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Mahendragarh-Narnaul News: दिन में झाड़ू, रात में मशीनें...हर वक्त जारी रहेगी शहर की सफाई व्यवस्था
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फोटो नंबर-06सफाई के अभाव में काठ मंडी के अंदर सड़क पर फैली गंदगी। संवाद
नारनौल। शहर की सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाया है। म्हारी सड़क योजना के तहत विशेष रोड स्वीपिंग अभियान शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए 26 करोड़ रुपये का बजट सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही योजना पर तेजी से काम शुरू होगा।
पांच साल तक चलने वाले इस अभियान में 24 घंटे सफाई होगी। दिन में कर्मचारी झाड़ू लगाकर कचरा एकत्र करेंगे और रात में मशीनों से मुख्य सड़कों व बाजारों की गहन सफाई की जाएगी। इससे शहर की स्वच्छता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
यह अभियान सामान्य सफाई से अलग होगा और खासतौर पर सड़कों की सफाई पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए करीब 150 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी जो केवल सड़क सफाई का कार्य संभालेंगे। साथ ही आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सफाई को और प्रभावी बनाया जाएगा।
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योजना के तहत दो सुपर शकर मशीन, दो रोड स्वीपिंग मशीन और 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कई उपकरण खरीदे जाएंगे। इससे सड़कों पर जमा धूल, कचरा और मलबा तेजी से हटाया जा सकेगा।
9 गांवों को भी होगा लाभ
इससे नगर परिषद में शामिल हुए 9 गांवों की सड़कों को भी लाभ मिलेगा। अभी तक कर्मचारियों की कमी के कारण और नगर परिषद का क्षेत्र बढ़ जाने से सभी स्थानों पर सफाई में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब इन गांवों की सड़कों को भी साफ किया जाएगा।
नप के पास पर्याप्त संसाधनों की कमी
बाजारों व गली मोहल्लों की कुल मिलकार 600 सड़कों व 10 के करीब मुख्य सड़कों पर सफाई करने के लिए नगर परिषद के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने कारण शहर में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। नप के पास इतने बड़े क्षेत्र में सफाई के लिए केवल 195 कर्मचारी है। नगर परिषद के टैंपों और ट्रैक्टर ट्राली भी खस्ता हाल हो चुके हैं जिनसे कूड़ा भी ठीक तरह से नहीं हो पा रहा था।
वर्जन:
एनजीटी के दिशा-निर्देश पर शहर की सड़कों और मुख्य मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर म्हारी सड़क योजना के तहत सरकार को 26 करोड़ का बजट बनाकर भेजा गया है। जैसे ही यह मंजूरी मिलेगी वैसे ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -राकेश पुनिया, एक्सईएन नगर परिषद, नारनौल
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पांच साल तक चलने वाले इस अभियान में 24 घंटे सफाई होगी। दिन में कर्मचारी झाड़ू लगाकर कचरा एकत्र करेंगे और रात में मशीनों से मुख्य सड़कों व बाजारों की गहन सफाई की जाएगी। इससे शहर की स्वच्छता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
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यह अभियान सामान्य सफाई से अलग होगा और खासतौर पर सड़कों की सफाई पर केंद्रित रहेगा। इसके लिए करीब 150 अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी जो केवल सड़क सफाई का कार्य संभालेंगे। साथ ही आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सफाई को और प्रभावी बनाया जाएगा।
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योजना के तहत दो सुपर शकर मशीन, दो रोड स्वीपिंग मशीन और 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित कई उपकरण खरीदे जाएंगे। इससे सड़कों पर जमा धूल, कचरा और मलबा तेजी से हटाया जा सकेगा।
9 गांवों को भी होगा लाभ
इससे नगर परिषद में शामिल हुए 9 गांवों की सड़कों को भी लाभ मिलेगा। अभी तक कर्मचारियों की कमी के कारण और नगर परिषद का क्षेत्र बढ़ जाने से सभी स्थानों पर सफाई में परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब इन गांवों की सड़कों को भी साफ किया जाएगा।
नप के पास पर्याप्त संसाधनों की कमी
बाजारों व गली मोहल्लों की कुल मिलकार 600 सड़कों व 10 के करीब मुख्य सड़कों पर सफाई करने के लिए नगर परिषद के पास पर्याप्त संसाधन नहीं होने कारण शहर में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। नप के पास इतने बड़े क्षेत्र में सफाई के लिए केवल 195 कर्मचारी है। नगर परिषद के टैंपों और ट्रैक्टर ट्राली भी खस्ता हाल हो चुके हैं जिनसे कूड़ा भी ठीक तरह से नहीं हो पा रहा था।
वर्जन:
एनजीटी के दिशा-निर्देश पर शहर की सड़कों और मुख्य मार्गों पर विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसे लेकर म्हारी सड़क योजना के तहत सरकार को 26 करोड़ का बजट बनाकर भेजा गया है। जैसे ही यह मंजूरी मिलेगी वैसे ही इस पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। -राकेश पुनिया, एक्सईएन नगर परिषद, नारनौल