
 लघु सचिवालय की बिल्डिंग के पास बन रहे नए ई-दिशा केंद्र भवन को बजट के अभाव में दिशा नहीं मिल पाई है। जिस स्कीम के तहत इस भवन का निर्माण होना था, केंद्र सरकार ने वह स्कीम बंद कर दी है। स्कीम बंद हो जाने के कारण अब इस भवन निर्माण के लिए पैसे नहीं मिल रहे हैं। जिसके चलते ई-दिशा केंद्र भवन का निर्माण कार्य अब अधर में लटक गया है। कई माह से कार्य बंद होने के कारण आधी-अधूरी बिल्डिंग खंडहर बनती जा रही है। अधिकारी अब यह भी नहीं बता पा रहे हैं कि इसका निर्माण कार्य कब दोबारा शुरू किया जाएगा।
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केंद्र सरकार की बीआरजीएफ स्कीम बंद हो जाने के कारण ई दिशा केंद्र भवन का निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। इस भवन का निर्माण कार्य कांग्रेस सरकार में 16 अगस्त 2014 को शुरू किया गया था। जिसके निर्माण पर करीब दो करोड़ 97 लाख रुपये की लागत आनी थी। पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता द्वारा बनाई जा रही इस बिल्डिंग को पूरा करने के लिए दो साल का समय दिया गया था, जो 15 अगस्त 2016 तक पूरा होना निर्धारित किया गया था। लेकिन भाजपा सरकार में यह योजना बंद हो गई तथा भवन का निर्माण कार्य लटक गया।
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नहीं चढ़ी योजना सिरे, लोग परेशान
केंद्र सरकार द्वारा स्कीम बंद किए जाने के बाद सरकार की करोड़ों रुपये की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। इससे लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में लघु सचिवालय में ही ई-दिशा केंद्र चलाया जा रहा है। जोकि क्षेत्रफल में काफी छोटा है। इसके अलावा ई-दिशा केंद्र में कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए खिड़की भी नहीं बनाई गई है। इस कारण लोगों को अपने कार्य के लिए अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
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उजाड़ दिया था हरा भरा पार्क
जिस जगह पर ई-दिशा केंद्र भवन का निर्माण किया जा रहा है, उस जगह पर पहले पार्क बना हुआ था। जिसे निर्माण कार्य शुरू होने पहले हरे भरे पार्क को उजाड़ दिया गया था।
एक ही मंजिल तक हुआ निर्माण
स्कीम के बंद हो जाने तक इस बिल्डिंग का निर्माण के केवल एक ही मंजिल तक हो पाया है। पहली मंजिल तक भी केवल लेंटर डाला गया। अगर इसकी लिपाई आदि भी हो जाती तो पहली मंजिल में रूम आदि बनाए जा सकते थे।
अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
जिस जगह इस भवन का निर्माण हो रहा है, वह डीसी, एसडीएम, सीटीएम कार्यालय के सामने है। अधिकारी प्रतिदिन इसके सामने से निकलते हैं फिर भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे।
ई दिशा केंद्र के कार्य
ई दिशा केंद्र में मुख्य रूप से लाइसेंस, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं।

लघु सचिवालय में स्थित ई दिशा केंद्र बहुत छोटा है। यहां पर थोड़ी सी भीड़ होते ही यह भरा भरा दिखाई देने लगता है। इसलिए नए भवन की जरूरत है। -संजय शर्मा, आरटीआई कार्यकर्ता

ई दिशा केंद्र में जब भी मैं काम के लिए जाता हूं, तो एक ही हॉल में सब होने से धक्का-मुक्की होती है। इसलिए इस केंद्र को नए भवन में शिफ्ट करने की आवश्यकता है। -रविंद्र सैनी, समाज सेवी

सरकार करोड़ों रुपये का बजट तो पास कर देती है, मगर इस पर काम नहीं हो पाता। यदि समय पर काम हो जाए तो लोगों को काफी राहत मिले। - दुलीचंद शर्मा, शिक्षाविद

मौजूदा सरकार में काम बहुत ही धीमी गति से हो रहे हैं। इससे लोगों को परेशान हो रही है। लोगों के अनेक काम अटके हुए हैं। जिसे जल्द पूरा होना चाहिए। -सतपाल छिलरो, व्यापारी


ई दिशा केंद्र भवन का निर्माण केंद्र सरकार की बीआरजीएफ स्कीम से होना था, जो अब बंद हो गई है। इसलिए इसका निर्माण कार्य रुका हुआ है। उपायुक्त से इस बारे में बात करके इसका निर्माण कार्य अन्य स्कीमों से पूरा करवाने का प्रयास करूंगा। -नरेश यादव, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज
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